भारत Food Export: भारत का कृषि और खाद्य निर्यात लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश का कुल निर्यात लगभग 8.60 लाख करोड़ डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है। इस उपलब्धि में खाद्य उत्पादों का बड़ा योगदान रहा है। भारतीय चावल, दालें, प्रोसेस्ड फूड, ताजे फल और भैंस के मांस जैसे उत्पादों की मांग दुनिया के कई देशों में तेजी से बढ़ रही है। खासकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, वियतनाम, अमेरिका और मलेशिया जैसे देशों में भारतीय खाद्य उत्पादों की अच्छी पकड़ है।
APEDA ने जारी किए प्रमुख निर्यात उत्पादों के आंकड़े
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के अनुसार, भारत ने कई खाद्य उत्पादों के निर्यात में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धी कीमत और बेहतर सप्लाई चेन की वजह से भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान बनी है।
भारत के सबसे ज्यादा निर्यात होने वाले खाद्य उत्पाद
| रैंक | उत्पाद | निर्यात मूल्य (USD मिलियन) |
|---|---|---|
| 1 | नॉन-बासमती चावल | 5,864.46 |
| 2 | बासमती चावल | 5,672.89 |
| 3 | भैंस का मांस (Buffalo Meat) | 5,098.54 |
| 4 | विविध खाद्य तैयारी (Miscellaneous Preparations) | 1,493.69 |
| 5 | अनाज से बने उत्पाद (Cereal Preparations) | 1,006.95 |
| 6 | दालें (Pulses) | 969.58 |
| 7 | प्रोसेस्ड सब्जियां | 932.25 |
नोट: ताजे फलों का निर्यात भी उल्लेखनीय रहा, जिसका मूल्य 713.83 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया।
नॉन-बासमती और बासमती चावल का रहा दबदबा
भारतीय चावल की दुनिया भर में जबरदस्त मांग बनी हुई है। नॉन-बासमती चावल निर्यात मूल्य के लिहाज से पहले स्थान पर रहा, जबकि बासमती चावल दूसरे नंबर पर रहा। भारतीय बासमती अपनी खुशबू, स्वाद और गुणवत्ता के कारण मध्य-पूर्व, यूरोप और अमेरिका के बाजारों में बेहद लोकप्रिय है।
भैंस का मांस भी प्रमुख निर्यात उत्पाद
भारत का भैंस का मांस (Buffalo Meat) भी वैश्विक बाजार में बड़ी हिस्सेदारी रखता है। यह कई एशियाई और मध्य-पूर्वी देशों में बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। गुणवत्ता मानकों और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण इसकी अंतरराष्ट्रीय मांग लगातार बनी हुई है।
प्रोसेस्ड फूड और दालों की बढ़ रही मांग
दुनियाभर में रेडी-टू-कुक और प्रोसेस्ड फूड की मांग बढ़ने से भारत के Miscellaneous Preparations, Cereal Preparations, दालें और प्रोसेस्ड सब्जियां भी निर्यात में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। भारतीय मसालों और पारंपरिक स्वाद वाले उत्पादों को विदेशों में खूब पसंद किया जा रहा है।
कौन-कौन से देश खरीद रहे हैं भारतीय खाद्य उत्पाद?
भारत के खाद्य निर्यात के सबसे बड़े खरीदारों में खाड़ी देशों का दबदबा है। प्रमुख आयातक देशों की सूची इस प्रकार है—
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE) – लगभग 2,587.14 मिलियन डॉलर
- सऊदी अरब – लगभग 1,809.08 मिलियन डॉलर
- वियतनाम – लगभग 1,642.89 मिलियन डॉलर
- संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) – लगभग 1,526.05 मिलियन डॉलर
- मलेशिया – लगभग 1,322.79 मिलियन डॉलर
इनके अलावा इराक, बांग्लादेश, ईरान, मिस्र और नेपाल भी भारतीय खाद्य उत्पादों के महत्वपूर्ण आयातक देशों में शामिल हैं।
भारतीय खाद्य उत्पादों की मांग क्यों बढ़ रही है?
भारतीय खाद्य उत्पादों की लोकप्रियता के पीछे कई कारण हैं।
- उच्च गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन
- प्रतिस्पर्धी कीमतें
- मजबूत कृषि उत्पादन
- बेहतर प्रोसेसिंग और पैकेजिंग
- भारतीय प्रवासी समुदाय की बढ़ती संख्या
- सरकार की निर्यात प्रोत्साहन नीतियां और APEDA की पहल
इन कारणों से भारत वैश्विक खाद्य बाजार में अपनी मजबूत स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है खाद्य निर्यात?
खाद्य उत्पादों का बढ़ता निर्यात केवल विदेशी मुद्रा अर्जित करने तक सीमित नहीं है। इससे किसानों की आय बढ़ती है, कृषि आधारित उद्योगों को गति मिलती है, रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक ब्रांड वैल्यू मजबूत होती है। आने वाले वर्षों में सरकार का लक्ष्य कृषि एवं खाद्य निर्यात को और अधिक बढ़ाकर नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाना है।


