Warren Buffett Donation: दुनिया के दिग्गज निवेशक और अरबपति वॉरेन बफे ने कई वर्षों में पहली बार बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को अपना सालाना दान नहीं देने का फैसला किया है। इसके बजाय उन्होंने बर्कशायर हैथवे के करीब 6 अरब डॉलर (लगभग ₹5 लाख करोड़) मूल्य के शेयर अपने परिवार द्वारा संचालित चार चैरिटी संस्थाओं को दान करने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब गेट्स फाउंडेशन जेफ्री एपस्टीन से जुड़े पुराने संबंधों की बाहरी कानूनी समीक्षा का सामना कर रहा है।
गेट्स फाउंडेशन को इस बार क्यों नहीं मिला दान?
CNN और वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, 95 वर्षीय वॉरेन बफे इस साल गेट्स फाउंडेशन को अपना नियमित वार्षिक दान रोक रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह फाउंडेशन से जुड़े उन मामलों की समीक्षा बताई जा रही है, जिनमें दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पुराने संबंधों की जांच चल रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बफे किसी भी नए दान से पहले इस स्वतंत्र कानूनी समीक्षा के नतीजों का इंतजार करना चाहते हैं।
6 अरब डॉलर के शेयर परिवार की चैरिटी संस्थाओं को दिए
इस बार गेट्स फाउंडेशन की जगह वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे के लगभग 6 अरब डॉलर के शेयर अपने परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित चार चैरिटी संगठनों को दान करने का फैसला किया है। इससे साफ है कि उन्होंने परोपकार (Philanthropy) की गति धीमी नहीं की है, बल्कि दान का रास्ता बदला है।
गेट्स फाउंडेशन से बफे का रहा है लंबा रिश्ता
वॉरेन बफे गेट्स फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने बिल गेट्स और उनकी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स के साथ मिलकर ‘द गिविंग प्लेज’ अभियान शुरू किया था, जिसका उद्देश्य दुनिया के सबसे अमीर लोगों को अपनी अधिकांश संपत्ति समाज के लिए दान करने के लिए प्रेरित करना था।
हालांकि, बफे 2021 में फाउंडेशन के बोर्ड से हट गए थे, लेकिन इसके बाद भी वह हर साल अरबों डॉलर मूल्य के बर्कशायर हैथवे के शेयर फाउंडेशन को दान करते रहे।
अब तक कितना दान कर चुके हैं वॉरेन बफे?
गेट्स फाउंडेशन के अनुसार, वर्ष 2022 तक वॉरेन बफे कुल 36 अरब डॉलर से अधिक का दान फाउंडेशन को दे चुके थे। यह दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी योगदानों में से एक माना जाता है।
हालांकि, 2026 में पहली बार उन्होंने अपने नियमित वार्षिक दान को रोकने का फैसला किया है।
बफे बोले- चैरिटी जारी रहेगी
गेट्स फाउंडेशन को इस बार दान न देने के बावजूद वॉरेन बफे ने स्पष्ट किया है कि उनके परोपकारी कार्यों में कोई कमी नहीं आएगी।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके तीनों बच्चे 31 दिसंबर 2034 तक उनके सभी बर्कशायर हैथवे शेयर समाजसेवा के कार्यों के लिए वितरित कर देंगे।
बर्कशायर हैथवे में बफे की कितनी हिस्सेदारी?
बर्कशायर हैथवे की मौजूदा बाजार कीमत लगभग 1.1 ट्रिलियन डॉलर आंकी जाती है। कंपनी में वॉरेन बफे की हिस्सेदारी करीब 30% है, जो उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली निवेशकों में शामिल करती है।
बिल गेट्स के साथ रिश्तों पर क्या बोले बफे?
मार्च में CNBC को दिए एक इंटरव्यू में वॉरेन बफे ने कहा था कि वह अब बिल गेट्स से बातचीत नहीं कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गेट्स फाउंडेशन को पहले दिए गए अपने दान पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है।
बफे ने कहा,
“काश कुछ बातें कभी हुई ही न होतीं। लेकिन ऐसा नहीं है कि वह अपने लिए पैसे चुरा रहे थे।”
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पूरे मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस विषय पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
जेफ्री एपस्टीन मामले पर क्या बोले बिल गेट्स?
हाल ही में बिल गेट्स ने अमेरिकी हाउस कमेटी के सामने गवाही देते हुए कहा कि उन्हें जेफ्री एपस्टीन के अपराधों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने पहले भी एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को “एक बड़ी गलती” बताया था और फाउंडेशन के कर्मचारियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
गेट्स ने किसी भी प्रकार की निजी गलत हरकत के आरोपों से इनकार किया है।
बफे ने खुद को विवाद से रखा दूर
वॉरेन बफे ने यह भी कहा कि उनकी कभी जेफ्री एपस्टीन से मुलाकात नहीं हुई और न ही उनका उससे कोई संपर्क रहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस विवाद से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहते।
बफे ने कहा,
“मैं शपथ लेकर बयान नहीं देना चाहता।”
क्या है इस फैसले का बड़ा संदेश?
वॉरेन बफे का यह फैसला बताता है कि उन्होंने परोपकार से दूरी नहीं बनाई है, बल्कि दान देने के तरीके में बदलाव किया है। गेट्स फाउंडेशन को दान रोकना उनके लिए एक अस्थायी और परिस्थितियों से जुड़ा निर्णय माना जा रहा है, जबकि उनकी कुल चैरिटी रणनीति पहले की तरह जारी रहेगी।


