HDFC Bank Part-time Chairman Rajiv Kumar: देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank को नया पार्ट-टाइम चेयरमैन मिल गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पूर्व वित्त सचिव और भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। वह 15 जुलाई 2026 से तीन वर्षों के लिए यह जिम्मेदारी संभालेंगे और केकी मिस्त्री की जगह लेंगे।
HDFC Bank को मिला नया पार्ट-टाइम चेयरमैन
देश के निजी बैंकिंग क्षेत्र की अग्रणी संस्था HDFC Bank के बोर्ड में बड़ा बदलाव हुआ है। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई सूचना में बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने राजीव कुमार को बैंक का नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
यह नियुक्ति 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी और उनका कार्यकाल तीन वर्ष का रहेगा। RBI ने यह मंजूरी बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 10B(1A)(i) के तहत दी है।
केकी मिस्त्री की जगह संभालेंगे जिम्मेदारी
राजीव कुमार, HDFC Bank के अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन रहे केकी मिस्त्री की जगह लेंगे। हालांकि, केकी मिस्त्री बैंक से पूरी तरह अलग नहीं होंगे। वह आगे भी बैंक के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
बैंक ने उनके नेतृत्व और योगदान के लिए आभार भी व्यक्त किया है।
अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद हुआ बदलाव
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने मार्च 2026 में अचानक इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में कुछ कार्यप्रणालियों को अपने व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों के अनुरूप न होने की बात कही थी।
बाद में HDFC Bank ने स्वतंत्र कानूनी फर्मों से मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में चक्रवर्ती द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद से केकी मिस्त्री अंतरिम चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे।
कौन हैं राजीव कुमार?
राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1984 बैच के अधिकारी रहे हैं। उनका प्रशासनिक और वित्तीय क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है।
उन्होंने फरवरी 2020 में भारत सरकार के वित्त सचिव पद से सेवानिवृत्ति ली। इसके बाद उन्होंने पब्लिक एंटरप्राइजेज सिलेक्शन बोर्ड (PESB) के चेयरमैन के रूप में भी कार्य किया।
बैंकिंग सुधारों में निभाई अहम भूमिका
राजीव कुमार को भारत के बैंकिंग सेक्टर में बड़े सुधारों के लिए जाना जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान:
- 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय कर 4 बड़े बैंकों का गठन किया गया।
- सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण (Recapitalisation) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
- बैंकिंग गवर्नेंस और रिस्क मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए कई सुधार लागू किए गए।
- बड़े कॉर्पोरेट लोन की निगरानी और टेक्नोलॉजी आधारित रिस्क असेसमेंट सिस्टम को बढ़ावा दिया गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त भी रह चुके हैं
वित्त मंत्रालय में अहम जिम्मेदारियां निभाने के बाद राजीव कुमार ने 15 मई 2022 से 18 फरवरी 2025 तक भारत के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) के रूप में भी कार्य किया। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण विधानसभा और आम चुनाव संपन्न हुए।
HDFC Bank के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति?
राजीव कुमार की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बैंक कॉर्पोरेट गवर्नेंस, जोखिम प्रबंधन और नियामकीय अनुपालन को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है। वित्तीय प्रशासन और बैंकिंग सुधारों का उनका व्यापक अनुभव HDFC Bank के बोर्ड को रणनीतिक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर, सरकारी नीतियों और नियामकीय ढांचे की गहरी समझ रखने वाले राजीव कुमार की मौजूदगी से HDFC Bank की दीर्घकालिक गवर्नेंस और निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


