Mumbai Ahmedabad Bullet Train Update: भारत की पहली हाई-स्पीड रेल यानी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का पहला सेक्शन अगले साल शुरू किया जाएगा। सबसे पहले सूरत से बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने की संभावना है। इसके बाद पूरे कॉरिडोर को अलग-अलग चरणों में यात्रियों के लिए खोला जाएगा।
रेल मंत्री ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और सरकार की योजना है कि चरणबद्ध तरीके से देश को पहली बुलेट ट्रेन सेवा उपलब्ध कराई जाए।
सूरत-बिलिमोरा के बीच चलेगी पहली Bullet Train
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला हिस्सा अगले साल शुरू किया जाएगा।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, रेल मंत्री ने कहा कि:
“मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले साल सूरत और बिलिमोरा के बीच इसका पहला सेक्शन शुरू किया जाएगा। इसके बाद बाकी हिस्सों को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।”
सूरत-बिलिमोरा सेक्शन को परियोजना के शुरुआती हिस्से के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह गुजरात के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ेगा।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना कब होगी पूरी?
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर करीब 508 किलोमीटर लंबा है। यह देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसे जापान की तकनीक और सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
रेल मंत्री के मुताबिक, इस परियोजना को कई चरणों में शुरू किया जाएगा। इसकी संभावित चरणबद्ध शुरुआत इस प्रकार होगी:
- पहला चरण: सूरत से बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन सेवा
- दूसरा चरण: वापी से सूरत सेक्शन
- तीसरा चरण: वापी से अहमदाबाद तक विस्तार
- चौथा चरण: अहमदाबाद से ठाणे तक सेवा
- अंतिम चरण: अहमदाबाद से मुंबई तक पूरा कॉरिडोर शुरू करना
सरकार का लक्ष्य है कि धीरे-धीरे पूरे हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को ऑपरेशनल बनाया जाए।
Bullet Train Project से गुजरात और महाराष्ट्र को मिलेगा फायदा
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना सिर्फ तेज यात्रा का माध्यम नहीं होगी, बल्कि इससे औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यह कॉरिडोर देश के दो बड़े आर्थिक केंद्रों — मुंबई और अहमदाबाद — को जोड़ेगा। इसके रास्ते में आने वाले शहरों जैसे सूरत, वडोदरा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को भी इसका फायदा मिलेगा।
बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद:
- यात्रा का समय काफी कम होगा
- व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी
- रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
- आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिलेगी
हैदराबाद बनेगा हाई-स्पीड रेल का बड़ा केंद्र
अश्विनी वैष्णव ने हैदराबाद में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर भी बड़ी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना के तहत हैदराबाद को तीन हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
इन प्रस्तावित कॉरिडोर में शामिल हैं:
- पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
- हैदराबाद-चेन्नई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
- हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
रेल मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से हैदराबाद देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
इन कॉरिडोर से दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास पर भी सरकार का फोकस
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे स्टेशन पुनर्विकास योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का काम तेजी से चल रहा है।
उन्होंने कहा कि अब तक 261 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा हो चुका है।
सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह काम ट्रेन सेवाओं को जारी रखते हुए किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कई देशों में स्टेशन निर्माण के दौरान ट्रेन संचालन रोक दिया जाता है, लेकिन भारत में यात्रियों की सुविधा को देखते हुए ट्रेनों का संचालन जारी रखते हुए निर्माण किया जा रहा है।
सिकंदराबाद स्टेशन पर बनेगा बड़ा एयर कॉनकोर्स
सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के बारे में रेल मंत्री ने बताया कि स्टेशन पर सभी प्लेटफॉर्म के ऊपर एक बड़ा एयर कॉनकोर्स बनाया जा रहा है।
इस आधुनिक डिजाइन का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना है।
एयर कॉनकोर्स में यात्रियों के लिए:
- बेहतर आवाजाही व्यवस्था
- आधुनिक यात्री सुविधाएं
- आसान प्लेटफॉर्म कनेक्टिविटी
- सुरक्षित और आरामदायक माहौल
जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
तेलंगाना में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा
रेल मंत्री ने तेलंगाना में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं के तहत 100 से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को प्रोत्साहन दिया गया है।
इससे तेलंगाना जैसे राज्यों को भी फायदा मिल रहा है और राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का विस्तार हो रहा है।
उन्होंने बताया कि तेलंगाना में रेलवे परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने करीब 5,400 करोड़ रुपये का बजट दिया है।
भारत की पहली Bullet Train का सपना अब हकीकत के करीब
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना भारत के परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाली परियोजनाओं में शामिल है। लंबे समय से चल रहे इस प्रोजेक्ट का पहला सेक्शन शुरू होना देश में हाई-स्पीड रेल युग की शुरुआत माना जा रहा है।
अगर तय समय के अनुसार सूरत-बिलिमोरा सेक्शन अगले साल शुरू होता है, तो भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां अत्याधुनिक हाई-स्पीड ट्रेन नेटवर्क मौजूद है।
बुलेट ट्रेन परियोजना से न सिर्फ यात्रा तेज होगी, बल्कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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