नई दिल्ली: भारत के बैंकिंग सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी विदेशी निवेश डील जल्द ही फाइनल हो सकती है। कनाडा की निवेश कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग्स (Fairfax Holdings) ने IDBI बैंक के अधिग्रहण के लिए अपना ऑफर बढ़ाकर ₹81 प्रति शेयर कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने संशोधित बोली के बाद फेयरफैक्स को पसंदीदा खरीदार (Preferred Bidder) के रूप में चुन लिया है। यदि यह सौदा पूरा होता है तो इसकी कुल वैल्यू करीब ₹53,000 करोड़ होगी, जो भारतीय बैंकिंग इतिहास की सबसे बड़ी विदेशी निवेश डील मानी जाएगी।
₹81 प्रति शेयर के ऑफर ने बदला खेल
बताया जा रहा है कि फेयरफैक्स ने पिछले साल दिए गए ₹75 प्रति शेयर के मुकाबले इस बार ₹81 प्रति शेयर का बेहतर प्रस्ताव दिया है। वित्त मंत्रालय में हुई अहम बैठकों के बाद इस संशोधित ऑफर को सकारात्मक माना गया है।
नई कीमत के आधार पर सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी हिस्सेदारी बेचकर करीब ₹53,000 करोड़ जुटा सकते हैं। इससे सरकार के चालू वित्त वर्ष के एसेट मोनेटाइजेशन लक्ष्य को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।
सरकार और LIC कितनी हिस्सेदारी बेचेंगे?
डील के तहत केंद्र सरकार अपनी 45.48% हिस्सेदारी में से 30.48% हिस्सेदारी बेचने की योजना पर आगे बढ़ रही है। वहीं, LIC, जिसके पास बैंक में लगभग 49% हिस्सेदारी है, वह भी 30.24% हिस्सेदारी बेच सकती है।
इस तरह दोनों की बिक्री मिलाकर सौदे का कुल आकार लगभग ₹53,000 करोड़ (करीब 5.5 अरब डॉलर) तक पहुंच सकता है।
भारतीय मूल के अरबपति प्रेम वत्स की कंपनी बनेगी मालिक
फेयरफैक्स होल्डिंग्स की स्थापना भारतीय मूल के कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स (Prem Watsa) ने की थी। उन्हें अक्सर “कनाडा का वॉरेन बफेट” भी कहा जाता है।
यदि यह अधिग्रहण पूरा होता है तो फेयरफैक्स को सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर भी लाना होगा। इसके बाद IDBI बैंक के स्वामित्व और प्रबंधन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
कभी भी हो सकती है आधिकारिक घोषणा
रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार और फेयरफैक्स के बीच अधिकांश शर्तों पर सहमति बन चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित मंत्रियों के समूह को भी संशोधित बोली की जानकारी दी जा चुकी है।
अब अगले चरण में—
- औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
- इसके बाद Letter of Intent (LoI) जारी होगा।
- फिर शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
- अंत में नियामकीय मंजूरियों के बाद डील पूरी होगी।
शेयर बाजार में दिखा असर
इस खबर का असर IDBI बैंक के शेयर पर भी देखने को मिला। मंगलवार को NSE पर IDBI बैंक का शेयर ₹86.54 पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में करीब 2.9% की तेजी दर्शाता है।
गौरतलब है कि मार्च में रिजर्व प्राइस से कम बोलियां मिलने के कारण विनिवेश प्रक्रिया रोक दी गई थी। उस समय शेयर ₹61.01 के 52-सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गया था। वहां से अब तक शेयर में करीब 42% की रिकवरी दर्ज की जा चुकी है।
क्यों अहम है यह डील?
यह सौदा केवल IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री नहीं है, बल्कि भारत के बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी निवेशकों के बढ़ते भरोसे का भी संकेत माना जा रहा है।
इसके प्रमुख कारण हैं—
- भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश।
- सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को बड़ी सफलता।
- एसेट मोनेटाइजेशन लक्ष्य हासिल करने में मदद।
- बैंकिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और पूंजी निवेश बढ़ने की संभावना।
पहले कौन-सी थी सबसे बड़ी विदेशी बैंकिंग डील?
इससे पहले भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की सबसे बड़ी विदेशी निवेश डील 2025 में Emirates NBD द्वारा RBL बैंक में लगभग 2.75 अरब डॉलर में 60% हिस्सेदारी खरीदने को माना जाता था।
दिलचस्प बात यह है कि Emirates NBD ने भी IDBI बैंक के लिए बोली लगाई थी, लेकिन संशोधित ऑफर के बाद फेयरफैक्स सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी।
सरकार के विनिवेश लक्ष्य को मिलेगी रफ्तार
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में एसेट मोनेटाइजेशन और विनिवेश से ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। अब तक सरकार विभिन्न कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर लगभग ₹20,272 करोड़ जुटा चुकी है। IDBI बैंक की यह डील पूरी होने पर लक्ष्य हासिल करने की दिशा में बड़ी बढ़त मिलेगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
यदि सौदा नियामकीय मंजूरियों के बाद पूरा होता है, तो IDBI बैंक के शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि, निवेशकों को केवल अधिग्रहण की खबरों के आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। किसी भी निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई शेयर बाजार संबंधी जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


