नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में 29 जून को बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की ओर से चुनिंदा कंपनियों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। देश के प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउस और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX India), पॉन्डी ऑक्साइड्स (Pondy Oxides) और रैमको सिस्टम्स (Ramco Systems) के शेयरों में करीब ₹500 करोड़ का निवेश किया। इन बड़े सौदों ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
HighLights
- UTI म्यूचुअल फंड ने MCX India में ₹425 करोड़ से अधिक का निवेश किया।
- ICICI Prudential MF ने Pondy Oxides में करीब ₹60 करोड़ के शेयर खरीदे।
- Ramco Systems में भी संस्थागत निवेशकों ने हिस्सेदारी बढ़ाई।
MCX India में UTI Mutual Fund की सबसे बड़ी खरीदारी
सबसे बड़ा निवेश UTI Asset Management Company की ओर से किया गया। ओपन मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए UTI Mutual Fund ने MCX India के 14.65 लाख शेयर खरीदे।
- कुल निवेश: ₹425.01 करोड़
- खरीदे गए शेयर: 14.65 लाख
- हिस्सेदारी: करीब 0.57%
- प्रति शेयर खरीद मूल्य: ₹2,899.23
इस बड़े सौदे के बाद 29 जून को MCX के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। शेयर लगभग 3% चढ़कर ₹2,914.50 पर बंद हुआ। हालांकि अगले कारोबारी सत्र में इसमें हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली और शेयर करीब 1.5% की गिरावट के साथ ₹2,873 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
Pondy Oxides में ICICI Prudential MF की एंट्री
दूसरा बड़ा निवेश ICICI Prudential Mutual Fund ने किया। फंड हाउस ने Pondy Oxides के 4.72 लाख शेयर खरीदे।
- कुल निवेश: ₹59.94 करोड़
- खरीदे गए शेयर: 4.72 लाख
- हिस्सेदारी: 1.54%
- प्रति शेयर खरीद मूल्य: ₹1,270
जानकारी के अनुसार, इस ट्रांजेक्शन में कंपनी के एक प्रमोटर ने अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचा, जिसे ICICI Prudential Mutual Fund ने खरीदा।
Ramco Systems में भी बढ़ी हिस्सेदारी
सॉफ्टवेयर कंपनी Ramco Systems में भी संस्थागत निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई।
Oregon Public Employees Retirement System ने:
- 1.90 लाख शेयर खरीदे
- हिस्सेदारी: 0.50%
- कुल निवेश: ₹14.73 करोड़
- प्रति शेयर खरीद मूल्य: ₹772.40
वहीं, इस सौदे में Zen Securities ने:
- 2.39 लाख शेयर बेचे
- हिस्सेदारी: 0.63%
- कुल बिक्री मूल्य: ₹18.78 करोड़
- प्रति शेयर बिक्री मूल्य: ₹785.40
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
म्यूचुअल फंड और बड़े संस्थागत निवेशकों की खरीदारी को बाजार में अक्सर सकारात्मक संकेत माना जाता है। हालांकि केवल किसी संस्थागत निवेश के आधार पर निवेश का फैसला लेना उचित नहीं होता। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, भविष्य की संभावनाओं और अपने जोखिम प्रोफाइल का भी मूल्यांकन करना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ब्लॉक डील्स यह जरूर संकेत देते हैं कि संस्थागत निवेशकों की नजर कुछ चुनिंदा कंपनियों पर बनी हुई है, लेकिन खुदरा निवेशकों को किसी भी शेयर में निवेश से पहले पूरी रिसर्च करनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


