भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल कंसोलिडेशन का दौर जारी है और तकनीकी संकेत भी यही बता रहे हैं कि निफ्टी अगले कुछ ट्रेडिंग सेशन तक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,900-24,300 की रेंज से बाहर नहीं निकलता, तब तक किसी मजबूत ट्रेंड की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी। वहीं बैंक निफ्टी भी लंबे समय से एक सीमित दायरे में घूम रहा है और इसके लिए 58,300 का स्तर सबसे अहम रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
अगर निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती के साथ टिकने में सफल रहता है तो 24,500-24,600 तक तेजी का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर 23,900 का सपोर्ट टूटने पर बिकवाली बढ़ सकती है और इंडेक्स 23,800 तक फिसल सकता है।
निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन का दौर
SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के अनुसार पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी करीब 259 अंकों की सीमित रेंज में कारोबार करता रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल न तो खरीदार और न ही बिकवाली करने वाले पूरी तरह हावी हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले दो कारोबारी सत्रों में बने कैंडलस्टिक पैटर्न भी बाजार में अनिश्चितता और हिचकिचाहट का संकेत दे रहे हैं। फिलहाल इंडेक्स 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के आसपास कारोबार कर रहा है, जो यह दर्शाता है कि बाजार फिलहाल किसी स्पष्ट ट्रेंड में नहीं है।
टेक्निकल इंडिकेटर क्या दे रहे हैं संकेत?
तकनीकी चार्ट पर भी फिलहाल कोई मजबूत दिशा दिखाई नहीं दे रही है।
- डेली RSI न्यूट्रल जोन में बना हुआ है।
- स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर भी न्यूट्रल संकेत दे रहा है।
- ADX करीब 11.35 पर है और लगातार कमजोर हो रहा है।
- इससे ट्रेंड की मजबूती फिलहाल कम दिखाई दे रही है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 20 और 50 दिन के EMA यानी 24,035-23,950 के सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में बड़े जोखिम की संभावना कम है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल नहीं आता और इंडिया VIX 15 के नीचे रहता है तो बाजार धीरे-धीरे ऊपर बढ़ सकता है।
अगले कुछ सेशन में कैसी रह सकती है चाल?
विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी 23,900 से 24,300 के दायरे में रह सकता है। इस रेंज के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन से बाजार की अगली दिशा तय होगी।
निफ्टी के अहम स्तर
| स्तर | वैल्यू |
|---|---|
| अहम रेजिस्टेंस | 24,300 |
| पहला अपसाइड टारगेट | 24,500-24,600 |
| अहम सपोर्ट | 23,900 |
| अगला डाउनसाइड सपोर्ट | 23,800 |
निफ्टी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार ट्रेडर्स 24,030 से 24,090 के बीच गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स में खरीदारी पर विचार कर सकते हैं।
- खरीदारी जोन: 24,030-24,090
- स्टॉप लॉस: 23,900
- टारगेट: 24,350
बैंक निफ्टी में भी जारी है साइडवेज कारोबार
बैंक निफ्टी भी पिछले तीन कारोबारी सत्रों से लगभग 933 अंकों की सीमित रेंज में कारोबार कर रहा है। वहीं यदि पिछले 21 ट्रेडिंग सेशन पर नजर डालें तो इंडेक्स 56,549 से 58,706 के बीच ही बना हुआ है।
हालांकि अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिससे इसका ओवरऑल ट्रेंड अभी भी सकारात्मक माना जा रहा है।
बैंक निफ्टी के लिए 58,300 क्यों है अहम?
विशेषज्ञों के अनुसार 58,200-58,300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस क्षेत्र है।
यदि इंडेक्स 58,300 के ऊपर मजबूती से टिक जाता है तो:
- पहला लक्ष्य 59,000
- दूसरा लक्ष्य 59,600
वहीं यदि 57,200 का स्तर टूटता है तो बिकवाली बढ़ सकती है और बैंक निफ्टी 56,500 तक फिसल सकता है।
बैंक निफ्टी के प्रमुख स्तर
| स्तर | वैल्यू |
|---|---|
| पहला रेजिस्टेंस | 58,300 |
| दूसरा रेजिस्टेंस | 59,000 |
| तीसरा रेजिस्टेंस | 59,600 |
| पहला सपोर्ट | 57,300 |
| दूसरा सपोर्ट | 57,200 |
| अगला सपोर्ट | 56,500 |
बैंक निफ्टी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
विशेषज्ञों की राय में 57,800-57,900 के दायरे में बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में खरीदारी की जा सकती है।
- खरीदारी जोन: 57,800-57,900
- स्टॉप लॉस: 57,400
- टारगेट: 58,650
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मौजूदा समय में निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ही सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने के बजाय ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन का इंतजार करना बेहतर रणनीति हो सकती है। 23,900-24,300 की रेंज निफ्टी के लिए और 57,200-58,300 की रेंज बैंक निफ्टी के लिए अगले कुछ सत्रों में सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग जोखिमों के अधीन हैं। NewsJagran.in पर प्रकाशित विचार संबंधित एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


