Mutual Fund Return: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि का निवेश अक्सर बेहतर परिणाम देता है। इसका ताजा उदाहरण ICICI Prudential Flexi Cap Fund है, जिसने अपने पांच साल पूरे कर लिए हैं। इस दौरान जिन निवेशकों ने हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू की थी, उनका कुल निवेश ₹6 लाख रहा, जो 30 जून 2026 तक बढ़कर करीब ₹8.47 लाख हो गया। वहीं एकमुश्त निवेश करने वाले निवेशकों को भी शानदार रिटर्न मिला।
पांच साल का सफर रहा शानदार
ICICI प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड की शुरुआत 17 जुलाई 2021 को हुई थी। बीते पांच वर्षों में भारतीय शेयर बाजार ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन फंड ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दिया।
फंड की रणनीति ‘Growth Creates Value’ यानी ग्रोथ आधारित निवेश दर्शन पर आधारित है। इसमें मजबूत कंपनियों की पहचान कर लंबी अवधि के लिए निवेश किया जाता है।
₹10,000 की SIP से बना ₹8.47 लाख का कॉर्पस
यदि किसी निवेशक ने फंड की शुरुआत के समय हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू की होती, तो 30 जून 2026 तक उसका कुल निवेश ₹6 लाख होता।
इस निवेश की वर्तमान वैल्यू बढ़कर लगभग ₹8.47 लाख हो गई है। इस अवधि में फंड का XIRR 13.83% रहा।
तुलना करें तो इसी अवधि में यदि निवेश BSE 500 TRI इंडेक्स के अनुसार होता, तो अनुमानित XIRR 10.43% रहता। यानी फंड ने अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया।
₹10 लाख का एकमुश्त निवेश पहुंचा ₹19.61 लाख
फंड में यदि किसी निवेशक ने शुरुआत में ₹10 लाख का एकमुश्त निवेश किया होता, तो पांच वर्षों में उसकी रकम बढ़कर लगभग ₹19.61 लाख हो गई।
इस दौरान फंड का CAGR 14.55% रहा।
वहीं यदि यही निवेश BSE 500 TRI में किया जाता, तो राशि लगभग ₹17.40 लाख होती और CAGR करीब 11.88% रहता।
कहां निवेश करता है यह फ्लेक्सीकैप फंड?
ICICI Prudential Flexi Cap Fund एक ओपन-एंडेड डायनामिक इक्विटी स्कीम है।
इस फंड में निवेश निम्न श्रेणियों के शेयरों में किया जाता है—
- लार्ज कैप कंपनियां
- मिड कैप कंपनियां
- स्मॉल कैप कंपनियां
फंड मैनेजर बाजार की परिस्थितियों और कंपनियों के मूल्यांकन के आधार पर विभिन्न मार्केट कैप में निवेश का अनुपात बदल सकते हैं।
बॉटम-अप स्टॉक पिकिंग पर रहता है फोकस
फंड की सबसे बड़ी खासियत इसकी Bottom-Up Stock Picking Strategy है।
इस रणनीति के तहत सबसे पहले मजबूत बिजनेस, अनुभवी मैनेजमेंट, बेहतर ग्रोथ क्षमता और आकर्षक वैल्यूएशन वाली कंपनियों का चयन किया जाता है। इसके बाद लंबी अवधि के लिए निवेश किया जाता है।
फंड का उद्देश्य ऐसे शेयरों को चुनना है जो बाजार में गिरावट के बाद अपेक्षाकृत तेजी से रिकवरी कर सकें।
पांच साल में NAV लगभग दोगुना
फंड हाउस के अनुसार मजबूत निवेश प्रक्रिया और हाई-एक्टिव शेयर रणनीति के कारण पिछले पांच वर्षों में इस स्कीम का नेट एसेट वैल्यू (NAV) लगभग दोगुना हो गया है।
इस स्कीम का Active Share लगातार 60% से अधिक रहा, जिससे यह अपने बेंचमार्क से अलग और हाई-कन्विक्शन पोर्टफोलियो बनाए रखने में सफल रही।
ग्रोथ और कॉन्ट्रा निवेश का संतुलित पोर्टफोलियो
फंड का पोर्टफोलियो दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित है—
- 60-65% निवेश ग्रोथ आधारित कंपनियों में
- 30-35% निवेश कॉन्ट्रा और साइक्लिकल अवसरों में
ग्रोथ पोर्टफोलियो में उन कंपनियों को जगह दी जाती है जिनकी कमाई लगातार बढ़ रही हो, प्रबंधन मजबूत हो और भविष्य की संभावनाएं बेहतर हों।
वहीं कॉन्ट्रा निवेश के तहत बाजार में गिरावट या अस्थायी कमजोरी वाले सेक्टरों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश किया जाता है।
कंजम्पशन सेक्टर पर ज्यादा फोकस
30 जून 2026 तक उपलब्ध पोर्टफोलियो के अनुसार फंड का झुकाव मुख्य रूप से कंजम्पशन आधारित सेक्टरों की ओर रहा।
फंड मैनेजर का मानना है कि घरेलू खपत आधारित कंपनियां लंबे समय में बेहतर ग्रोथ की संभावना रखती हैं।
फंड मैनेजर ने क्या कहा?
ICICI Prudential AMC के वरिष्ठ फंड मैनेजर रजत चंडक के अनुसार, पिछले पांच साल निवेशकों और फंड दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद काफी सफल रहे।
उन्होंने कहा कि फंड ने पूरे समय अपनी मूल निवेश रणनीति पर भरोसा बनाए रखा, जिसमें मजबूत कंपनियों की पहचान, अनुभवी मैनेजमेंट में विश्वास और लंबी अवधि के निवेश दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी गई।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
यह प्रदर्शन दिखाता है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि तक नियमित SIP जारी रखने से बाजार के उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम हो सकता है और बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, किसी भी म्यूचुअल फंड का पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


