नई दिल्ली, 18 जुलाई: भारत सरकार ने देश में समय की सटीकता और सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) प्रसार प्रदर्शन नेटवर्क’ का शुभारंभ किया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को बेंगलुरु स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड लेबोरेटरी (RRSL) में इस अत्याधुनिक नेटवर्क का उद्घाटन किया।
यह नेटवर्क ‘व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी’ (White Rabbit Technology) पर आधारित है, जो अत्यधिक सटीक और सुरक्षित समय सिंक्रोनाइजेशन (Time Synchronization) उपलब्ध कराती है। सरकार का मानना है कि यह पहल भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, वित्तीय बाजारों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
क्या है इंडियन स्टैंडर्ड टाइम प्रसार नेटवर्क?
यह प्रदर्शन नेटवर्क प्रिसिजन टाइम प्रोटोकॉल (PTP) आधारित व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है। इसके जरिए UTC (NPLI) से जुड़े भारतीय मानक समय (IST) को सुरक्षित, तेज और अत्यधिक सटीक तरीके से विभिन्न संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा।
इस परियोजना का विकास उपभोक्ता मामले विभाग, सीएसआईआर-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (CSIR-NPL) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने संयुक्त रूप से किया है।
किन क्षेत्रों को होगा सबसे बड़ा फायदा?
सरकार के अनुसार यह नेटवर्क कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समय की सटीकता सुनिश्चित करेगा, जिनमें शामिल हैं—
- बैंकिंग और वित्तीय बाजार
- स्टॉक एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म
- टेलीकॉम नेटवर्क
- बिजली ग्रिड और ऊर्जा प्रणाली
- रेलवे और परिवहन सेवाएं
- डिजिटल गवर्नेंस
- अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर
इन क्षेत्रों में माइक्रोसेकंड स्तर तक सटीक समय की आवश्यकता होती है, जिससे लेनदेन, डेटा रिकॉर्डिंग और नेटवर्क संचालन अधिक विश्वसनीय बन सके।
प्रह्लाद जोशी ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारतीय मानक समय का सुरक्षित और सटीक प्रसार देश के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के पास समय का एक विश्वसनीय राष्ट्रीय स्रोत होने से—
- उपभोक्ता सुरक्षा मजबूत होगी।
- निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- साइबर सुरक्षा बेहतर होगी।
- वित्तीय बाजारों की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
- डिजिटल गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी।
सफलतापूर्वक पूरा हुआ पहला वेरिफिकेशन
मंत्री ने जानकारी दी कि उपभोक्ता मामले विभाग ने CSIR-NPL, ISRO, SEBI, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), BSNL और अन्य संस्थाओं के सहयोग से RRSL बेंगलुरु और NSE चेन्नई के बीच भारतीय मानक समय के सुरक्षित प्रसार का सफल परीक्षण और सत्यापन (Verification) पूरा कर लिया है।
यह उपलब्धि इस तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और विश्वसनीयता को साबित करती है।
इसरो की भूमिका रही अहम
प्रह्लाद जोशी ने इस अवसर पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बेंगलुरु केंद्र का भी दौरा किया और भारतीय मानक समय प्रसार परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से बातचीत कर देश में विकसित सुरक्षित और मजबूत टाइम प्रसार इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में इसरो की भूमिका की सराहना की।
‘वन नेशन, वन टाइम’ पहल को मिलेगा बल
मंत्री ने कहा कि यह परियोजना सरकार की ‘वन नेशन, वन टाइम’ पहल को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के तहत पूरे देश में एक समान, सुरक्षित और अत्यधिक सटीक समय प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे डिजिटल सेवाओं और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
भारत के डिजिटल भविष्य के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऑनलाइन बैंकिंग, शेयर बाजार, 5G नेटवर्क, डिजिटल भुगतान, स्मार्ट ग्रिड और ई-गवर्नेंस जैसी सेवाओं के लिए सटीक समय समन्वय बेहद आवश्यक है। इंडियन स्टैंडर्ड टाइम प्रसार नेटवर्क इन सभी प्रणालियों को एक भरोसेमंद राष्ट्रीय समय स्रोत उपलब्ध कराएगा, जिससे डेटा की सटीकता, सुरक्षा और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा।


