Highlights
- रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर में सोमवार को 5% का लोअर सर्किट लगा।
- पिछले तीन हफ्तों में शेयर करीब 34% चढ़ने के बाद गिरावट आई।
- बीते एक साल में शेयर निवेशकों को लगभग 78% का नुकसान दे चुका है।
नई दिल्ली। शेयर बाजार में सोमवार को मजबूती के माहौल के बीच अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Reliance Infrastructure Ltd) के शेयर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का शेयर 5 फीसदी के लोअर सर्किट के साथ 81.87 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कुछ सप्ताह से लगातार जारी तेजी के बाद आई इस गिरावट ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर इस शेयर की ओर खींच लिया है।
रिलायंस इंफ्रा के शेयर में पिछले तीन हफ्तों के दौरान जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। हालांकि सोमवार को मुनाफावसूली (Profit Booking) और निवेशकों की सतर्कता के कारण इसमें अचानक गिरावट आ गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा बुक किया, जिसका असर शेयर की कीमत पर दिखाई दिया।
3 हफ्तों में 34% की जोरदार तेजी
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर 24 मई को 64.33 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। इसके बाद शेयर में लगातार खरीदारी देखने को मिली और पिछले सप्ताह यह बढ़कर 86.17 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान शेयर ने करीब 34 फीसदी का रिटर्न दिया।
हालांकि तेजी का यह सिलसिला ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल सका और सोमवार को शेयर में बिकवाली हावी हो गई। नतीजतन शेयर सीधे लोअर सर्किट पर पहुंच गया। बाजार में इस तरह की स्थिति तब देखने को मिलती है जब किसी शेयर में अचानक भारी बिकवाली शुरू हो जाती है और एक्सचेंज द्वारा तय अधिकतम गिरावट की सीमा छू ली जाती है।
सेबी की पाबंदियों के बीच कारोबार
रिलायंस इंफ्रा लंबे समय से विभिन्न वित्तीय चुनौतियों और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजर रही है। कंपनी से जुड़े मामलों के चलते नियामकीय स्तर पर भी कई तरह की निगरानी और प्रतिबंध लागू हैं। बाजार में कंपनी के शेयरों का कारोबार सामान्य शेयरों की तुलना में अलग परिस्थितियों में हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे शेयरों में निवेशकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है क्योंकि इनमें उतार-चढ़ाव सामान्य कंपनियों की तुलना में कहीं अधिक हो सकता है।
एक साल में निवेशकों को भारी नुकसान
हालांकि हाल के सप्ताहों में शेयर में तेजी देखने को मिली, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए तस्वीर अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार रिलायंस इंफ्रा का शेयर पिछले छह महीनों में 40 फीसदी से अधिक टूट चुका है।
वहीं पिछले एक साल की बात करें तो इस शेयर में करीब 78 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसका मतलब है कि एक साल पहले निवेश करने वाले अधिकांश निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
400 रुपये से 80 रुपये के स्तर तक पहुंचा शेयर
रिलायंस इंफ्रा का शेयर पिछले वर्ष जून में 400 रुपये के पार कारोबार कर रहा था। उस समय कंपनी को लेकर निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला था। लेकिन बाद में कंपनी से जुड़ी चुनौतियों और बाजार की परिस्थितियों के कारण शेयर लगातार दबाव में आता गया।
आज स्थिति यह है कि वही शेयर 100 रुपये से भी नीचे कारोबार कर रहा है। इससे यह साफ होता है कि शेयर बाजार में केवल तेजी को देखकर निवेश का फैसला करना हमेशा सही रणनीति नहीं होती।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शेयर में तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली होना सामान्य बात है। रिलायंस इंफ्रा के मामले में भी हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने लाभ बुक किया है। हालांकि निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज, नियामकीय मामलों और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च जोखिम वाले शेयरों में निवेश करते समय निवेशकों को पर्याप्त रिसर्च और जोखिम प्रबंधन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
आगे क्या रहेगा फोकस?
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कंपनी से जुड़े किसी भी नियामकीय अपडेट, वित्तीय परिणाम, कर्ज पुनर्गठन से जुड़ी खबरों और एक्सचेंज फाइलिंग पर रहेगी। यदि कंपनी की स्थिति में सुधार के संकेत मिलते हैं तो शेयर में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं नकारात्मक घटनाक्रम की स्थिति में दबाव बना रह सकता है।
स्रोत:
बीएसई शेयर मूल्य आंकड़े, कंपनी से संबंधित सार्वजनिक जानकारी, बाजार कारोबार डेटा और उपलब्ध एक्सचेंज रिकॉर्ड।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


