केंद्र सरकार ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए खोपरा (सूखा नारियल) और तोतापुरी आम की सरकारी खरीद को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उन्हें बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं होगी। सरकार ने यह खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत करने का फैसला लिया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिलेगी।
Highlights
- केंद्र सरकार ने तोतापुरी आम और खोपरा की सरकारी खरीद को मंजूरी दी।
- किसानों को MSP और MIS के तहत मिलेगा बेहतर मूल्य।
- 96,879 मीट्रिक टन तोतापुरी आम की होगी सरकारी खरीद।
- 87,226 मीट्रिक टन खोपरा MSP पर खरीदा जाएगा।
- फैसले से किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा।
तोतापुरी आम की होगी सरकारी खरीद
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तमिलनाडु के किसानों को राहत देते हुए बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत 96,879 मीट्रिक टन तोतापुरी आम की सरकारी खरीद को मंजूरी दी है।
सरकार ने इसके लिए ₹1,545.41 प्रति क्विंटल का बाजार हस्तक्षेप मूल्य तय किया है। हाल के दिनों में आम की कीमतों में गिरावट से परेशान किसानों को इस फैसले से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
MSP पर खरीदा जाएगा 87,226 मीट्रिक टन खोपरा
तमिलनाडु सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए 87,226 मीट्रिक टन खोपरा की खरीद को भी मंजूरी दी है। इसमें लगभग 87,000 मीट्रिक टन मिलिंग खोपरा और 226 मीट्रिक टन बाल खोपरा शामिल हैं।
यह खरीद मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत MSP पर की जाएगी। इसके लिए सरकार ने ₹1,049.16 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके।
किसानों को मिलेगा बेहतर दाम
पिछले कुछ समय से तोतापुरी आम उत्पादक किसान बाजार में कम कीमत मिलने से परेशान थे। ऐसे में तमिलनाडु सरकार ने केंद्र से बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीद की मांग की थी। अब मंजूरी मिलने के बाद किसानों को बाजार भाव गिरने की स्थिति में भी सरकारी खरीद का लाभ मिलेगा और उनकी आय पर नकारात्मक असर कम होगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
सरकार का मानना है कि खोपरा और तोतापुरी आम की सरकारी खरीद से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा और उन्हें अपनी उपज के उचित मूल्य को लेकर अधिक सुरक्षा मिलेगी।
गौरतलब है कि तमिलनाडु देश में तोतापुरी आम के प्रमुख उत्पादक राज्यों में शामिल है। इस किस्म के आम का उपयोग मुख्य रूप से जूस, पल्प, प्यूरी और अन्य प्रोसेस्ड मैंगो उत्पाद बनाने में किया जाता है। ऐसे में सरकारी खरीद का लाभ सीधे बड़ी संख्या में आम उत्पादक किसानों तक पहुंचेगा।


