नई दिल्ली। ट्रेन में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम 2026 के तहत रेलवे नियमों को और सख्त बनाने की तैयारी कर ली है। इसके तहत बिना टिकट यात्रा, दूसरे के टिकट पर सफर, महिला कोच में प्रवेश, स्टेशन पर उपद्रव और खतरनाक सामान ले जाने जैसे मामलों में भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को इस संबंध में जानकारी दे दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन संशोधित नियमों को जल्द लागू किया जा सकता है और संभावना है कि 1 जुलाई 2026 से इनका प्रभाव शुरू हो जाए।
क्या है नए नियमों का उद्देश्य?
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य रेलवे परिसरों में अनुशासन बढ़ाना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और छोटे-मोटे उल्लंघनों पर त्वरित कार्रवाई करना है। नए प्रावधानों में कई मामलों में जुर्माना बढ़ाया गया है, जबकि कुछ अपराधों के लिए पहली बार स्पष्ट दंड तय किया गया है।
रेलवे के नए जुर्माने की पूरी लिस्ट
| अपराध | नया प्रस्तावित जुर्माना | अतिरिक्त कार्रवाई |
|---|---|---|
| बिना टिकट यात्रा | ₹500 (न्यूनतम) + किराया | भुगतान नहीं करने पर कोर्ट में मामला |
| दूसरे के टिकट पर यात्रा | ₹500 (न्यूनतम) + किराया | टिकट जब्त, अतिरिक्त शुल्क |
| ट्रेन या स्टेशन पर अवैध फेरी | ₹2,000 | दोबारा पकड़े जाने पर जेल |
| भीख मांगना | ₹2,000 | पुनरावृत्ति पर 1 साल तक जेल |
| उपद्रव, गाली-गलौज, अश्लील व्यवहार | ₹1,000 | अन्य कानूनी कार्रवाई संभव |
| महिला कोच में पुरुषों का सफर | ₹2,500 | तुरंत कोच से हटाया जाएगा |
| खतरनाक या प्रतिबंधित सामान ले जाना | ₹10,000 (न्यूनतम) | सख्त कानूनी कार्रवाई |
| यात्री क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश | ₹500 | रेलवे स्टाफ द्वारा हटाया जाएगा |
बिना टिकट यात्रा करना पड़ेगा महंगा
अब तक बिना टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम ₹250 का जुर्माना लगाया जाता था। नए प्रस्ताव के अनुसार इसे बढ़ाकर ₹500 किया जा सकता है। इसके अलावा यात्री को यात्रा का पूरा किराया और अन्य लागू शुल्क भी चुकाना होगा। यदि जुर्माना नहीं भरा गया तो मामला अदालत तक पहुंच सकता है।
महिला कोच में सफर करने वालों पर विशेष नजर
रेलवे ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश को गंभीर उल्लंघन माना है। यदि कोई पुरुष यात्री महिला आरक्षित डिब्बे में यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही रेलवे स्टाफ उसे तत्काल कोच से बाहर कर सकता है।
खतरनाक सामान ले जाने पर सबसे बड़ा जुर्माना
रेलवे के अनुसार ज्वलनशील, विस्फोटक या अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को ट्रेन में ले जाना यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। ऐसे मामलों में न्यूनतम ₹10,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
भीख मांगने और अवैध फेरी पर पूर्ण प्रतिबंध
नए संशोधनों में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भीख मांगने तथा बिना अनुमति फेरी लगाने वालों के खिलाफ भी सख्ती की गई है। पहली बार पकड़े जाने पर ₹2,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति बार-बार ऐसा करता है तो उसे एक वर्ष तक की जेल की सजा भी हो सकती है।
शराब या नशे की हालत में मिले तो होगी कार्रवाई
यदि कोई यात्री शराब या अन्य नशे के प्रभाव में पाया जाता है और दूसरों को परेशान करता है या रेलवे संचालन में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसे ट्रेन या स्टेशन से तुरंत बाहर किया जा सकता है। ऐसे मामलों में जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
हर तीन साल में बढ़ेगा जुर्माना
जन विश्वास अधिनियम के तहत एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी है कि निर्धारित जुर्मानों में हर तीन वर्ष बाद 10% की वृद्धि की जा सकती है। इसका उद्देश्य समय के साथ दंड को प्रभावी बनाए रखना और नियमों के पालन को बढ़ावा देना है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप ट्रेन से सफर करने जा रहे हैं तो टिकट, पहचान पत्र और रेलवे नियमों का विशेष ध्यान रखें। बिना टिकट यात्रा, गलत कोच में प्रवेश या किसी भी प्रकार का अनुशासनहीन व्यवहार अब पहले से ज्यादा महंगा पड़ सकता है। रेलवे की सख्ती का सीधा मकसद यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव देना है।


