Deccan Gold Mines Share Price: सुप्रीम कोर्ट से गणाजुर गोल्ड प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी कानूनी राहत मिलने के बाद डेक्कन गोल्ड माइन्स के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर सोमवार को 20 फीसदी उछलकर अपर सर्किट पर पहुंच गया। इस फैसले से कर्नाटक के बहुप्रतीक्षित गणाजुर गोल्ड प्रोजेक्ट का रास्ता लगभग साफ हो गया है, जिससे कंपनी के भविष्य को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
Highlights
- सुप्रीम कोर्ट ने डेक्कन गोल्ड माइन्स को बड़ी कानूनी राहत दी।
- शेयर 20% उछलकर 196.50 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे।
- गणाजुर गोल्ड प्रोजेक्ट के लिए माइनिंग लीज का रास्ता साफ।
- परियोजना में 3.08 लाख औंस सोने के संसाधन होने का अनुमान।
- एक महीने में शेयर 60% से अधिक चढ़ चुका है।
नई दिल्ली। गोल्ड माइनिंग सेक्टर की कंपनी डेक्कन गोल्ड माइन्स (Deccan Gold Mines) के निवेशकों के लिए सोमवार का दिन बेहद शानदार रहा। सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण कानूनी जीत मिलने के बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर 20 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 196.50 रुपये के नए ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने उसके कर्नाटक स्थित गणाजुर गोल्ड प्रोजेक्ट (Ganajur Gold Project) से जुड़े प्री-2015 माइनिंग लीज अधिकारों को मान्यता देते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चांदुरकर की पीठ ने 9 जून को दिए अपने आदेश में कहा कि जिन मामलों में वर्ष 2015 से पहले माइनिंग लीज देने का निर्णय और आवश्यक मंजूरियां मिल चुकी थीं, उन अधिकारों को बाद में किए गए कानूनी बदलावों से प्रभावित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों को 2015 के बाद लंबित आवेदन नहीं माना जाएगा। इसलिए उन पर खनन पट्टों की अनिवार्य नीलामी संबंधी नए नियम लागू नहीं होंगे। साथ ही 2021 में लाए गए लीज समाप्ति संबंधी प्रावधान भी इन मामलों पर लागू नहीं होंगे।
क्यों अहम है यह फैसला?
केंद्र सरकार ने 2015 में MMDR Act में संशोधन कर खनन पट्टों के आवंटन के लिए नीलामी व्यवस्था लागू कर दी थी। इसके बाद देशभर में कई पुराने माइनिंग लीज आवेदन कानूनी विवादों में फंस गए थे।
डेक्कन गोल्ड माइन्स की सहयोगी कंपनी ने गणाजुर परियोजना के लिए आवेदन कानून में बदलाव से पहले किया था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने ऐसे पुराने आवेदनों को कानूनी सुरक्षा प्रदान कर दी है, जिससे कंपनी को बड़ा फायदा मिला है।
गणाजुर गोल्ड प्रोजेक्ट में कितना सोना?
कंपनी के अनुसार, कर्नाटक स्थित गणाजुर गोल्ड प्रोजेक्ट में लगभग 3.08 लाख औंस (करीब 8,731 किलोग्राम) सोने के संसाधन मौजूद हैं। इसके अलावा गणाजुर-कराजगी ब्लॉक में कई अन्य संभावित क्षेत्र भी हैं, जहां भविष्य में अतिरिक्त सोने के भंडार मिलने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद अब परियोजना के विकास कार्यों में तेजी आ सकती है।
एक महीने में 60% से ज्यादा भागा शेयर
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर सीधे शेयर बाजार में दिखाई दिया। डेक्कन गोल्ड माइन्स का शेयर पिछले एक महीने में 60 फीसदी से अधिक चढ़ चुका है। वहीं साल 2026 में अब तक इसमें करीब 63 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है।
कंपनी का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) भी बढ़कर लगभग 3,889 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
आगे क्या है संभावनाएं?
विश्लेषकों का कहना है कि कानूनी अनिश्चितता खत्म होने के बाद कंपनी अब अपने गोल्ड प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ा सकती है। यदि परियोजना समय पर शुरू होती है और अनुमानित संसाधनों का दोहन सफल रहता है, तो कंपनी की आय और मूल्यांकन में महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिल सकती है।
हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि खनन परियोजनाओं में पर्यावरणीय मंजूरी, निवेश लागत और उत्पादन समयसीमा जैसे कई कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


