SBI Funds IPO Update: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इश्यू खुलने के दूसरे दिन ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। ग्रे मार्केट में भी शेयर प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है, जिससे निवेशकों को लिस्टिंग गेन की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, निवेश से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, बिजनेस मॉडल और जोखिमों को समझना जरूरी है।
SBI Funds IPO को मिला शानदार रिस्पॉन्स
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ 14 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए कुल 12.45 करोड़ शेयर जारी किए हैं। दूसरे दिन तक ही आईपीओ पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में देखने को मिली है। वहीं रिटेल निवेशकों और अन्य कैटेगरी से भी मजबूत मांग देखने को मिल रही है।
कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹545 से ₹574 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
GMP में 88 रुपये का प्रीमियम, 16% तक लिस्टिंग गेन की उम्मीद
एसबीआई फंड्स आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में भी सकारात्मक माहौल बना हुआ है। बाजार पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, शेयर पर करीब ₹88 प्रति शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) चल रहा है।
अगर ऊपरी प्राइस बैंड ₹574 को आधार माना जाए, तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब:
₹574 + ₹88 = ₹662 प्रति शेयर
हो सकती है।
इस हिसाब से आईपीओ शेयरों की लिस्टिंग करीब 15.77% से 16% प्रीमियम पर होने का संकेत मिल रहा है।
हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम सिर्फ एक संकेत होता है। वास्तविक लिस्टिंग बाजार की स्थिति और निवेशकों की मांग पर निर्भर करती है।
SBI Funds IPO पूरी तरह OFS, कंपनी को नहीं मिलेगा पैसा
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह आईपीओ एक ऑफर फॉर सेल (OFS) इश्यू है।
इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
इसलिए:
- आईपीओ से मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी।
- पैसा शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगा।
- कंपनी की शेयर पूंजी में कोई नया बदलाव नहीं होगा।
इस ऑफर में State Bank of India और Amundi अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं।
एसबीआई इस कंपनी की पैरेंट कंपनी है, जबकि अमुंडी इसके साथ ज्वाइंट वेंचर पार्टनर है।
ब्रोकरेज फर्मों ने दी निवेश की सलाह
कई ब्रोकरेज हाउस एसबीआई फंड्स आईपीओ को लेकर सकारात्मक नजरिया रखते हैं।
स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट की राय
ब्रोकरेज फर्म स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस आईपीओ को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है।
ब्रोकरेज के अनुसार:
- एसबीआई म्यूचुअल फंड देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है।
- कंपनी का ब्रांड मजबूत है।
- मुनाफा कमाने की क्षमता अच्छी है।
- मौजूदा वैल्यूएशन आकर्षक नजर आती है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज का नजरिया
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी निवेशकों को इस आईपीओ में भाग लेने की सलाह दी है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, ₹574 के ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 38 गुना प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो पर है।
यह वैल्यूएशन बाजार में मौजूद कुछ अन्य लिस्टेड एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की तुलना में उचित माना जा रहा है।
21 जुलाई को हो सकती है शेयरों की लिस्टिंग
एसबीआई फंड्स आईपीओ का संभावित टाइमलाइन इस प्रकार है:
- आईपीओ खुलने की तारीख: 14 जुलाई
- आईपीओ बंद होने की तारीख: 16 जुलाई
- शेयर अलॉटमेंट: 17 जुलाई (संभावित)
- शेयर बाजार में लिस्टिंग: 21 जुलाई (संभावित)
निवेशक अलॉटमेंट के बाद बीएसई और एनएसई पर शेयरों की ट्रेडिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
SBI Mutual Fund: देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी। यह SBI Mutual Fund के रूप में देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजमेंट कारोबार में शामिल है।
कंपनी की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लगभग 16% हिस्सेदारी बताई जाती है।
भारत में अभी भी बड़ी आबादी म्यूचुअल फंड निवेश से दूर है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में काफी तेजी की संभावना है।
क्या SBI Funds IPO में निवेश करना चाहिए?
एसबीआई फंड्स आईपीओ के पक्ष में कई मजबूत बातें हैं:
सकारात्मक पहलू:
- देश का सबसे मजबूत बैंकिंग ब्रांड एसबीआई का समर्थन।
- म्यूचुअल फंड सेक्टर में मजबूत स्थिति।
- भारत में निवेश संस्कृति बढ़ने से लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावना।
- ग्रे मार्केट में सकारात्मक संकेत।
जोखिम:
- आईपीओ पूरी तरह OFS है, जिससे कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी।
- वैल्यूएशन पहले से मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है।
- शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद उतार-चढ़ाव संभव है।
निवेशकों को केवल GMP देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए। कंपनी के फंडामेंटल, लंबी अवधि की संभावनाओं और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखकर ही निवेश निर्णय लेना बेहतर होगा।
निष्कर्ष
एसबीआई फंड्स आईपीओ को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है और ग्रे मार्केट में करीब 16% लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है। मजबूत ब्रांड, बड़ी बाजार हिस्सेदारी और म्यूचुअल फंड सेक्टर की संभावनाएं इसे आकर्षक बना रही हैं।
हालांकि, क्योंकि यह OFS इश्यू है और कंपनी को सीधे फंड नहीं मिलेगा, इसलिए निवेशकों को सिर्फ लिस्टिंग प्रॉफिट नहीं बल्कि लंबी अवधि के नजरिए से भी इस आईपीओ का मूल्यांकन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


