नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm की पैरेंट कंपनी One97 Communications के लाखों निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। कंपनी ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (जून तिमाही) के नतीजों के साथ-साथ बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। अगर बोर्ड इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो 2021 में शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद यह पहला मौका होगा, जब Paytm अपने शेयरधारकों को बोनस शेयर का तोहफा देगी।
कंपनी की इस घोषणा के बाद Paytm का शेयर निवेशकों की नजर में आ गया है। गुरुवार सुबह शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ 1,353 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा, लेकिन बाजार की दिलचस्पी बोनस शेयर के संभावित ऐलान पर बनी हुई है।
20 जुलाई को होगी बोर्ड की अहम बैठक
One97 Communications ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में बताया कि 20 जुलाई को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में दो अहम एजेंडे शामिल हैं।
- जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी देना।
- शेयरधारकों के लिए बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर विचार और फैसला लेना।
यदि बोर्ड प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो बाद में कंपनी बोनस शेयर का अनुपात (Ratio) और रिकॉर्ड डेट की घोषणा करेगी।
पहली बार मिलेगा बोनस शेयर का लाभ
Paytm नवंबर 2021 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। तब से अब तक कंपनी ने कभी बोनस शेयर जारी नहीं किए हैं। ऐसे में यदि इस बार बोर्ड की मंजूरी मिलती है तो यह Paytm के इतिहास का पहला बोनस इश्यू होगा।
हालांकि इससे पहले कंपनी ने दिसंबर 2022 में करीब 850 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक किया था, लेकिन बोनस शेयर का फैसला पहली बार लिया जा रहा है।
बोनस शेयर क्या होते हैं?
बोनस शेयर वे अतिरिक्त शेयर होते हैं, जिन्हें कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को बिना किसी अतिरिक्त कीमत के देती है। उदाहरण के लिए यदि कंपनी 1:1 बोनस घोषित करती है तो एक शेयर रखने वाले निवेशक को एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि बोनस शेयर मिलने से निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन कुल निवेश मूल्य में तत्काल कोई बदलाव नहीं होता क्योंकि शेयर का भाव उसी अनुपात में समायोजित हो जाता है।
लिस्टिंग के बाद कैसा रहा Paytm का सफर?
Paytm का IPO भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल था। कंपनी की लिस्टिंग लगभग 2,150 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर हुई थी, लेकिन शुरुआती वर्षों में रेगुलेटरी चुनौतियों और मुनाफे को लेकर चिंताओं के कारण शेयर में भारी गिरावट आई।
एक समय यह स्टॉक करीब 300 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद इसमें जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली और अब यह अपने लो लेवल से चार गुना से अधिक ऊपर कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद शेयर अभी भी अपने IPO इश्यू प्राइस से नीचे है।
म्यूचुअल फंड्स का भरोसा बढ़ा
कंपनी के नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, संस्थागत निवेशकों का भरोसा Paytm पर मजबूत हुआ है।
मुख्य आंकड़े:
- जून तिमाही के अंत तक म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी बढ़कर 17.94% हो गई।
- 30 जून तक कंपनी में 7.5 लाख से अधिक रिटेल शेयरधारक मौजूद थे।
- छोटे निवेशकों (2 लाख रुपये तक की शेयरहोल्डिंग वाले) की हिस्सेदारी लगातार नौवीं तिमाही में घटी है।
- रिटेल निवेशकों की कुल हिस्सेदारी अभी भी 8% से अधिक बनी हुई है।
निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी?
20 जुलाई की बोर्ड बैठक में बाजार की नजर केवल बोनस शेयर पर ही नहीं होगी, बल्कि कंपनी के जून तिमाही के नतीजों पर भी रहेगी। निवेशक खासतौर पर इन बिंदुओं पर फोकस करेंगे—
- कंपनी की आय और मुनाफे का प्रदर्शन।
- भुगतान कारोबार और मर्चेंट बिजनेस की ग्रोथ।
- बोनस शेयर को मंजूरी मिलती है या नहीं।
- बोनस का अनुपात और रिकॉर्ड डेट की घोषणा।
यदि कंपनी बोनस शेयर के साथ मजबूत तिमाही नतीजे भी पेश करती है तो इसका असर शेयर की चाल पर देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


