BPCL EWG Diesel: भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने भारतीय सेना के लिए एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (EWG) डीजल की पहली खेप बीना रिफाइनरी से रवाना की है। यह विशेष ईंधन बेहद ऊंचाई और कड़ाके की ठंड वाले इलाकों में सेना के वाहनों और उपकरणों के संचालन को आसान बनाने के लिए विकसित किया गया है।
HighLights
- BPCL ने भारतीय सेना के लिए EWG डीजल की पहली खेप भेजी।
- यह ईंधन बेहद ठंडे और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए विकसित किया गया है।
- EWG डीजल करीब -60 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में इंजन के संचालन में मदद करेगा।
- इसे BPCL के CRDC और बीना रिफाइनरी ने मिलकर स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है।
सियाचिन और लद्दाख जैसे इलाकों के लिए खास ईंधन
भारत के कई रणनीतिक और सैन्य क्षेत्र ऐसे हैं जहां सर्दियों में तापमान बेहद निचले स्तर तक पहुंच जाता है। सियाचिन और लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में अत्यधिक ठंड के कारण सामान्य ईंधन के प्रवाह और इंजन स्टार्ट होने में दिक्कत आ सकती है।
इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए BPCL ने EWG यानी Extreme Weather Grade Diesel तैयार किया है। कंपनी के मुताबिक, यह ईंधन अत्यधिक ठंड में भी बेहतर तरीके से बहने और सैन्य वाहनों तथा उपकरणों के संचालन में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इसका इस्तेमाल खास तौर पर ऐसे इलाकों में महत्वपूर्ण हो सकता है जहां तापमान -60 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है और सेना को लगातार वाहनों, मशीनरी और दूसरे उपकरणों का संचालन करना पड़ता है।
बीना रिफाइनरी से रवाना हुई पहली खेप
BPCL ने अपनी बीना रिफाइनरी से EWG डीजल की पहली खेप यानी रेक भारतीय सेना के लिए रवाना की। कंपनी के अनुसार, इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा (AVSM, SM, VSM), DGST ने हरी झंडी दिखाकर खेप को रवाना किया।
कार्यक्रम में भारतीय सेना, रेलवे और BPCL के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें BPCL के डायरेक्टर (मार्केटिंग) शुभंकर सेन भी शामिल थे।
इस ईंधन को BPCL के कॉरपोरेट रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (CRDC) और बीना रिफाइनरी ने मिलकर विकसित किया है। खास बात यह है कि इसके विकास में स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
EWG डीजल की क्या है खासियत?
EWG डीजल को सामान्य डीजल की तुलना में अत्यधिक ठंड की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं:
1. बेहद कम तापमान में बेहतर प्रवाह
अत्यधिक ठंड में डीजल के गाढ़ा होने या उसके प्रवाह में परेशानी आने की आशंका रहती है। EWG डीजल को ऐसी परिस्थितियों में बेहतर फ्लो के लिए विकसित किया गया है।
2. इंजन स्टार्ट करने में मदद
बहुत कम तापमान में इंजन को स्टार्ट करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेष ग्रेड का यह ईंधन ऐसे मौसम में इंजन के सुचारू संचालन में मदद करता है।
3. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उपयोगी
लद्दाख और सियाचिन जैसे इलाकों में कम तापमान के साथ ऊंचाई भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे क्षेत्रों में सैन्य वाहनों और उपकरणों के लिए भरोसेमंद ईंधन महत्वपूर्ण है।
4. ऑपरेशनल क्षमता को मिलेगा सहारा
कठिन मौसम में वाहनों के संचालन में रुकावट कम होने से सेना की लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूती मिल सकती है।
सेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है EWG डीजल?
भारतीय सेना को देश के बेहद दुर्गम इलाकों में लगातार ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियां संचालित करनी पड़ती हैं। इन क्षेत्रों में सड़क और मौसम दोनों ही चुनौतीपूर्ण होते हैं।
ऐसे में ईंधन की गुणवत्ता सीधे सैन्य वाहनों की उपलब्धता और संचालन क्षमता से जुड़ जाती है। अगर अत्यधिक ठंड में ईंधन के कारण वाहन स्टार्ट न हो या फ्यूल का प्रवाह प्रभावित हो, तो इसका असर सप्लाई और सैन्य गतिविधियों पर पड़ सकता है।
EWG डीजल इसी समस्या को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बेहद ठंडे क्षेत्रों में तैनात वाहनों और उपकरणों के लिए अधिक भरोसेमंद ईंधन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में कदम
BPCL के डायरेक्टर (मार्केटिंग) शुभंकर सेन ने EWG डीजल को कंपनी की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक, इसे देश की रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
वहीं, बीना रिफाइनरी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के. के. दास ने इस उपलब्धि को टीमवर्क का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी आगे भी देश की जरूरतों के मुताबिक उच्च गुणवत्ता वाले ईंधन के विकास और उत्पादन पर काम करती रहेगी।
BPCL में बिजनेस हेड (इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल सॉल्यूशंस) मनोज मेनन ने भी सशस्त्र बलों को बिना रुकावट भरोसेमंद ईंधन उपलब्ध कराने को कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
E20 के दौर में विशेष ईंधन की जरूरत क्यों?
देश में पेट्रोल के क्षेत्र में E20 जैसे मिश्रित ईंधन की ओर बढ़ने के बीच डीजल के अलग-अलग उपयोग और जरूरतों के हिसाब से विशेष ग्रेड विकसित करना भी महत्वपूर्ण है। हालांकि EWG डीजल का उद्देश्य आम उपभोक्ता के लिए सामान्य डीजल का विकल्प बनना नहीं, बल्कि अत्यधिक कठिन मौसम में रणनीतिक और सैन्य जरूरतों को पूरा करना है।
भारतीय सेना के लिए विकसित यह ईंधन दिखाता है कि देश में रिफाइनिंग और फ्यूल टेक्नोलॉजी को सिर्फ सामान्य परिवहन जरूरतों तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि दुनिया के सबसे कठिन मौसम वाले क्षेत्रों में काम करने वाली मशीनरी की जरूरतों के मुताबिक भी विकसित किया जा रहा है।
निष्कर्ष: BPCL का EWG डीजल भारत की रणनीतिक ईंधन जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है। -60 डिग्री सेल्सियस तक के बेहद ठंडे वातावरण के लिए तैयार किया गया यह ईंधन सियाचिन और लद्दाख जैसे इलाकों में सेना के वाहनों और उपकरणों के संचालन को अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद कर सकता है।


