मुंबई: सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। बैंक का शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत बढ़कर 1,324 करोड़ रुपये पहुंच गया। मजबूत नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और प्रोविजन में कमी ने बैंक की कमाई को बढ़ावा दिया। वहीं, बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला, हालांकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
13.3% बढ़ा बैंक का नेट प्रॉफिट
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का शुद्ध मुनाफा 1,324 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 1,169 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। यानी बैंक के मुनाफे में सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
NII में 16% की मजबूत बढ़ोतरी
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), जो ब्याज से होने वाली आय और ब्याज पर खर्च के बीच का अंतर होती है, 16 प्रतिशत बढ़कर 3,914 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 3,383 करोड़ रुपये थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, NII में यह बढ़ोतरी बैंक के मुख्य बैंकिंग कारोबार में मजबूती का संकेत देती है।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट में आई गिरावट
हालांकि, बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट पहली तिमाही में 5.1 प्रतिशत घटकर 2,186 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 2,304 करोड़ रुपये था।
इसके बावजूद, कम प्रोविजन और बेहतर ब्याज आय के चलते बैंक का अंतिम मुनाफा बढ़ने में सफल रहा।
प्रोविजन में लगातार कमी
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने पहली तिमाही में संभावित खराब ऋणों के लिए किए जाने वाले प्रोविजन को भी कम किया है।
- अप्रैल-जून 2026 में प्रोविजन: 401.6 करोड़ रुपये
- अप्रैल-जून 2025 में प्रोविजन: 521.1 करोड़ रुपये
- जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में प्रोविजन: 504.3 करोड़ रुपये
तिमाही और सालाना दोनों आधार पर प्रोविजन में कमी बैंक के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
NPA में भी सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार दर्ज किया गया।
- ग्रॉस NPA (GNPA): 2.67% से घटकर 2.60%
- नेट NPA (NNPA): 0.49% पर स्थिर
ग्रॉस एनपीए में गिरावट यह दर्शाती है कि बैंक खराब ऋणों को नियंत्रित करने में लगातार सफल हो रहा है।
कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट में सुधार
बैंक ने बताया कि उसकी कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट भी बेहतर हुई है।
- पिछले वर्ष: 4.93%
- वर्तमान तिमाही: 4.60%
वहीं कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 55.30 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 55.40 प्रतिशत रहा, जो केवल 10 बेसिस पॉइंट का बदलाव है।
डिविडेंड का ऐलान नहीं
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने पहली तिमाही के नतीजों के साथ किसी अंतरिम डिविडेंड की घोषणा नहीं की।
शेयर में गिरावट
तिमाही नतीजों के दिन शुक्रवार को बैंक का शेयर 0.91 रुपये (2.79%) की गिरावट के साथ 31.70 रुपये पर बंद हुआ।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बैंक के ताजा नतीजे बताते हैं कि:
- शुद्ध मुनाफे में दोहरे अंक की वृद्धि हुई।
- NII में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई।
- प्रोविजन घटने से लाभप्रदता बेहतर हुई।
- NPA में सुधार से एसेट क्वालिटी मजबूत हुई।
- हालांकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट में हल्की गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है।
कुल मिलाकर, पहली तिमाही के नतीजे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लिए सकारात्मक रहे हैं और बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार के संकेत देते हैं।


