नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार ने पिछले डेढ़ साल में वैश्विक घटनाओं, अमेरिका के टैरिफ और पश्चिम एशिया में तनाव जैसे कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। इसके बावजूद बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी ने नए रिकॉर्ड हाई भी बनाए। अब निवेशकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सेंसेक्स 1 लाख के स्तर तक पहुंच सकता है? इस पर वैश्विक ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने अपनी नई रिपोर्ट में बड़ा अनुमान जताया है।
जून 2027 तक सेंसेक्स के लिए 2 बड़े टारगेट
मॉर्गन स्टेनली ने जून 2027 तक सेंसेक्स के लिए तीन संभावित परिदृश्य (Scenario) पेश किए हैं।
- बेस-केस टारगेट: 89,000 अंक
- बुल-केस टारगेट: 1,00,000 अंक
- बेयर-केस टारगेट: 66,000 अंक
ब्रोकरेज का मानना है कि यदि आर्थिक परिस्थितियां उम्मीद के मुताबिक बेहतर रहीं और कॉर्पोरेट कमाई मजबूत रही, तो सेंसेक्स 1 लाख अंक तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बुल-केस की संभावना करीब 25% है।
क्यों है बाजार पर इतना भरोसा?
मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार की हालिया वैल्यूएशन में आई कमजोरी स्ट्रक्चरल नहीं बल्कि साइक्लिकल है। यानी यह अस्थायी दबाव है और आने वाले समय में इसमें सुधार देखने को मिल सकता है।
ब्रोकरेज ने बाजार के पक्ष में कई मजबूत कारण गिनाए हैं।
- देश में मैक्रो इकोनॉमिक हालात में लगातार सुधार।
- प्राइवेट सेक्टर का निवेश बढ़ने की संभावना।
- घरेलू निवेशकों की मजबूत लिक्विडिटी।
- सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियां।
- विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी अभी अपेक्षाकृत कम होना।
- भारतीय बाजार का ऐतिहासिक औसत की तुलना में आकर्षक वैल्यूएशन।
क्या विदेशी निवेश फिर बढ़ेगा?
रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) को आसान बनाने के लिए किए जा रहे संरचनात्मक सुधार आने वाले समय में विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकते हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो विदेशी निवेश का प्रवाह भारतीय बाजार को अतिरिक्त मजबूती दे सकता है।
भारत की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा कायम
मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को लेकर जो चिंताएं जताई जा रही हैं, वे जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही हैं।
ब्रोकरेज के अनुसार, निम्नलिखित कारक भारत की ग्रोथ को लंबे समय तक समर्थन देंगे—
- युवा और बड़ा उपभोक्ता बाजार।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से उत्पादकता में सुधार।
- लगातार बढ़ता पूंजीगत निवेश।
- सेवा क्षेत्र की मजबूती।
- वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका।
अर्निंग्स सीजन से भी बड़ी उम्मीद
मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि आने वाला कॉर्पोरेट अर्निंग्स सीजन बाजार को सकारात्मक रूप से चौंका सकता है। हाई-फ्रीक्वेंसी आर्थिक संकेतक मजबूत बने हुए हैं, जिससे कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर आ सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
यदि भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ मजबूत बनी रहती है, कॉर्पोरेट मुनाफा बढ़ता है और विदेशी निवेश दोबारा तेजी से लौटता है, तो अगले दो वर्षों में सेंसेक्स नई ऊंचाइयों को छू सकता है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, ब्याज दरें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए निवेशकों को लंबी अवधि का नजरिया अपनाते हुए जोखिम और अवसर दोनों पर ध्यान देना चाहिए।


