Highlights
- अमेरिका-ईरान तनाव से सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ी सोने की मांग
- घरेलू बाजार में ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम मजबूत सपोर्ट लेवल
- एक्सपर्ट्स के अनुसार बड़ी गिरावट की संभावना बेहद कम
- दिवाली तक सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की उम्मीद
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने एक बार फिर वैश्विक निवेशकों का रुख सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर मोड़ दिया है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 4,000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई हैं, जबकि भारत में सोना फिलहाल ₹1.40 लाख से ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मौजूदा स्तर पर सोना खरीदना सही रहेगा या कीमतों में और गिरावट का इंतजार करना चाहिए? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत अधिक गिरावट की उम्मीद करना सही रणनीति नहीं होगी।
क्या सोने में बड़ी गिरावट आ सकती है?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने ने मौजूदा स्तरों पर मजबूत आधार बना लिया है। यदि कीमतों में गिरावट आती भी है तो वह करीब 5% तक सीमित रह सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू बाजार में ₹1.35 लाख प्रति 10 ग्राम का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। इसलिए केवल सस्ते होने की उम्मीद में खरीदारी को लंबे समय तक टालना समझदारी नहीं होगी, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें त्योहार या शादी-ब्याह के लिए सोना खरीदना है।
सोने की कीमतों में तेजी के 3 बड़े कारण
1. अमेरिका-ईरान तनाव
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से निकलकर सोने जैसी सुरक्षित संपत्ति में निवेश बढ़ा रहे हैं।
2. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। महंगाई से बचाव (Hedging) के लिए निवेशक सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
3. अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर जारी अनिश्चितता भी सोने की कीमतों को समर्थन दे रही है। कम ब्याज दरों की संभावना आमतौर पर सोने के लिए सकारात्मक मानी जाती है।
दिवाली तक कितना महंगा हो सकता है सोना?
विश्लेषकों ने दिवाली तक सोने के लिए दो संभावित परिदृश्य बताए हैं।
पहला परिदृश्य
यदि वैश्विक तनाव धीरे-धीरे कम होता है और आर्थिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं, तो घरेलू बाजार में सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
दूसरा परिदृश्य
अगर भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोने की कीमतें ₹1.35 लाख से ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का आउटलुक
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3,800 डॉलर प्रति औंस का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं लंबी अवधि में 5,100 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य महत्वपूर्ण माना जा रहा है, यदि वैश्विक परिस्थितियां सोने के पक्ष में बनी रहती हैं।
ज्वैलरी बाजार में बढ़ी ग्राहकों की दिलचस्पी
रिकॉर्ड ऊंचाई से कीमतों में आई हल्की नरमी के बाद ज्वैलरी बाजार में ग्राहकों की वापसी देखने को मिल रही है। पहले ऊंचे दामों के कारण खरीदारी प्रभावित हुई थी, लेकिन अब त्योहारी सीजन और शादी-विवाह की तैयारियों को देखते हुए मांग में सुधार आने लगा है।
सर्राफा कारोबारियों को उम्मीद है कि अगस्त से शुरू होने वाले फेस्टिव सीजन के दौरान सोने की बिक्री पिछले साल के बराबर या उससे बेहतर रह सकती है।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
अगर आपकी खरीदारी शादी, त्योहार या दीर्घकालिक निवेश के उद्देश्य से है, तो विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा स्तरों पर चरणबद्ध (SIP या किस्तों में) खरीदारी एक बेहतर रणनीति हो सकती है। वहीं, जो निवेशक केवल बड़ी गिरावट का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि बाजार में फिलहाल भारी करेक्शन की संभावना कम बताई जा रही है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से जुड़े सभी फैसले बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


