MF Investment: जून 2026 में भारतीय शेयर बाजार में आई मजबूती का असर म्यूचुअल फंड उद्योग पर भी साफ दिखाई दिया। इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों ने इस दौरान बड़े पैमाने पर शेयरों में निवेश किया, जिसके चलते उनकी कैश होल्डिंग घटकर 1.84 लाख करोड़ रुपये रह गई। यह पिछले 19 महीनों का सबसे निचला स्तर है। सबसे अधिक कैश होल्डिंग कम करने वालों में SBI Mutual Fund सबसे आगे रहा, जबकि कई अन्य बड़े फंड हाउसों ने भी अपने नकद भंडार को कम कर इक्विटी में निवेश बढ़ाया।
बाजार में तेजी के बीच इक्विटी में बढ़ा निवेश
जून महीने में भारतीय शेयर बाजार मजबूत रुख के साथ कारोबार करता रहा। अमेरिका-ईरान-इजराइल से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसी सकारात्मक माहौल का फायदा उठाते हुए म्यूचुअल फंड हाउसों ने बड़ी मात्रा में इक्विटी शेयरों में निवेश किया।
इसके परिणामस्वरूप इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों की कुल कैश होल्डिंग मई के 1.88 लाख करोड़ रुपये से घटकर जून में 1.84 लाख करोड़ रुपये रह गई। यह करीब 2.3 फीसदी की मासिक गिरावट है और नवंबर 2024 के बाद सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।
AUM के मुकाबले कैश लेवल भी घटा
ACE Equities के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून के अंत तक इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की कैश होल्डिंग उनके कुल Assets Under Management (AUM) का लगभग 4 प्रतिशत रह गई। तुलना करें तो दिसंबर 2025 के अंत में यह आंकड़ा 4.9 प्रतिशत था।
यह संकेत देता है कि फंड मैनेजर अब अधिक नकदी रखने के बजाय बाजार में उपलब्ध निवेश अवसरों का फायदा उठा रहे हैं।
54 में से 31 फंड हाउसों ने घटाई कैश होल्डिंग
जून महीने के दौरान कुल 54 म्यूचुअल फंड हाउसों में से:
- 31 फंड हाउसों ने अपनी कैश होल्डिंग कम की।
- 23 फंड हाउसों ने नकदी बढ़ाई।
इससे स्पष्ट है कि अधिकांश फंड हाउसों ने बाजार की तेजी को देखते हुए निवेश बढ़ाने की रणनीति अपनाई।
जून में बाजार का शानदार प्रदर्शन
जून के दौरान घरेलू शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली।
- सेंसेक्स में करीब 2% की बढ़त दर्ज हुई।
- निफ्टी 50 भी लगभग 2% चढ़ा।
- BSE 150 Midcap Index में लगभग 1% की तेजी रही।
- BSE 250 Smallcap Index ने करीब 4% की बढ़त दर्ज की।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बेहतर प्रदर्शन के चलते फंड मैनेजरों ने इन सेगमेंट्स में भी निवेश बढ़ाया।
SBI Mutual Fund ने सबसे ज्यादा घटाया कैश
कैश होल्डिंग घटाने वाले फंड हाउसों में SBI Mutual Fund सबसे आगे रहा।
| म्यूचुअल फंड | मई 2026 | जून 2026 |
|---|---|---|
| SBI Mutual Fund | ₹25,914 करोड़ | ₹22,084 करोड़ |
| PPFAS Mutual Fund | ₹26,105 करोड़ | ₹24,108 करोड़ |
| Motilal Oswal Mutual Fund | ₹4,435 करोड़ | ₹2,532 करोड़ |
इनके अलावा निम्न फंड हाउसों ने भी अपनी कैश होल्डिंग कम की:
- HDFC Mutual Fund
- Bandhan Mutual Fund
- Axis Mutual Fund
- Kotak Mutual Fund
- DSP Mutual Fund
इन फंड हाउसों ने बढ़ाई कैश होल्डिंग
दूसरी ओर कुछ फंड हाउसों ने संभावित बाजार उतार-चढ़ाव को देखते हुए अपनी नकदी बढ़ाई।
| म्यूचुअल फंड | मई 2026 | जून 2026 |
|---|---|---|
| Quant Mutual Fund | ₹12,183 करोड़ | ₹14,008 करोड़ |
| Nippon India Mutual Fund | ₹5,387 करोड़ | ₹7,195 करोड़ |
| ICICI Prudential Mutual Fund | ₹18,540 करोड़ | ₹20,042 करोड़ |
विशेषज्ञों का मानना है कि इन फंड हाउसों ने भविष्य में आने वाले निवेश अवसरों के लिए अतिरिक्त नकदी सुरक्षित रखी है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
म्यूचुअल फंड्स की घटती कैश होल्डिंग यह दर्शाती है कि फंड मैनेजर भारतीय शेयर बाजार के प्रति फिलहाल सकारात्मक रुख रखते हैं। जब फंड हाउस अधिक नकदी की बजाय इक्विटी में निवेश बढ़ाते हैं, तो इसका अर्थ होता है कि वे बाजार में आगे भी बेहतर रिटर्न की संभावना देख रहे हैं।
हालांकि, निवेशकों को केवल फंड हाउसों की कैश होल्डिंग के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। बाजार की चाल, वैल्यूएशन, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि जैसे कारकों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
जून 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड उद्योग ने बाजार की मजबूती का फायदा उठाते हुए बड़े पैमाने पर निवेश किया, जिसके चलते कैश होल्डिंग 19 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई। SBI Mutual Fund, PPFAS और Motilal Oswal जैसे बड़े फंड हाउसों ने नकदी घटाकर इक्विटी एक्सपोजर बढ़ाया, जबकि Quant, Nippon India और ICICI Prudential ने सतर्क रणनीति अपनाते हुए अपनी कैश होल्डिंग बढ़ाई। आने वाले महीनों में बाजार की दिशा और कॉर्पोरेट नतीजे तय करेंगे कि फंड हाउस अपनी निवेश रणनीति में आगे क्या बदलाव करते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


