Hydrogen Train India: भारत ने हरित परिवहन (Green Transportation) की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए अपनी पहली हाइड्रोजन से चलने वाली यात्री ट्रेन शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। 19 जुलाई 2026 से यह ट्रेन जींद जंक्शन और सोनीपत के बीच नियमित व्यावसायिक सेवा देगी। खास बात यह है कि इस आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल ट्रेन में सफर करने के लिए यात्रियों को सामान्य डीएमयू ट्रेन जितना ही किराया देना होगा।
अगर आप जानना चाहते हैं कि इस ट्रेन का किराया कितना है, यह किन स्टेशनों पर रुकेगी, इसकी टाइमिंग क्या है और क्या यह महंगी है या सस्ती, तो यहां पूरी जानकारी पढ़िए।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन क्यों है खास?
यह ट्रेन भारतीय रेलवे की “नमो ग्रीन रेल” पहल के तहत शुरू की गई है। इसका निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है। यह हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली डीएमयू (Diesel Multiple Unit) ट्रेन है, जो भविष्य में रेलवे के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।
यह ट्रेन उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल द्वारा संचालित और मेंटेन की जाएगी। रेलवे के अनुसार, यह सेवा सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी।
जींद से सोनीपत के बीच चलेगी ट्रेन
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ट्रेन नंबर 74010 (जींद से सोनीपत) और 74009 (सोनीपत से जींद) के रूप में चलेगी।
- रूट: जींद जंक्शन – सोनीपत
- कुल दूरी: 89 किलोमीटर
- यात्रा समय: लगभग 2 घंटे
- अधिकतम परिचालन गति: 75 किलोमीटर प्रति घंटा
- संचालन: सोमवार से रविवार, प्रतिदिन
किराया कितना होगा? महंगी है या सस्ती?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई तकनीक वाली इस ट्रेन का किराया कितना होगा।
रेलवे ने यात्रियों को राहत देते हुए इसका किराया सामान्य डीएमयू ट्रेन के बराबर रखा है। यानी हाइड्रोजन तकनीक का अतिरिक्त शुल्क यात्रियों से नहीं लिया जाएगा।
किराया इस प्रकार है:
| यात्रा | किराया |
|---|---|
| जींद जंक्शन से जींद सिटी | ₹10 |
| जींद से सोनीपत (89 KM) | ₹25 |
यानी महज 25 रुपये में 89 किलोमीटर का सफर किया जा सकेगा। इस हिसाब से यह ट्रेन बिल्कुल भी महंगी नहीं, बल्कि आम यात्रियों के लिए बेहद किफायती है।
किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन?
जींद से सोनीपत के बीच यह ट्रेन कुल 14 स्टेशनों पर ठहरेगी।
स्टेशनों की सूची:
- जींद जंक्शन
- जींद सिटी
- पांडु पिंडारा
- ललित खेड़ा हॉल्ट
- भंभेवा
- ईशापुर खेड़ी हॉल्ट
- बुटाना हॉल्ट
- खंडारी हॉल्ट
- गोहाना
- राभड़ा हॉल्ट
- लाठ हॉल्ट
- मोहाना हरियाणा
- बरवासनी हॉल्ट
- सोनीपत
इससे छोटे स्टेशनों पर रहने वाले यात्रियों को भी आधुनिक ट्रेन की सुविधा मिलेगी।
जींद से सोनीपत जाने का समय
ट्रेन नंबर 74010
- जींद जंक्शन से प्रस्थान: सुबह 7:40 बजे
- सोनीपत आगमन: सुबह 9:40 बजे
रास्ते में प्रमुख ठहराव:
- जींद सिटी – 7:47 बजे
- पांडु पिंडारा – 7:55 बजे
- ललित खेड़ा हॉल्ट – 8:08 बजे
- भंभेवा – 8:18 बजे
- ईशापुर खेड़ी हॉल्ट – 8:25 बजे
- बुटाना हॉल्ट – 8:32 बजे
- खंडारी हॉल्ट – 8:40 बजे
- गोहाना – 8:48 बजे
- राभड़ा हॉल्ट – 8:57 बजे
- लाठ हॉल्ट – 9:06 बजे
- मोहाना हरियाणा – 9:15 बजे
- बरवासनी हॉल्ट – 9:26 बजे
वापसी में सोनीपत से जींद का समय
ट्रेन नंबर 74009
- सोनीपत से प्रस्थान: सुबह 10:40 बजे
- जींद जंक्शन आगमन: दोपहर 1:00 बजे
वापसी के दौरान भी यह सभी प्रमुख और हॉल्ट स्टेशनों पर रुकेगी।
पर्यावरण के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
हाइड्रोजन ट्रेन पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण-अनुकूल मानी जाती है। इसमें हाइड्रोजन फ्यूल सेल से बिजली तैयार होती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन काफी कम होता है। यही कारण है कि दुनिया के कई देश इस तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं और अब भारत भी इस दिशा में कदम बढ़ा चुका है।
आम यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?
इस ट्रेन से यात्रियों को कई फायदे मिलेंगे।
- आधुनिक और स्वच्छ तकनीक वाली ट्रेन में सफर का अनुभव मिलेगा।
- सामान्य डीएमयू जितना ही कम किराया देना होगा।
- छोटे स्टेशनों के यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाली तकनीक का लाभ मिलेगा।
- प्रतिदिन सेवा होने से यात्रियों को नियमित सुविधा उपलब्ध रहेगी।
निष्कर्ष
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन सिर्फ तकनीकी उपलब्धि ही नहीं, बल्कि आम यात्रियों के लिए भी राहत भरी खबर है। महज ₹10 से ₹25 के किराये में आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित यात्रा की सुविधा मिलना इसे बेहद किफायती बनाता है। 19 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली यह सेवा भविष्य में भारतीय रेलवे के ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन की मजबूत नींव साबित हो सकती है।


