नई दिल्ली। SME IPO बाजार में हाल के महीनों में कई कंपनियों ने निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन दिया है, लेकिन Hexagon Nutrition की शेयर बाजार में एंट्री अपेक्षाकृत सुस्त रही। हालांकि कमजोर शुरुआत के बावजूद शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान खरीदारी देखने को मिली और स्टॉक अपर सर्किट तक पहुंच गया। ऐसे में जिन निवेशकों को IPO में शेयर आवंटित हुए हैं, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब आगे क्या करना चाहिए? शेयर बेच देना चाहिए, मुनाफावसूली करनी चाहिए या लंबी अवधि के लिए होल्ड करना चाहिए?
Hexagon Nutrition के शेयर गुरुवार को NSE SME प्लेटफॉर्म पर 48.25 रुपये प्रति शेयर के भाव पर सूचीबद्ध हुए। कंपनी का IPO प्राइस 45 रुपये प्रति शेयर था, इसलिए निवेशकों को लिस्टिंग पर लगभग 7 प्रतिशत का फायदा मिला। वहीं BSE SME पर शेयर 48 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ, जो इश्यू प्राइस से करीब 6.67 प्रतिशत अधिक था।
लिस्टिंग के बाद शेयर में खरीदारी बढ़ी और शुरुआती कारोबार में यह 5 प्रतिशत के अपर सर्किट के साथ 50.66 रुपये तक पहुंच गया। इस स्तर पर कंपनी का मार्केट कैप करीब 590 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया।
IPO को मिला था मजबूत रिस्पॉन्स
Hexagon Nutrition का IPO 5 जून से 9 जून 2026 के बीच निवेशकों के लिए खुला था। कंपनी के इश्यू को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और कुल मिलाकर यह करीब 53.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। SME सेगमेंट में इतनी मजबूत सब्सक्रिप्शन यह संकेत देती है कि निवेशकों का कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं पर भरोसा है।
हालांकि ग्रे मार्केट में जिस तरह की उम्मीदें बनाई जा रही थीं, उसके मुकाबले लिस्टिंग अपेक्षाकृत सीमित प्रीमियम पर हुई। इसके बावजूद बाजार विशेषज्ञ इसे नकारात्मक संकेत नहीं मान रहे हैं।
एक्सपर्ट ने क्या दी सलाह?
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की वेल्थ हेड शिवानी न्याति के अनुसार कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में अपने वित्तीय प्रदर्शन में लगातार सुधार किया है। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन बेहतर हुआ है, मुनाफे में वृद्धि दर्ज की गई है और कर्ज का स्तर भी नियंत्रण में है।
उनका मानना है कि कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और हेल्थ न्यूट्रिशन सेक्टर में बढ़ती मांग को देखते हुए निवेशकों को जल्दबाजी में मुनाफावसूली नहीं करनी चाहिए। जिन निवेशकों को IPO में शेयर आवंटित हुए हैं वे लंबी अवधि के नजरिए से स्टॉक को होल्ड कर सकते हैं।
हालांकि जोखिम प्रबंधन के लिए उन्होंने 44 रुपये का स्टॉप लॉस बनाए रखने की सलाह दी है। यदि शेयर इस स्तर के नीचे क्लोज होता है तो निवेशक अपनी रणनीति पर दोबारा विचार कर सकते हैं।
क्या करती है Hexagon Nutrition?
Hexagon Nutrition की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी। कंपनी शुरुआत में माइक्रोन्यूट्रिएंट फॉर्मूलेशन और न्यूट्रिशन सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती थी। समय के साथ कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार किया और अब यह हेल्थ, वेलनेस तथा क्लिनिकल न्यूट्रिशन से जुड़े उत्पादों का निर्माण और विपणन करती है।
कंपनी के प्रमुख ब्रांडों में Pentasure, Obesigo और Pediagold शामिल हैं। ये उत्पाद अलग-अलग आयु वर्ग और स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं।
भारत में हेल्थ और न्यूट्रिशन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता, प्रोटीन सप्लीमेंट्स की मांग और मेडिकल न्यूट्रिशन उत्पादों की खपत बढ़ने से इस सेक्टर की कंपनियों को फायदा मिल सकता है। इसी वजह से कई विश्लेषक Hexagon Nutrition के बिजनेस मॉडल को दीर्घकालिक दृष्टि से सकारात्मक मानते हैं।
कंपनी ने लिस्टिंग का उद्देश्य क्या बताया?
कंपनी के अनुसार शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का प्रमुख उद्देश्य ब्रांड की पहचान बढ़ाना, बाजार में कंपनी की विश्वसनीयता मजबूत करना और मौजूदा निवेशकों को बेहतर लिक्विडिटी उपलब्ध कराना है।
लिस्टिंग के बाद कंपनी को पूंजी जुटाने के अधिक अवसर मिल सकते हैं, जिससे भविष्य में विस्तार योजनाओं को गति मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
अगर आप IPO निवेशक हैं और लिस्टिंग गेन के लिए आवेदन किया था तो सीमित मुनाफावसूली का विकल्प मौजूद है। लेकिन यदि आपका निवेश दृष्टिकोण लंबी अवधि का है तो कंपनी के फंडामेंटल्स और सेक्टर की संभावनाओं को देखते हुए होल्ड रणनीति बेहतर मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूट्रिशन और हेल्थकेयर से जुड़ा यह सेक्टर आने वाले वर्षों में तेजी से विस्तार कर सकता है। ऐसे में Hexagon Nutrition इस ग्रोथ का लाभ उठाने वाली कंपनियों में शामिल हो सकती है।
हालांकि किसी भी SME शेयर में निवेश करते समय निवेशकों को कम लिक्विडिटी, अधिक उतार-चढ़ाव और जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए। इसलिए निवेश का फैसला हमेशा अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार की सलाह के आधार पर ही लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


