IBM Share Price Crash: टेक दिग्गज IBM के लिए मंगलवार का कारोबारी सत्र बेहद खराब साबित हुआ। कंपनी के शेयरों में करीब 26% की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले लगभग 60 वर्षों की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट मानी जा रही है। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप करीब 67 अरब डॉलर (लगभग ₹64.33 लाख करोड़) घट गया। कंपनी के CEO अरविंद कृष्णा ने दूसरी तिमाही (Q2) के कमजोर प्रदर्शन और AI के कारण ग्राहकों की बदलती खर्च प्राथमिकताओं को इसकी प्रमुख वजह बताया।
Highlights
- IBM के शेयरों में 60 साल की सबसे बड़ी 26% की गिरावट।
- कंपनी का मार्केट कैप करीब 67 अरब डॉलर (₹64.33 लाख करोड़) घटा।
- AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च से सॉफ्टवेयर बिजनेस प्रभावित।
- Q2 रेवेन्यू अनुमान बाजार की उम्मीद से काफी कमजोर।
- Workday और ServiceNow जैसे सॉफ्टवेयर शेयरों पर भी दबाव, जबकि चिप कंपनियों में तेजी।
IBM Share Price Crash: क्या हुआ IBM के साथ?
अमेरिकी टेक कंपनी International Business Machines (IBM) के शेयर मंगलवार को बाजार खुलते ही भारी बिकवाली का शिकार हो गए। कारोबार के दौरान स्टॉक करीब 26% तक टूटकर 215.67 डॉलर पर पहुंच गया। यह गिरावट कम से कम 3 जनवरी 1968 के बाद कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट मानी जा रही है।
इस तेज गिरावट की शुरुआत तब हुई जब IBM के CEO अरविंद कृष्णा ने निवेशकों को एक पत्र लिखकर कंपनी के दूसरी तिमाही के प्रदर्शन को उम्मीद से कहीं ज्यादा कमजोर बताया।
एक दिन में मिटा ₹64.33 लाख करोड़ का मार्केट कैप
IBM के शेयरों में आई इस ऐतिहासिक गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप लगभग 67 अरब डॉलर कम हो गया, जो भारतीय मुद्रा में करीब ₹64,32,65,99,50,00,000 (करीब ₹64.33 लाख करोड़) बैठता है।
गिरावट के बाद कंपनी का कुल बाजार मूल्य घटकर लगभग 205 अरब डॉलर से भी नीचे पहुंच गया।
Q2 Revenue अनुमान ने बढ़ाई चिंता
IBM ने दूसरी तिमाही के शुरुआती कारोबारी अनुमान जारी करते हुए कहा कि उसका राजस्व केवल 1% बढ़कर लगभग 17.2 अरब डॉलर रहने की संभावना है।
वहीं, LSEG के अनुसार बाजार विश्लेषकों का अनुमान 17.86 अरब डॉलर का था। यानी कंपनी का अनुमान निवेशकों की अपेक्षाओं से काफी कमजोर रहा। यदि यह अनुमान सही रहता है तो यह पिछले एक साल से अधिक समय में IBM की सबसे धीमी राजस्व वृद्धि होगी।
CEO अरविंद कृष्णा ने AI को बताया बड़ी वजह
निवेशकों को लिखे अपने पत्र में IBM के CEO अरविंद कृष्णा ने स्वीकार किया कि कंपनी बाजार में हो रहे बदलाव की रफ्तार के साथ तालमेल नहीं बैठा सकी।
उन्होंने कहा कि जब अप्रैल में कंपनी ने पूरे साल के अनुमान साझा किए थे, तब उम्मीद थी कि z17 मेनफ्रेम प्लेटफॉर्म की मजबूत शुरुआत से इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार को सहारा मिलेगा। लेकिन वास्तविक स्थिति उम्मीद से काफी खराब रही।
कृष्णा के अनुसार, AI डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के कारण सर्वर, स्टोरेज और मेमोरी जैसे हार्डवेयर की उपलब्धता प्रभावित हुई। इसके चलते ग्राहकों ने अपने टेक्नोलॉजी बजट का बड़ा हिस्सा सॉफ्टवेयर की बजाय AI हार्डवेयर खरीदने में लगाना शुरू कर दिया।
AI ने बदल दिया कंपनियों का खर्च करने का तरीका
IBM का कहना है कि पहले कंपनियां एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और डिजिटल सेवाओं पर ज्यादा खर्च करती थीं, लेकिन अब AI इंफ्रास्ट्रक्चर की तेज मांग के कारण प्राथमिकताएं बदल गई हैं।
कंपनियां अब बड़े पैमाने पर—
- AI सर्वर
- हाई-परफॉर्मेंस चिप्स
- GPU सिस्टम
- डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर
- मेमोरी और स्टोरेज
पर निवेश कर रही हैं। इसका सीधा असर पारंपरिक सॉफ्टवेयर कारोबार पर देखने को मिल रहा है।
Anthropic के नए AI मॉडल का भी पड़ा असर
अरविंद कृष्णा ने अपने पत्र में AI कंपनी Anthropic के नए मॉडल Mythos का भी जिक्र किया।
उनके अनुसार कई बड़े ग्राहक इस नए AI मॉडल के संभावित प्रभाव का आकलन करने में जुट गए, जिससे कई महत्वपूर्ण सौदों में देरी हुई। कंपनी का मानना है कि AI सेक्टर में तेजी से बदलती प्रतिस्पर्धा ने भी कारोबार पर दबाव बढ़ाया है।
दूसरी सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयर भी टूटे
IBM के कमजोर आउटलुक का असर पूरे टेक सेक्टर पर देखने को मिला।
- Workday Inc. के शेयर करीब 6% तक फिसले।
- ServiceNow Inc. में भी लगभग 6% की गिरावट दर्ज हुई।
- दूसरी ओर AI हार्डवेयर की मांग बढ़ने की उम्मीद से SK Hynix और Advanced Micro Devices (AMD) जैसी चिप कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों का फोकस फिलहाल सॉफ्टवेयर कंपनियों से हटकर AI इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर सेक्टर की ओर बढ़ रहा है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
IBM की यह गिरावट केवल एक कंपनी की कमजोरी नहीं बल्कि पूरे टेक सेक्टर में बदलती निवेश प्राथमिकताओं का संकेत मानी जा रही है। AI क्रांति के चलते कंपनियां अब सॉफ्टवेयर की बजाय हार्डवेयर, डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पर अधिक निवेश कर रही हैं। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में टेक कंपनियों के नतीजों पर भी AI ट्रांजिशन का असर देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


