नई दिल्ली: भारत सरकार देश के टेक्सटाइल सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी में है। अब तक गुजरात का सूरत, हरियाणा का पानीपत, पंजाब का लुधियाना और तमिलनाडु का तिरुपुर कपड़ा उद्योग के प्रमुख केंद्र रहे हैं। लेकिन अब सरकार इन पारंपरिक हब से आगे बढ़कर नए राज्यों में भी टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार करना चाहती है।
सरकार की योजना है कि छत्तीसगढ़, केरल और झारखंड जैसे राज्यों में नए टेक्सटाइल हब विकसित किए जाएं, जिससे निवेश बढ़े, रोजगार के नए अवसर पैदा हों और भारत वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।
Highlights
- सरकार नए राज्यों में टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित करने की तैयारी में।
- छत्तीसगढ़, केरल और झारखंड के साथ चल रही है बातचीत।
- PLI योजना के तीसरे चरण में निवेश आकर्षित करने पर रहेगा फोकस।
- टेक्सटाइल सेक्टर में 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को मिलता है रोजगार।
- बांग्लादेश से भारत की ओर शिफ्ट हो रहे हैं कई वैश्विक ऑर्डर।
नए राज्यों में बनेगा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कपड़ा मंत्रालय ऐसे राज्यों में टेक्सटाइल उद्योग विकसित करना चाहता है जहां अभी इस क्षेत्र की मौजूदगी सीमित है। मंत्रालय छत्तीसगढ़, केरल और झारखंड सरकारों के साथ लगातार चर्चा कर रहा है ताकि वहां उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा सके।
सरकार का मानना है कि नए क्षेत्रों में उद्योग स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा, उद्योगों का संतुलित विकास होगा और उत्पादन क्षमता में भी इजाफा होगा।
PLI योजना के तीसरे चरण पर सरकार का फोकस
केंद्र सरकार टेक्सटाइल सेक्टर के लिए Production Linked Incentive (PLI) योजना के तीसरे चरण को अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत निवेशकों को आकर्षित करने और परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए मंत्रालय ने विशेष मॉनिटरिंग यूनिट बनाई है।
यह यूनिट सीधे कंपनियों और राज्य सरकारों के साथ समन्वय करेगी ताकि जमीन आवंटन, मंजूरी और अन्य प्रशासनिक समस्याओं का जल्द समाधान किया जा सके।
4.5 करोड़ लोगों को देता है रोजगार
भारत का टेक्सटाइल उद्योग देश के सबसे बड़े रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल है। यह सेक्टर सीधे तौर पर 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, जबकि लाखों लोग इससे अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।
सरकार का मानना है कि यदि नए राज्यों में टेक्सटाइल क्लस्टर विकसित होते हैं तो रोजगार के अवसर और तेजी से बढ़ेंगे।
अभी इन शहरों में केंद्रित है उद्योग
वर्तमान में देश का अधिकांश टेक्सटाइल उत्पादन कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित है, जिनमें प्रमुख हैं—
- सूरत (गुजरात)
- तिरुपुर (तमिलनाडु)
- पानीपत (हरियाणा)
- लुधियाना (पंजाब)
सरकार अब इस भौगोलिक असंतुलन को कम करना चाहती है ताकि अन्य राज्यों को भी औद्योगिक विकास का लाभ मिल सके।
बांग्लादेश से भारत की ओर बढ़ रहा निवेश
हाल के वर्षों में बांग्लादेश में राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के कारण कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड अपनी सप्लाई चेन में बदलाव कर रहे हैं। अब कई खरीदार “Bangladesh Plus One” रणनीति अपना रहे हैं, जिसके तहत वे अपने ऑर्डर भारत सहित अन्य देशों में भी दे रहे हैं।
इसका सबसे अधिक फायदा फिलहाल तिरुपुर और नोएडा जैसे क्षेत्रों को मिल रहा है। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में नए राज्यों को भी इस अवसर का लाभ मिले।
PM MITRA पार्क और PLI योजना से मिलेगा बड़ा सहारा
टेक्सटाइल सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए केंद्र सरकार पहले से ही कई योजनाएं चला रही है। इनमें प्रमुख हैं—
- PM MITRA (Mega Integrated Textile Region and Apparel) Park
- Production Linked Incentive (PLI) Scheme
इन योजनाओं का उद्देश्य आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित करना, उत्पादन बढ़ाना, निर्यात को प्रोत्साहित करना और विदेशी निवेश आकर्षित करना है।
भारत को मिलेगा क्या फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार की यह रणनीति सफल रहती है तो भारत को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं—
- टेक्सटाइल निर्यात में तेजी आएगी।
- नए राज्यों में औद्योगिक विकास होगा।
- लाखों नए रोजगार सृजित होंगे।
- विदेशी निवेश बढ़ेगा।
- वैश्विक ब्रांड्स के लिए भारत एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकेगा।
- बांग्लादेश और वियतनाम पर निर्भरता कम होगी।
निष्कर्ष
भारत सरकार अब टेक्सटाइल उद्योग को कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित रखने के बजाय पूरे देश में फैलाने की रणनीति पर काम कर रही है। छत्तीसगढ़, केरल और झारखंड जैसे राज्यों में नए मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में अपनी हिस्सेदारी भी बढ़ा सकेगा। PLI योजना और PM MITRA पार्क जैसी पहलें इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं।


