NCDEX Guar Korma Futures: कमोडिटी मार्केट में निवेशकों के लिए एक नया अवसर खुलने जा रहा है। नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) ने 24 जुलाई 2026 से ग्वार कोरमा (GUARKORMA) फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके बाद निवेशक सोना, चांदी और अन्य कमोडिटी की तरह ग्वार कोरमा में भी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कर सकेंगे। इस कदम से किसानों, प्रोसेसर्स, निर्यातकों और निवेशकों को कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव (Hedging) का नया विकल्प मिलेगा।
24 जुलाई से शुरू होगी ग्वार कोरमा फ्यूचर्स ट्रेडिंग
NCDEX के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को लॉन्च के समय सितंबर 2026 से जनवरी 2027 तक की एक्सपायरी वाले फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स उपलब्ध होंगे। इसके बाद एक्सचेंज के तय लॉन्च कैलेंडर के अनुसार आगे की एक्सपायरी भी जोड़ी जाएंगी।
यह कॉन्ट्रैक्ट जोधपुर स्थित वेयरहाउस (Ex-Warehouse Jodhpur) पर आधारित होगा और इसकी एक्सपायरी पर अनिवार्य डिलीवरी (Mandatory Delivery) का प्रावधान रहेगा।
सोना-चांदी की तरह होगी ट्रेडिंग
जिस तरह निवेशक MCX पर गोल्ड, सिल्वर या अन्य कमोडिटी के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेडिंग करते हैं, उसी तरह अब NCDEX पर ग्वार कोरमा के फ्यूचर्स में भी निवेश और ट्रेडिंग की जा सकेगी।
हालांकि यह फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट मुख्य रूप से किसानों, प्रोसेसर्स और उद्योग से जुड़े कारोबारियों के लिए कीमतों के जोखिम से बचाव का साधन है, लेकिन पात्र निवेशक भी इसमें ट्रेडिंग कर सकेंगे।
ग्वार कोरमा फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की प्रमुख विशेषताएं
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| एक्सचेंज | NCDEX |
| कमोडिटी | ग्वार कोरमा (GUARKORMA) |
| लॉन्च तारीख | 24 जुलाई 2026 |
| शुरुआती एक्सपायरी | सितंबर 2026 से जनवरी 2027 |
| ट्रेडिंग यूनिट | 5 मीट्रिक टन (MT) |
| डिलीवरी बेस | Ex-Warehouse, जोधपुर |
| टिक साइज | ₹1 प्रति क्विंटल |
| सेटलमेंट | अनिवार्य डिलीवरी |
कितना करना होगा निवेश?
ग्वार कोरमा फ्यूचर्स की ट्रेडिंग यूनिट 5 मीट्रिक टन तय की गई है। यानी निवेशक को पूरे कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से ट्रेड करना होगा।
हालांकि टिक साइज ₹1 प्रति क्विंटल रखा गया है, लेकिन वास्तविक भुगतान कॉन्ट्रैक्ट के कुल आकार यानी 5 MT के आधार पर होगा।
क्यों अहम है यह लॉन्च?
NCDEX के चीफ बिजनेस ऑफिसर केदार देशपांडे ने कहा कि भारत दुनिया में ग्वार और उससे बने उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। ग्वार कोरमा पशु आहार उद्योग में हाई-प्रोटीन सामग्री के रूप में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है, लेकिन अब तक इसके लिए कीमतों के जोखिम को मैनेज करने का प्रभावी प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं था।
उन्होंने कहा कि नए GUARKORMA Futures के जरिए बाजार सहभागियों को बेहतर प्राइस डिस्कवरी और हेजिंग का अवसर मिलेगा।
ग्वार कोरमा क्या है?
ग्वार के बीजों की प्रोसेसिंग के बाद दो प्रमुख उत्पाद निकलते हैं—
- ग्वार गम (Guar Gum) – जिसका उपयोग फूड, फार्मा, ऑयल एंड गैस और टेक्सटाइल उद्योग में होता है।
- ग्वार कोरमा (Guar Korma) – यह उच्च प्रोटीन वाला पशु आहार (Animal Feed) है, जिसका उपयोग डेयरी और पशुपालन उद्योग में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
देश और विदेश में इसकी लगातार मांग रहने के कारण इसकी कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
भारत क्यों है ग्वार का सबसे बड़ा उत्पादक?
भारत दुनिया के कुल ग्वार उत्पादन का करीब 80% हिस्सा पैदा करता है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में भी भारतीय ग्वार की अहम भूमिका रहती है।
देश में ग्वार की खेती मुख्य रूप से इन राज्यों में होती है—
- राजस्थान
- गुजरात
- हरियाणा
इसके अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी इसकी खेती की जाती है।
किसानों और निवेशकों को क्या होगा फायदा?
ग्वार कोरमा फ्यूचर्स लॉन्च होने से कई लाभ मिल सकते हैं—
- किसानों को बेहतर मूल्य संकेत (Price Discovery) मिलेंगे।
- निर्यातकों और प्रोसेसर्स को कीमतों के जोखिम से बचाव का विकल्प मिलेगा।
- निवेशकों के लिए कमोडिटी निवेश का नया अवसर खुलेगा।
- बाजार में पारदर्शिता और लिक्विडिटी बढ़ने की संभावना रहेगी।
क्या ग्वार कोरमा फ्यूचर्स में निवेश करना चाहिए?
कमोडिटी फ्यूचर्स में निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसमें कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसलिए केवल वही निवेशक इसमें ट्रेड करें जिन्हें कमोडिटी बाजार की जानकारी हो और जो जोखिम उठाने की क्षमता रखते हों।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता। कमोडिटी और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


