Highlights
- प्रमोटर्स ने 55.91% हिस्सेदारी गिरवी रखकर जुटाया 500 मिलियन डॉलर का टर्म लोन।
- बार्कलेज, डॉयचे बैंक समेत 7 बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंक बने लेंडर्स।
- कंपनी की विस्तार योजनाओं और वित्तीय जरूरतों के लिए जुटाया गया फंड।
नई दिल्ली
देश की प्रतिष्ठित लग्जरी होटल चेन Leela Palaces Hotels & Resorts के प्रमोटर ग्रुप ने बड़ा वित्तीय कदम उठाते हुए कंपनी में अपनी 55.91% हिस्सेदारी गिरवी (Pledge) रख दी है। इस हिस्सेदारी के बदले प्रमोटरों ने करीब 500 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4,731 करोड़) का टर्म लोन हासिल किया है।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक यह ट्रांजैक्शन कंपनी की विस्तार योजनाओं और वित्तीय आवश्यकताओं के लिए फंड जुटाने की रणनीति का हिस्सा है।
क्या है पूरा मामला?
SEBI को दी गई जानकारी के अनुसार, इस ट्रांजैक्शन में Catalyst Trusteeship Limited ऑनशोर सिक्योरिटी एजेंट के रूप में काम कर रही है। प्रमोटर ग्रुप ने 24 जून 2026 को शेयर प्लेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत प्रमोटर समूह की विभिन्न कंपनियों ने अपने पास मौजूद 186,706,528 इक्विटी शेयर गिरवी रखे हैं। ये शेयर कंपनी की कुल जारी शेयर पूंजी का 55.91% हिस्सा हैं।
किन बैंकों ने दिया लोन?
इस 500 मिलियन डॉलर के टर्म लोन में दुनिया के कई बड़े वित्तीय संस्थानों ने भाग लिया है। प्रमुख लेंडर्स में शामिल हैं—
- Barclays Bank PLC
- Deutsche Bank AG
- Morgan Stanley Bank
- MUFG Bank
- Nomura
- Standard Chartered Bank
- Sumitomo Mitsui Banking Corporation (SMBC)
इन वैश्विक बैंकों की भागीदारी इस फंडिंग डील के आकार और महत्व को दर्शाती है।
प्रमोटर्स की हिस्सेदारी कितनी है?
फिलहाल कंपनी में प्रमोटर समूह की कुल हिस्सेदारी 75.91% है, जो लगभग 253,498,104 शेयरों के बराबर है।
हालिया प्लेज डील के बाद प्रमोटर समूह की कुल हिस्सेदारी का 55.91% हिस्सा गिरवी रखा जा चुका है। हालांकि, शेयर गिरवी रखना अपने आप में हिस्सेदारी बेचने के बराबर नहीं होता। यह एक सामान्य कॉर्पोरेट फाइनेंसिंग व्यवस्था है, जिसमें शेयरों को सिक्योरिटी के रूप में इस्तेमाल कर कर्ज लिया जाता है।
शेयर गिरवी रखने का क्या मतलब होता है?
जब किसी कंपनी के प्रमोटर अपने शेयर गिरवी रखते हैं तो वे उन शेयरों को कर्ज के बदले सुरक्षा (Collateral) के रूप में देते हैं।
इसका उद्देश्य कई तरह का हो सकता है, जैसे—
- बिजनेस विस्तार के लिए पूंजी जुटाना।
- पुराने कर्ज का पुनर्वित्त (Refinancing) करना।
- नई परियोजनाओं में निवेश।
- कार्यशील पूंजी (Working Capital) की जरूरत पूरी करना।
हालांकि, यदि भविष्य में कर्ज चुकाने में समस्या आती है और शेयरों की कीमत में भारी गिरावट होती है, तो गिरवी रखे गए शेयरों पर लेंडर्स का अधिकार बढ़ सकता है। इसलिए निवेशक आमतौर पर प्रमोटर प्लेज डेटा पर भी नजर रखते हैं।
Leela Palaces के शेयर का प्रदर्शन
मंगलवार के कारोबार में कंपनी के शेयर में 0.51% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि पिछले एक सप्ताह में शेयर करीब 0.12% कमजोर रहा है। वहीं, पिछले एक महीने में स्टॉक ने लगभग 17.59% का मजबूत रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल किन परियोजनाओं और विस्तार योजनाओं में करती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


