Q1 Results: सरकारी तेल रिफाइनिंग कंपनी मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने पिछले साल के घाटे से उबरते हुए इस बार ₹945.7 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। इसके साथ ही कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 120% बढ़कर ₹38,254.2 करोड़ पहुंच गया है। मजबूत वित्तीय नतीजों के अलावा कंपनी ने ग्रीन फ्यूल और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के मोर्चे पर भी अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे में गुरुवार के कारोबार में MRPL के शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहने की उम्मीद है।
घाटे से निकलकर मुनाफे में पहुंची कंपनी
MRPL ने जून 2026 तिमाही में ₹945.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही (Q1FY26) में कंपनी को ₹270.7 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था। इस तरह कंपनी ने एक साल के भीतर अपनी वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है।
तेल रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार, परिचालन क्षमता और बेहतर बिजनेस प्रदर्शन ने कंपनी के मुनाफे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रेवेन्यू में 120% की जोरदार बढ़ोतरी
जून तिमाही के दौरान MRPL का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹38,254.2 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹17,356.7 करोड़ था। यानी कंपनी के कारोबार में लगभग 120% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
- EBITDA: ₹179.5 करोड़ से बढ़कर ₹1,317.6 करोड़
- EBITDA Margin: 1.03% से बढ़कर 3.44%
यह दर्शाता है कि कंपनी की परिचालन दक्षता पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर भी फोकस
MRPL ने वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ अपने इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
कंपनी को पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) से बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाने वाली एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पाइपलाइन के लिए मंजूरी मिल गई है।
इसके अलावा कंपनी ने—
- मंगलुरु में नए टर्मिनल संचालन शुरू किए।
- आंध्र प्रदेश में नए डिपो से प्रोडक्ट लोडिंग शुरू की।
- तमिलनाडु के नए वितरण केंद्रों को भी परिचालन में शामिल किया।
इन परियोजनाओं से भविष्य में कंपनी की सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
ग्रीन फ्यूल सेक्टर में बड़ी उपलब्धि
MRPL ने अप्रैल 2026 में ISCC CORSIA Certification हासिल किया है। इसके बाद कंपनी अब Used Cooking Oil (UCO) से Sustainable Aviation Fuel (SAF) का उत्पादन कर सकेगी।
यह उपलब्धि कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि—
- अंतरराष्ट्रीय एविएशन मानकों के अनुरूप ग्रीन फ्यूल का उत्पादन संभव होगा।
- कार्बन उत्सर्जन कम करने के वैश्विक प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
- भारत के स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन एविएशन मिशन को समर्थन मिलेगा।
- भविष्य में SAF की बढ़ती वैश्विक मांग का लाभ कंपनी को मिल सकता है।
ONGC की सहायक कंपनी है MRPL
MRPL देश की प्रमुख सरकारी तेल रिफाइनिंग कंपनियों में शामिल है और यह ONGC की सहायक कंपनी है। कंपनी पेट्रोलियम उत्पादों के रिफाइनिंग और मार्केटिंग के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र में भी सक्रिय है।
हाल के वर्षों में कंपनी ग्रीन एनर्जी, वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
MRPL Share Price
तिमाही नतीजों से पहले बुधवार को MRPL का शेयर NSE पर ₹157 के स्तर पर मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
शेयर का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
- पिछले 6 महीने: लगभग 3.79% की तेजी
- पिछले 1 साल: करीब 7% का रिटर्न
- मार्केट कैप: लगभग ₹27,640 करोड़
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि मजबूत तिमाही नतीजों के बाद बाजार कंपनी के शेयर को किस तरह प्रतिक्रिया देता है।
आगे क्या रहेगा फोकस?
विशेषज्ञों की नजर आने वाली तिमाहियों में कंपनी के रिफाइनिंग मार्जिन, कच्चे तेल की कीमतों, ग्रीन फ्यूल कारोबार और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर रहेगी। यदि कंपनी परिचालन प्रदर्शन को इसी तरह बनाए रखती है, तो आने वाले समय में इसका असर वित्तीय नतीजों पर भी देखने को मिल सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


