Petrol Diesel Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है। ओपेक+ (OPEC+) देशों द्वारा उत्पादन बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों में गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद भारत की सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार, 03 जुलाई 2026, को भी पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। दिल्ली समेत देश के सभी प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें 25 मई 2026 के बाद से स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई से अपने ग्राहकों को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम कम कर दिए हैं।
ओपेक+ के फैसले से क्रूड ऑयल पर दबाव
दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों के समूह OPEC+ ने अगले महीने से उत्पादन बढ़ाने के संकेत दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, समूह के सदस्य देश सऊदी अरब, रूस, इराक, कजाखिस्तान, अल्जीरिया और ओमान मिलकर प्रतिदिन लगभग 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त कच्चे तेल का उत्पादन कर सकते हैं।
बाजार में सप्लाई बढ़ने की संभावना से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। शुक्रवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में:
- Brent Crude करीब 71.54 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया।
- WTI Crude लगभग 68.40 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले सप्ताहों में उत्पादन वास्तव में बढ़ता है और वैश्विक मांग में कोई बड़ी तेजी नहीं आती, तो कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है।
भारत में आज भी नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बावजूद भारतीय सरकारी तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने आज भी ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया।
देश में पेट्रोल और डीजल के दाम 25 मई 2026 से स्थिर बने हुए हैं। इससे पहले मई महीने में लगातार चार बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी।
मई 2026 में चार बार बढ़ी थीं कीमतें
विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद मई 2026 में तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार बार पेट्रोल और डीजल महंगे किए थे।
कीमतों में हुई प्रमुख बढ़ोतरी:
- 15 मई 2026: पेट्रोल ₹3.00 और डीजल ₹3.29 प्रति लीटर महंगा।
- 19 मई 2026: पेट्रोल ₹0.87 और डीजल ₹0.91 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।
- 23 मई 2026: फिर से पेट्रोल ₹0.87 और डीजल ₹0.91 प्रति लीटर महंगा।
- 25 मई 2026: पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर बढ़ाया गया।
इसके बाद से सरकारी कंपनियों ने किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया है।
दिल्ली समेत प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल रेट
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
दिल्ली में आज पेट्रोल और डीजल का भाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को:
- पेट्रोल: ₹102.12 प्रति लीटर
- डीजल: ₹95.20 प्रति लीटर
लगातार कई सप्ताह से राजधानी में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट जारी रहती है तो आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है।
नायरा एनर्जी ने ग्राहकों को दी राहत
जहां सरकारी कंपनियों ने अभी तक कोई बदलाव नहीं किया है, वहीं निजी क्षेत्र की प्रमुख ईंधन विक्रेता नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई 2026 से कीमतों में कटौती की है।
कंपनी ने:
- पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर सस्ता किया।
- डीजल ₹3 प्रति लीटर कम किया।
इस कदम के बाद कई उपभोक्ताओं की नजर अब सरकारी तेल कंपनियों पर टिक गई है कि वे कब कीमतों में राहत देंगी।
क्या जल्द सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल?
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एक-दो दिन की गिरावट के आधार पर खुदरा कीमतों में बदलाव नहीं किया जाता। भारतीय तेल कंपनियां आमतौर पर पहले से खरीदे गए कच्चे तेल, रिफाइनिंग लागत, डॉलर-रुपया विनिमय दर, फ्रेट चार्ज, टैक्स और मार्केटिंग मार्जिन को ध्यान में रखकर खुदरा कीमतें तय करती हैं।
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कई सप्ताह तक निम्न स्तर पर बनी रहती हैं, तब कीमतों में कटौती की संभावना मजबूत हो सकती है।
पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- पेट्रोल और डीजल की कीमतें तुरंत स्पॉट मार्केट के आधार पर तय नहीं होतीं।
- तेल कंपनियां पहले से खरीदी गई सप्लाई और औसत लागत के आधार पर मूल्य निर्धारण करती हैं।
- यदि कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं तो सरकार और तेल कंपनियां स्थिति की समीक्षा करेंगी।
इस बयान के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यदि वैश्विक बाजार में नरमी बनी रहती है तो उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाला कोई भी बड़ा बदलाव घरेलू ईंधन कीमतों पर प्रभाव डालता है।
हालांकि अंतिम खुदरा कीमत पर निम्नलिखित कारकों का भी असर पड़ता है:
- अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स
- रिफाइनिंग एवं परिवहन लागत
- तेल कंपनियों का मार्जिन
इसी वजह से कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बावजूद घरेलू कीमतों में तुरंत बदलाव नहीं देखने को मिलता।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि OPEC+ देशों द्वारा उत्पादन बढ़ाने की योजना लागू होती है और वैश्विक मांग सीमित रहती है, तो ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रह सकता है। ऐसे में भारतीय तेल कंपनियों पर भी कीमतों में राहत देने का दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि किसी भी संभावित कटौती का फैसला पूरी तरह बाजार की स्थिरता, आयात लागत और सरकारी समीक्षा पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लगातार सस्ता हो रहा है और OPEC+ द्वारा उत्पादन बढ़ाने के संकेत से कीमतों पर और दबाव बन गया है। इसके बावजूद 03 जुलाई 2026 को भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर है। वहीं नायरा एनर्जी पहले ही अपने ग्राहकों को राहत दे चुकी है। अब उपभोक्ताओं की निगाह इस बात पर है कि सरकारी तेल कंपनियां कब ईंधन की कीमतों में कटौती का फैसला लेती हैं।


