Highlights
- 25 जुलाई को CITES प्रोजेक्ट को मिल सकती है मंजूरी।
- नौकरी बदलने पर PF अकाउंट ऑटोमैटिक ट्रांसफर होगा।
- PF निकासी के नियम होंगे आसान, तीन कैटेगरी में मिलेगा विकल्प।
- 7 करोड़ से अधिक EPFO सदस्यों और 80 लाख पेंशनर्स को होगा फायदा।
नई दिल्ली: EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक बड़ा डिजिटल बदलाव करने जा रहा है। 25 जुलाई को होने वाली EPFO की बोर्ड बैठक में Centralised IT Enabled Services (CITES) प्रोजेक्ट के अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। यदि यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो PF ट्रांसफर और निकासी की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान, तेज और डिजिटल हो जाएगी।
नौकरी बदलते ही अपने आप ट्रांसफर होगा PF
फिलहाल नौकरी बदलने के बाद कर्मचारियों को PF ट्रांसफर के लिए कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। कई मामलों में अप्रूवल और दस्तावेजों के कारण प्रक्रिया में देरी भी होती है।
लेकिन CITES प्रोजेक्ट लागू होने के बाद PF अकाउंट का ट्रांसफर ऑटोमैटिक हो जाएगा। यानी नई नौकरी जॉइन करते ही आपका PF बैलेंस बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के नए खाते में स्थानांतरित हो सकेगा। इससे कर्मचारियों का समय बचेगा और कागजी झंझट भी खत्म होगा।
PF निकासी के नियम भी होंगे आसान
EPFO निकासी प्रक्रिया को भी सरल बनाने की तैयारी कर रहा है। अभी अलग-अलग कारणों के लिए अलग-अलग नियम लागू हैं, लेकिन नए सिस्टम में इन्हें सिर्फ तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा जाएगा।
नई निकासी श्रेणियां
- जरूरी जरूरत (Essential Needs)
- हाउसिंग (Housing)
- विशेष परिस्थितियां (Special Circumstances)
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन श्रेणियों के तहत सदस्य अपने कुल PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकेंगे, जिससे जरूरत के समय फंड तक पहुंच पहले से अधिक आसान होगी।
करोड़ों लोगों को मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि CITES प्लेटफॉर्म लागू होने से:
- 7 करोड़ से अधिक सक्रिय EPFO सदस्य लाभान्वित होंगे।
- 80 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को बेहतर डिजिटल सेवाएं मिलेंगी।
- क्लेम प्रोसेसिंग तेज होगी।
- पारदर्शिता और सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
डिजिटल होगा पूरा सिस्टम
CITES प्रोजेक्ट का उद्देश्य EPFO की सेवाओं को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल बनाना है। इससे PF ट्रांसफर, निकासी और अन्य सेवाओं में लगने वाला समय कम होगा तथा कर्मचारियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
अगर 25 जुलाई की बोर्ड बैठक में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले समय में EPFO की अधिकांश सेवाएं अधिक सरल, तेज और ऑटोमेटेड हो जाएंगी।


