नई दिल्ली। भारत के निजी बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ी डील सामने आई है। कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने जर्मनी के सबसे बड़े बैंक डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) के भारत में रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस का अधिग्रहण करने के लिए एक निश्चित समझौते (Definitive Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, दोनों पक्षों ने इस सौदे की वित्तीय कीमत का खुलासा नहीं किया है।
इस रणनीतिक अधिग्रहण से कोटक महिंद्रा बैंक को हाई नेटवर्थ ग्राहकों, SME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) कारोबार और वेल्थ मैनेजमेंट सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिलेगा। बैंक का मानना है कि यह सौदा भविष्य की ग्रोथ को नई गति देगा।
Highlights
- कोटक महिंद्रा बैंक खरीदेगा डॉयचे बैंक का भारतीय रिटेल कारोबार।
- करीब ₹29,000 करोड़ के लोन और ₹16,000 करोड़ की जमा राशि होगी शामिल।
- 1.5 लाख ग्राहक और लगभग 1,000 कर्मचारी भी ट्रांसफर होंगे।
- नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद अगले वर्ष सितंबर तक पूरी होगी डील।
डील में क्या-क्या शामिल है?
कोटक महिंद्रा बैंक के मुताबिक, अधिग्रहित किए जाने वाले कारोबार में शामिल हैं—
- लगभग ₹29,000 करोड़ का लोन पोर्टफोलियो
- करीब ₹16,000 करोड़ की जमा राशि (Deposits)
- लगभग ₹10,500 करोड़ की एसेट मैनेजमेंट (AUM)
इसके अलावा डॉयचे बैंक के भारत स्थित रिटेल, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार से जुड़े ग्राहक, कर्मचारी और संबंधित उत्पाद भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।
कोटक महिंद्रा बैंक के CEO ने क्या कहा?
कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं CEO अशोक वासवानी ने कहा कि यह अधिग्रहण बैंक की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि यह सौदा अमीर ग्राहकों (Affluent Customers) और SME सेगमेंट में बैंक की पकड़ को और मजबूत करेगा। इसके जरिए बैंक को एक मजबूत ग्राहक आधार, अनुभवी टीम और नए बिजनेस अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक की प्राथमिकता ग्राहकों को बिना किसी बाधा के सेवाएं जारी रखना और नए कारोबार का सुचारु रूप से एकीकरण (Integration) करना होगी।
1.5 लाख ग्राहकों को मिलेगा नया बैंक
डॉयचे बैंक भारत में इन तीनों बिजनेस सेगमेंट के तहत करीब 1.5 लाख ग्राहकों को सेवाएं देता है। इन कारोबारों को संभालने के लिए लगभग 1,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।
अधिग्रहण पूरा होने के बाद ये ग्राहक और कर्मचारी कोटक महिंद्रा बैंक का हिस्सा बन जाएंगे। इससे बैंक का ग्राहक आधार और प्रीमियम बैंकिंग बिजनेस दोनों का विस्तार होगा।
कब तक पूरी होगी डील?
यह अधिग्रहण अगले वर्ष सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए कई नियामकीय मंजूरियां आवश्यक होंगी।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की मंजूरी
- अन्य संबंधित नियामकीय स्वीकृतियां
सभी मंजूरियां मिलने के बाद ग्राहकों, कर्मचारियों और संबंधित उत्पादों का स्थानांतरण किया जाएगा।
दोनों बैंकों को क्या होगा फायदा?
बैंक के अनुसार यह सौदा कोटक महिंद्रा बैंक के लिए प्रति शेयर आय (Earnings Per Share) के लिहाज से लाभकारी रहेगा। वहीं डॉयचे बैंक के लिए यह पूंजी प्रबंधन (Capital Efficiency) के दृष्टिकोण से सकारात्मक साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील के जरिए कोटक महिंद्रा बैंक बिना नई शाखाएं खोले उच्च आय वर्ग के ग्राहकों और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ा सकेगा।
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