YEIDA AVGC-XR Park Near Jewar Airport: उत्तर प्रदेश का जेवर क्षेत्र तेजी से देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और इंटरनेशनल फिल्म सिटी के बाद अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एक और महत्वाकांक्षी परियोजना की तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण जेवर एयरपोर्ट के पास अत्याधुनिक AVGC-XR (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics & Extended Reality) पार्क विकसित करेगा, जिसका उद्देश्य भारत को डिजिटल कंटेंट और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
यह पार्क फिल्म निर्माण, एनिमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों को एक ही परिसर में उपलब्ध कराएगा। इससे न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर भी पैदा होंगे।
जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा हाईटेक AVGC-XR पार्क
YEIDA के अनुसार प्रस्तावित AVGC-XR पार्क नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेक्टर-21 में विकसित हो रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी के निकट बनाया जाएगा। यह पार्क फिल्म, एनीमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री के लिए एकीकृत इकोसिस्टम तैयार करेगा, जहां कंटेंट निर्माण से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
इस परियोजना का उद्देश्य भारत में विश्वस्तरीय डिजिटल कंटेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है ताकि भारतीय कंपनियों और क्रिएटर्स को विदेशी स्टूडियो पर निर्भर न रहना पड़े।
पार्क में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित AVGC-XR पार्क में अत्याधुनिक तकनीकों से लैस कई विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—
- हाई-एंड Animation और VFX Studios
- आधुनिक Game Development एवं Game Design Centres
- Motion Capture Studios और Virtual Production Facilities
- AI आधारित कंटेंट निर्माण लैब
- Virtual Reality (VR), Augmented Reality (AR) और Extended Reality (XR) Labs
- डिजिटल मीडिया एवं क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के लिए साझा इंफ्रास्ट्रक्चर
इन सुविधाओं से फिल्म, वेब सीरीज, गेमिंग, डिजिटल विज्ञापन और इमर्सिव कंटेंट तैयार करने वाली कंपनियों को एक ही स्थान पर सभी संसाधन उपलब्ध होंगे।
फिल्म सिटी के साथ मिलकर बनेगा क्रिएटिव इकोसिस्टम
यह AVGC-XR पार्क सेक्टर-21 स्थित इंटरनेशनल फिल्म सिटी से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर विकसित किया जाएगा।
YEIDA के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह परियोजना फिल्म निर्माण, एनिमेशन, गेमिंग और विजुअल इफेक्ट्स को एकीकृत करने वाला ऐसा इकोसिस्टम तैयार करेगी, जिससे भारतीय कंटेंट इंडस्ट्री की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन हाउस और गेमिंग कंपनियों को भी भारत में निवेश करने के लिए आकर्षित किया जा सकेगा।
केंद्र सरकार के विजन को मिलेगा बल
यह परियोजना केंद्र सरकार की उस रणनीति के अनुरूप है जिसके तहत भारत को AVGC-XR सेक्टर का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
देश में मोबाइल गेमिंग, डिजिटल एंटरटेनमेंट, AI आधारित कंटेंट और वर्चुअल प्रोडक्शन की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह पार्क भविष्य की मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना के शुरू होने के बाद जेवर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। विशेष रूप से निम्न क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेंगे—
- एनिमेशन और 3D डिजाइन
- विजुअल इफेक्ट्स (VFX)
- गेम डेवलपमेंट
- AI आधारित कंटेंट क्रिएशन
- XR, VR और AR तकनीक
- फिल्म एवं डिजिटल मीडिया प्रोडक्शन
इसके अलावा स्टार्टअप, टेक कंपनियां और क्रिएटिव एजेंसियां भी यहां अपने कार्यालय स्थापित कर सकती हैं।
निवेश के लिए नया आकर्षण बनेगा यमुना एक्सप्रेसवे
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र पहले ही सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल डिवाइस, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े निवेश आकर्षित कर चुका है। अब AVGC-XR पार्क जुड़ने से यह क्षेत्र डिजिटल मीडिया, गेमिंग और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी उद्योग का भी प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और AVGC-XR पार्क का संयुक्त विकास जेवर को आने वाले वर्षों में भारत के सबसे महत्वपूर्ण क्रिएटिव और टेक्नोलॉजी हब में बदल सकता है।
भविष्य में क्या होगा फायदा?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंटरनेशनल फिल्म सिटी और AVGC-XR पार्क का संयोजन उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है। इससे विदेशी निवेश बढ़ने, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने, युवाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार मिलने और भारत की डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री को वैश्विक पहचान मिलने की संभावना है। यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो जेवर क्षेत्र देश के सबसे आधुनिक मीडिया और टेक्नोलॉजी क्लस्टर के रूप में उभर सकता है।


