घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को सकारात्मक माहौल के बीच इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी Syrma SGS के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान 5% से अधिक चढ़ गया। इस तेजी के पीछे दो प्रमुख वजहें रहीं—पहली, वैश्विक ब्रोकरेज HSBC ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी और दूसरी, केंद्र सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए कस्टम ड्यूटी में दी गई राहत।
बीएसई पर Syrma SGS का शेयर 4.99% की बढ़त के साथ ₹1,430.70 पर कारोबार करता दिखा। इंट्राडे में यह 5.64% उछलकर ₹1,439.65 तक पहुंच गया। बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक धारणा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे कवर करने वाले अधिकांश विश्लेषकों ने इसमें निवेश की सलाह दी है।
HSBC ने ₹1,750 का दिया टारगेट
ब्रोकरेज फर्म HSBC ने Syrma SGS पर कवरेज की शुरुआत ‘Buy’ रेटिंग के साथ की है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,750 तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी भारतीय EMS सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल है और इसका ग्राहक आधार काफी विविध है।
HSBC के अनुसार कंपनी की भविष्य की ग्रोथ में बैकवर्ड इंटीग्रेशन, इनऑर्गेनिक एक्सपैंशन, हाई एक्सपोर्ट मिक्स, हाई इंजीनियरिंग एवं लो-वॉल्यूम प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और वर्टिकल इंटीग्रेशन जैसी रणनीतियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन कारकों से कंपनी के मार्जिन में भी मजबूती आने की उम्मीद जताई गई है।
सरकार के फैसले से EMS सेक्टर को राहत
केंद्र सरकार ने हाल ही में डिस्प्ले असेंबली और लिथियम-आयन सेल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी समाप्त करने का फैसला किया है।
सरकार ने डिस्प्ले असेंबली के पांच प्रमुख कंपोनेंट्स—
- सेल (Cell)
- फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट असेंबली (FPCA)
- बैकलाइट यूनिट (BLU)
- फ्रेम
- एनआइसोट्रोपिक कंडक्टिव फिल्म (ACF)
पर ड्यूटी राहत दी है। इसके अलावा इंडक्टर कॉइल मॉड्यूल और लिथियम-आयन सेल निर्माण में उपयोग होने वाले कुछ अन्य सामान को भी ड्यूटी से छूट मिली है।
इस कदम से घरेलू कंपनियों के लिए उत्पादन लागत घटेगी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलने की उम्मीद है।
मार्च 2029 तक मिलेगी नीति की स्पष्टता
सरकार का यह फैसला पहले से लागू शून्य बेसिक कस्टम ड्यूटी व्यवस्था का विस्तार है। इसके तहत संबंधित कंपोनेंट्स का मार्च 2029 तक बिना ड्यूटी आयात किया जा सकेगा। इससे कंपनियों को लंबे समय तक नीति संबंधी स्पष्टता मिलेगी और निवेश योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
इक्विरस ने भी जताया भरोसा
ब्रोकरेज फर्म Equirus का मानना है कि यह फैसला भारतीय EMS और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकोसिस्टम के लिए सकारात्मक है। इससे डिस्प्ले कंपोनेंट्स की लागत कम होगी, घरेलू वैल्यू एडिशन बढ़ेगा और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, हेल्थकेयर उपकरण तथा ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।
ब्रोकरेज के अनुसार इस फैसले का लाभ Syrma SGS, Dixon Technologies और Kaynes Technology जैसी कंपनियों को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


