Dr Reddy’s Share Price: फार्मा दिग्गज डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज के शेयरों में गुरुवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कंपनी द्वारा सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) की सप्लाई में संभावित देरी की जानकारी देने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर इंट्रा-डे कारोबार में 6% से अधिक टूट गया। कंपनी ने बताया कि दवा के कुछ बैच गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं, जिसके चलते फिलहाल इसकी कमर्शियल सप्लाई प्रभावित होगी।
6% से ज्यादा टूटा Dr Reddy’s का शेयर
डॉ रेड्डीज के शेयर बीएसई पर इंट्रा-डे कारोबार के दौरान 6.50% की गिरावट के साथ ₹1,261 तक फिसल गए। बाद में कुछ रिकवरी जरूर हुई, लेकिन शेयर अब भी करीब 5.81% की कमजोरी के साथ ₹1,270.30 पर कारोबार करता दिखा।
पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 21 जनवरी 2026 को शेयर ने ₹1,149 का एक साल का निचला स्तर बनाया था। इसके बाद इसमें जोरदार तेजी आई और 29 जून 2026 को यह ₹1,414.40 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि ताजा घटनाक्रम ने इस तेजी पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।
Semaglutide की सप्लाई में देरी क्यों?
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि Semaglutide के कुछ बैच तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच में पता चला कि समस्या दवा में इस्तेमाल किए गए API (Active Pharmaceutical Ingredient) से जुड़ी है।
डॉ रेड्डीज ने कहा कि इस गड़बड़ी की मूल वजह की जांच जारी है। जब तक समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो जाती, तब तक सेमाग्लूटाइड की कमर्शियल सप्लाई कुछ समय के लिए प्रभावित रहेगी।
हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे का मरीजों की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है और न ही इससे कंपनी की वैश्विक रेगुलेटरी फाइलिंग्स प्रभावित हुई हैं।
कनाडा में हाल ही में लॉन्च हुई थी दवा
डॉ रेड्डीज ने सेमाग्लूटाइड को मई 2026 में कनाडा के बाजार में लॉन्च किया था। इस लॉन्च को कंपनी के लिए करीब 12 करोड़ डॉलर के संभावित कारोबारी अवसर के रूप में देखा जा रहा था। ऐसे में सप्लाई में देरी की खबर ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया और शेयर पर दबाव बना।
जेफरीज ने क्या कहा?
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने 1 जुलाई की अपनी रिपोर्ट में डॉ रेड्डीज के लिए दो प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर्स बताए थे।
- पहला, कनाडा में सेमाग्लूटाइड का बिजनेस, जहां प्रतिस्पर्धा और प्राइसिंग प्रेशर के बावजूद कंपनी की मजबूत बाजार हिस्सेदारी बनी हुई है।
- दूसरा, Abatacept बायोसिमिलर, जिसे अमेरिका में 2027 तक लॉन्च किए जाने की संभावना है। हालांकि कंपनी के प्लांट से जुड़े कुछ नियामकीय मुद्दे अभी भी लंबित हैं।
ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए कंपनी के EPS (प्रति शेयर आय) के अनुमान में बढ़ोतरी की है और शेयर का फेयर वैल्यू ₹1,540 तय किया है। इसके बावजूद Jefferies का मानना है कि मौजूदा स्तर पर रिस्क-रिवार्ड अनुपात आकर्षक नहीं है। इसी वजह से उसने स्टॉक पर अपनी ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


