Hurun India Women Leaders 2026: कैंडेरे हुरुन इंडिया वुमन लीडर्स लिस्ट 2026 जारी हो गई है। इस साल की सूची में 117 प्रभावशाली महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनमें 98 महिलाएं पूरी तरह सेल्फ-मेड हैं। बिजनेस, स्पोर्ट्स, मीडिया, साहित्य, स्टार्टअप और सोशल सेक्टर समेत 12 अलग-अलग श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मान मिला है। खास बात यह है कि इस सूची में 19 वर्षीय पैरा-आर्चर शीतल देवी से लेकर 86 वर्षीय उद्योगपति रजनी बेक्टर तक शामिल हैं।
Highlights
- 117 प्रभावशाली महिलाओं को Hurun India Women Leaders 2026 में जगह।
- 98 महिलाएं पूरी तरह सेल्फ-मेड, अपनी मेहनत से बनीं सफल।
- इस बार 12 कैटेगरी में सम्मान, पिछले साल के मुकाबले 21% वृद्धि।
- 19 वर्षीय शीतल देवी सबसे युवा और 86 वर्षीय रजनी बेक्टर सबसे वरिष्ठ सम्मानित महिला।
- रोशनी नादर, प्रिया नायर, सुधा मूर्ति और अवनि लेखरा समेत कई बड़े नाम शामिल।
Hurun India Women Leaders 2026: महिलाओं की सफलता का नया अध्याय
30 जुलाई 2026 को जारी कैंडेरे हुरुन इंडिया वुमन लीडर्स लिस्ट 2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत की महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। इस वर्ष कुल 117 महिलाओं को सूची में शामिल किया गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 21% अधिक है।
2025 की सूची में जहां 97 महिलाओं को सम्मान मिला था, वहीं इस बार सम्मानित महिलाओं की संख्या बढ़ाकर 117 कर दी गई है। साथ ही श्रेणियों की संख्या भी 9 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है।
सबसे बड़ी बात यह रही कि 117 में से 98 महिलाएं सेल्फ-मेड हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, नेतृत्व क्षमता और नवाचार के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
12 कैटेगरी में किन महिलाओं ने हासिल किया पहला स्थान?
| कैटेगरी | टॉप महिला | संस्था/कंपनी | प्रमुख उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| इंडियन फैशन एवं लाइफस्टाइल | मीना बिंद्रा | BIBA | ₹758 करोड़ वार्षिक आय |
| सोशल चेंज मेकर्स | तुषारा शंकर | Lupin | 50.3 सस्टेनेबिलिटी स्कोर |
| हार्टलैंड फाउंडर्स | रजनी बेक्टर | Cremica / Bectors Food Specialities | ₹5,650 करोड़ कंपनी वैल्यू |
| न्यू इकोनॉमी | वैशाली निगम सिन्हा | ReNew Power | ₹22,230 करोड़ वैल्यू |
| वेटरंस | प्रीथा रेड्डी एवं सुनीता रेड्डी | Apollo Hospitals | ₹1.21 लाख करोड़ समूह |
| ओलंपिक एवं पैरालंपिक | अवनि लेखरा | पैरा शूटिंग | 3 पैरालंपिक पदक |
| लेखक | सुधा मूर्ति | साहित्य एवं समाजसेवा | 417 रीडरशिप इम्पैक्ट स्कोर |
| सोशल मीडिया | अनन्या बिड़ला | बिजनेस एवं सोशल सेक्टर | 276.8% फॉलोअर ग्रोथ |
| स्वतंत्र पत्रकार | फाये डिसूजा | मीडिया | 22.38 लाख Instagram फॉलोअर्स |
| स्टार्टअप फाउंडर्स | कनिका गुप्ता शोरी | Square Yards | 3.33 गुना वैल्यूएशन ग्रोथ |
| वेल्थ मल्टीप्लायर्स | रोशनी नादर मल्होत्रा | HCLTech | ₹2.84 लाख करोड़ की संपत्ति |
| प्रोफेशनल CEO | प्रिया नायर | Hindustan Unilever | ₹5.07 लाख करोड़ कंपनी वैल्यू |
₹39 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यू वाली कंपनियों का नेतृत्व
इस सूची की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें शामिल कई महिलाएं देश की सबसे बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर रही हैं। यदि प्रमुख कंपनियों की संयुक्त मार्केट वैल्यू को देखा जाए तो यह करीब ₹39 लाख करोड़ से अधिक बैठती है।
इसी वजह से यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत की आर्थिक प्रगति में महिला नेतृत्व की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।
सबसे युवा और सबसे वरिष्ठ सम्मानित महिला
इस वर्ष की सूची में उम्र के लिहाज से भी दिलचस्प रिकॉर्ड देखने को मिले।
- सबसे युवा: 19 वर्षीय पैरा-आर्चर शीतल देवी, जिन्होंने बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया।
- सबसे वरिष्ठ: 86 वर्षीय उद्योगपति रजनी बेक्टर, जिन्होंने दशकों पहले शुरू किए गए अपने कारोबार को देश की बड़ी फूड कंपनियों में शामिल कराया।
पत्रकारिता, साहित्य और सोशल मीडिया में भी महिलाओं का दबदबा
यह सूची केवल उद्योग जगत तक सीमित नहीं रही।
- प्रसिद्ध लेखिका और समाजसेवी सुधा मूर्ति को लेखक श्रेणी में शीर्ष स्थान मिला।
- वरिष्ठ पत्रकार फाये डिसूजा स्वतंत्र पत्रकार श्रेणी में पहले स्थान पर रहीं।
- बिजनेसवुमन अनन्या बिड़ला सोशल मीडिया प्रभाव के मामले में सबसे आगे रहीं।
- मशहूर पत्रकार पलकी शर्मा और निश हेयर की संस्थापक पारुल गुलाटी को भी इस प्रतिष्ठित सूची में जगह मिली।
भारत में बढ़ रहा महिला नेतृत्व
Hurun India Women Leaders 2026 की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि भारत में महिला उद्यमियों, प्रोफेशनल सीईओ, स्टार्टअप फाउंडर्स, खिलाड़ियों, लेखकों और सामाजिक क्षेत्र की नेताओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। आज महिलाएं केवल बड़ी कंपनियों का नेतृत्व ही नहीं कर रहीं, बल्कि नई अर्थव्यवस्था, डिजिटल बिजनेस, स्टार्टअप और सामाजिक बदलाव की भी प्रमुख शक्ति बन चुकी हैं।
आने वाले वर्षों में इस सूची में और अधिक नई महिलाओं के जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है, जो देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई दिशा देंगी।


