नई दिल्ली: शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। आईटी शेयरों में तेज बिकवाली, विदेशी निवेशकों (FII) की निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते बाजार ने अपनी पूरी बढ़त गंवा दी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 249.70 अंक (0.33%) गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 80.50 अंक (0.34%) फिसलकर 23,865.75 पर आ गया।
सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 77,000 के ऊपर और निफ्टी 24,000 के पार पहुंच गया था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ता गया। सबसे ज्यादा कमजोरी आईटी और ऑटो शेयरों में देखने को मिली।
शुरुआती तेजी क्यों नहीं टिक पाई?
मंगलवार की शुरुआत सकारात्मक रही थी। सेंसेक्स करीब 309 अंक चढ़कर 77,037.36 तक पहुंचा, जबकि निफ्टी 24,035.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि दोपहर बाद विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आईटी सेक्टर में कमजोरी के चलते बाजार ने तेजी पूरी तरह खो दी।
बाजार की गिरावट के दौरान रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर निफ्टी के अधिकांश सेकोरियल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजह
1. आईटी शेयरों में तेज बिकवाली
आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी मुनाफावसूली देखने को मिली। वैश्विक टेक सेक्टर की कमजोरी और अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितताओं का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दिखाई दिया।
2. ऑटो शेयरों पर दबाव
ऑटो सेक्टर में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की। कई प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयर दबाव में रहे, जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ।
3. भू-राजनीतिक तनाव
दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ऐसे माहौल में जोखिम वाले एसेट्स से निवेशक दूरी बना रहे हैं।
4. रुपये में कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपये में आई गिरावट ने विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। कमजोर रुपये का असर विदेशी पूंजी प्रवाह पर भी पड़ता है।
5. निफ्टी एक्सपायरी का असर
डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के करीब आने से ट्रेडर्स की पोजिशन एडजस्टमेंट भी बाजार में उतार-चढ़ाव की बड़ी वजह बनी।
जून का प्रदर्शन अब भी मजबूत
हालांकि मंगलवार की गिरावट के बावजूद जून महीना भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक रहा है।
- सेंसेक्स में जून के दौरान लगभग 2.5% की बढ़त दर्ज हुई।
- निफ्टी ने भी करीब 1.5% का रिटर्न दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपये को स्थिर रखने के प्रयास और विदेशी निवेश आकर्षित करने वाली नीतियों ने बाजार को पूरे महीने समर्थन दिया।
अब Nifty के लिए कौन-सा स्तर सबसे अहम?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स के अनुसार, 23,900 का स्तर फिलहाल निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट बनकर उभर रहा है।
उनके मुताबिक यदि इस स्तर पर खरीदारी आती है तो निफ्टी में दोबारा उछाल देखने को मिल सकता है, लेकिन शुरुआती तेजी 24,100 के आसपास सीमित रह सकती है। तकनीकी संकेतक (Oscillators) फिलहाल किसी मजबूत ट्रेंड की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार निकट अवधि में 23,750 से 24,600 के बीच निफ्टी के कारोबार करने की संभावना बनी हुई है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने से बचना चाहिए। यदि निफ्टी 23,900 के ऊपर टिकता है तो बाजार में राहत की तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं यह स्तर टूटने पर 23,750 तक कमजोरी बढ़ सकती है। ऐसे में सेक्टर आधारित निवेश और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर फोकस बनाए रखना बेहतर रणनीति हो सकती है।


