लगातार चार महीने तक भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने आखिरकार जोरदार वापसी की है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर खरीदारी करते हुए महज पांच कारोबारी दिनों में ₹14,449.17 करोड़ का शुद्ध निवेश किया। इसके साथ ही जुलाई महीने में अब तक एफपीआई का कुल निवेश बढ़कर ₹15,157 करोड़ पहुंच गया है।
Highlights
- 4 महीने की लगातार बिकवाली के बाद FPI की भारतीय बाजार में वापसी।
- सिर्फ 5 कारोबारी दिनों में ₹14,449.17 करोड़ का शुद्ध निवेश।
- जुलाई में अब तक कुल खरीदारी ₹15,157 करोड़ पहुंची।
- घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी रहे शुद्ध खरीदार।
- सरकारी बॉन्ड (Debt FAR) में भी विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है।
विदेशी निवेशकों ने बदला रुख
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने पिछले सप्ताह के सभी पांच कारोबारी सत्रों में लगातार खरीदारी की। यह पिछले चार महीनों की लगातार बिकवाली के बाद पहला बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इस ताजा निवेश के बाद कैलेंडर वर्ष 2026 में एफपीआई की कुल शुद्ध निकासी घटकर ₹2,59,115 करोड़ रह गई है।
पिछले चार महीनों में लगातार बिकवाली
एफपीआई ने इससे पहले लगातार चार महीनों तक भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली की थी।
| महीना | शुद्ध बिकवाली (करोड़ रुपये) |
|---|---|
| मार्च | 1,17,775 |
| अप्रैल | 60,847 |
| मई | 32,963 |
| जून | 49,340 |
साल 2026 की पहली छमाही में फरवरी को छोड़कर बाकी अधिकांश महीनों में विदेशी निवेशक शुद्ध बिकवाल रहे।
DII ने भी दिया बाजार को सहारा
विदेशी निवेशकों के साथ-साथ घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी बाजार में भरोसा दिखाया। पिछले सप्ताह डीआईआई ने करीब ₹8,280 करोड़ के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला।
साप्ताहिक आधार पर बाजार रहा कमजोर
हालांकि विदेशी निवेश में बढ़ोतरी के बावजूद बाजार सप्ताह के अंत में हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ।
- सेंसेक्स: 194.52 अंक (0.25%) की गिरावट
- निफ्टी: 63.95 अंक (0.26%) की गिरावट
8 जुलाई को सेंसेक्स में 1,677 अंकों की बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। इसके पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान से जुड़े अंतरिम समझौते को समाप्त करने की घोषणा को प्रमुख वजह माना गया। हालांकि इसके बाद अगले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स ने 1,050 अंकों से अधिक की रिकवरी भी दर्ज की।
पिछले सप्ताह FPI का दैनिक निवेश
| तारीख | शुद्ध निवेश (करोड़ रुपये) |
|---|---|
| 6 जुलाई | 2,276.32 |
| 7 जुलाई | 848.33 |
| 8 जुलाई | 1,570.71 |
| 9 जुलाई | 9,488.75 |
| 10 जुलाई | 265.06 |
सबसे अधिक निवेश 9 जुलाई को देखने को मिला, जब विदेशी निवेशकों ने करीब ₹9,489 करोड़ की खरीदारी की।
सरकारी बॉन्ड में भी बढ़ रहा विदेशी निवेश
शेयर बाजार के अलावा विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी सरकारी बॉन्ड (Debt FAR) में भी लगातार बढ़ रही है। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से किए गए सुधारों का असर अब निवेश के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है।
- जुलाई में अब तक Debt FAR में निवेश: ₹6,625 करोड़
- जून में निवेश: ₹21,652 करोड़
- मई में निवेश: ₹4,405 करोड़
- 2026 में अब तक कुल निवेश: ₹42,890 करोड़
इसके अलावा सामान्य डेट श्रेणी (General Debt) में भी जुलाई के दौरान ₹3,338 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया।
क्या संकेत देती है FPI की वापसी?
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की वापसी भारतीय बाजार में निवेशकों के भरोसे का संकेत हो सकती है। यदि वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं, तो आने वाले हफ्तों में विदेशी निवेश का यह रुझान बाजार को अतिरिक्त मजबूती दे सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी ब्याज दरों और कॉरपोरेट तिमाही नतीजों पर भी नजर बनाए रखनी चाहिए।


