नई दिल्ली। सीमेंट सेक्टर की प्रमुख कंपनी डालमिया भारत (Dalmia Bharat) ने अपने शेयरधारकों को बड़ी राहत देते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹5 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम डिविडेंड को मंजूरी दे दी है। कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस प्रस्ताव को शेयरधारकों की स्वीकृति मिल गई। इसके साथ ही ऑडिटर और निदेशकों की पुनर्नियुक्ति तथा भविष्य में फंड जुटाने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
डालमिया भारत ने इस डिविडेंड की घोषणा पहले 5 जून 2026 को की थी, जिसे अब AGM में औपचारिक मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में साझा की।
20,000 शेयर हैं तो मिलेगा ₹1 लाख का डिविडेंड
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए ₹5 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड की घोषणा की है।
इस हिसाब से निवेशकों को मिलने वाली राशि इस प्रकार होगी:
- 20,000 शेयर रखने वाले निवेशक को ₹1,00,000 का डिविडेंड मिलेगा।
- 10,000 शेयर पर ₹50,000 मिलेंगे।
- 5,000 शेयर पर ₹25,000 का डिविडेंड मिलेगा।
- 1,000 शेयर रखने वाले निवेशक के खाते में ₹5,000 आएंगे।
डिविडेंड का लाभ उन निवेशकों को मिलेगा जिनके नाम रिकॉर्ड डेट के अनुसार कंपनी के शेयरधारकों की सूची में होंगे। भुगतान नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा।
AGM में किन प्रस्तावों को मिली मंजूरी?
डालमिया भारत की AGM में शेयरधारकों ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें शामिल हैं:
- ₹5 प्रति शेयर अंतिम डिविडेंड।
- वैधानिक ऑडिटर की पुनर्नियुक्ति।
- निदेशकों की पुनर्नियुक्ति।
- भविष्य की कारोबारी जरूरतों के लिए फंड जुटाने की अनुमति।
इन मंजूरियों से कंपनी को विस्तार योजनाओं और पूंजी प्रबंधन में अतिरिक्त लचीलापन मिलेगा।
अदाणी ग्रुप से खरीदे थे JP Associates के सीमेंट प्लांट
डालमिया भारत की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड ने 21 मई 2026 को JP Associates और अदाणी इंफ्रा (इंडिया) के साथ बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) किया था।
यह सौदा उन सीमेंट परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए किया गया, जिन्हें अदाणी ग्रुप ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) प्रक्रिया के तहत JP Associates के अधिग्रहण के बाद अपने नियंत्रण में लिया था।
इस डील में शामिल प्रमुख परिसंपत्तियां:
- रीवा (मध्य प्रदेश) का सीमेंट प्लांट।
- चुरक, चुनार और साडवा (उत्तर प्रदेश) के सीमेंट प्लांट।
- कुल 5.2 मिलियन टन प्रति वर्ष (MnTPA) सीमेंट उत्पादन क्षमता।
- 3.3 मिलियन टन प्रति वर्ष क्लिंकर क्षमता।
- सौदे की एंटरप्राइज वैल्यू ₹2,850 करोड़।
- 99 मेगावाट थर्मल पावर क्षमता।
- रीवा और चुनार में रेलवे साइडिंग तथा चुरक में कॉमन रेलवे साइडिंग जैसी लॉजिस्टिक सुविधाएं।
कंपनी के लिए क्यों अहम है यह अधिग्रहण?
इस अधिग्रहण से डालमिया भारत को उत्तर और मध्य भारत में अपनी उत्पादन क्षमता मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही पहले से मौजूद संयंत्रों के साथ बेहतर लॉजिस्टिक नेटवर्क और ऊर्जा सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे परिचालन लागत कम करने और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
डिविडेंड की मंजूरी से शेयरधारकों को नकद रिटर्न मिलेगा, जबकि JP Associates के सीमेंट प्लांट का अधिग्रहण कंपनी की दीर्घकालिक विस्तार रणनीति को मजबूत करता है। हालांकि, किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और जोखिमों का स्वतंत्र मूल्यांकन करना आवश्यक है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


