नई दिल्ली: ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक अहम सूचना जारी की गई है। रेलवे ने बताया है कि 9 और 10 जून 2026 की मध्य रात्रि के दौरान दिल्ली पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) की सेवाएं लगभग एक घंटे के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। इस दौरान टिकट बुकिंग, कैंसिलेशन, पीएनआर स्टेटस चेक, चार्टिंग और अन्य कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी।
रेलवे के अनुसार यह अस्थायी व्यवधान किसी तकनीकी खराबी की वजह से नहीं बल्कि उत्तर पश्चिम रेलवे के जवाई बांध रेलवे स्टेशन के नाम परिवर्तन से जुड़े सिस्टम अपडेट के कारण किया जा रहा है। स्टेशन का नाम बदलकर अब “सुमेरपुर जवाई बांध रेलवे स्टेशन” कर दिया गया है, जिसके बाद पूरे रेलवे नेटवर्क में संबंधित डेटा अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
क्यों बंद रहेंगी PRS सेवाएं?
भारतीय रेलवे के आरक्षण नेटवर्क को देश के सबसे बड़े डिजिटल सिस्टमों में गिना जाता है। देशभर में लाखों यात्री प्रतिदिन इसी नेटवर्क के जरिए टिकट बुक करते हैं। किसी स्टेशन का नाम बदलने, कोड अपडेट करने या बड़े स्तर पर सिस्टम संशोधन करने के लिए पूरे डेटाबेस में बदलाव करना पड़ता है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जवाई बांध रेलवे स्टेशन का नया नाम और नया स्टेशन कोड लागू करने के लिए केंद्रीय आरक्षण प्रणाली में तकनीकी बदलाव किए जाएंगे। इसी कारण दिल्ली पीआरएस को कुछ समय के लिए ऑफलाइन रखा जाएगा ताकि अपडेट प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी की जा सके और बाद में किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे के विशाल नेटवर्क में किसी भी स्टेशन से जुड़ा बदलाव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहता। इसका असर टिकट बुकिंग, ट्रेन शेड्यूल, पूछताछ और विभिन्न डिजिटल सेवाओं पर भी पड़ता है। इसलिए ऐसे अपडेट नियंत्रित तरीके से किए जाते हैं।
किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?
रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार PRS बंद रहने के दौरान कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।
सबसे पहले यात्री टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। यदि कोई व्यक्ति आधी रात के दौरान तत्काल या सामान्य आरक्षण कराने की योजना बना रहा है तो उसे सेवा बहाल होने तक इंतजार करना होगा।
इसके अलावा टिकट कैंसिलेशन की सुविधा भी अस्थायी रूप से बंद रहेगी। जिन यात्रियों को यात्रा रद्द करनी है या टिकट में बदलाव करना है, वे इस अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएंगे।
पीएनआर पूछताछ सेवा भी प्रभावित होगी। यानी यात्री अपने टिकट की वर्तमान स्थिति, कन्फर्मेशन स्टेटस या वेटिंग लिस्ट की जानकारी नहीं देख पाएंगे।
चार्टिंग प्रक्रिया पर भी असर रहेगा। हालांकि रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सीमित समय का व्यवधान होगा और सेवाएं अपडेट पूरा होने के बाद सामान्य रूप से शुरू कर दी जाएंगी।
ईडीआर (Exceptional Data Report) जैसी तकनीकी रिपोर्टिंग सेवाएं भी इस दौरान उपलब्ध नहीं रहेंगी।
क्या IRCTC वेबसाइट और ऐप भी प्रभावित होंगे?
कई यात्रियों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि क्या केवल रेलवे काउंटर सेवाएं प्रभावित होंगी या ऑनलाइन बुकिंग भी बंद रहेगी।
दरअसल IRCTC की ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली सीधे रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम से जुड़ी होती है। इसलिए PRS बंद रहने के दौरान ऑनलाइन टिकट बुकिंग और उससे जुड़ी कई सेवाओं पर भी अस्थायी प्रभाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि यह व्यवधान केवल सीमित अवधि के लिए होगा। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि यदि उन्हें रात में यात्रा संबंधी कोई जरूरी काम करना है तो वे निर्धारित समय से पहले उसे पूरा कर लें।
क्या है पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS)?
पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी PRS भारतीय रेलवे का केंद्रीय आरक्षण नेटवर्क है। इसे रेलवे की तकनीकी इकाई CRIS (Centre for Railway Information Systems) संचालित करती है।
यह वही प्रणाली है जिसके माध्यम से देशभर में ट्रेन टिकट बुकिंग, सीट आवंटन, वेटिंग लिस्ट प्रबंधन, चार्ट तैयार करना और यात्रा संबंधी अन्य सेवाएं संचालित होती हैं।
भारत में रेलवे प्रतिदिन लाखों टिकट जारी करता है। इतनी बड़ी संख्या को संभालने के लिए एक केंद्रीकृत और अत्याधुनिक डिजिटल सिस्टम की आवश्यकता होती है, जिसे PRS पूरा करता है।
रेलवे विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि यह प्रणाली कुछ समय के लिए भी बंद हो जाए तो टिकटिंग और आरक्षण से जुड़ी सेवाएं तुरंत प्रभावित हो सकती हैं। यही वजह है कि रेलवे किसी भी तकनीकी अपडेट को बेहद सावधानी से लागू करता है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
रेलवे की इस सूचना के बाद यात्रियों के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना फायदेमंद हो सकता है।
यदि आपको टिकट बुक करनी है तो निर्धारित समय से पहले बुकिंग पूरी कर लें। जिन यात्रियों को टिकट कैंसिल करनी है, वे भी आखिरी समय का इंतजार न करें।
यदि आपकी यात्रा 10 जून की सुबह निर्धारित है तो पीएनआर स्टेटस और सीट की जानकारी पहले ही चेक कर लेना बेहतर रहेगा। इससे अस्थायी व्यवधान के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
रेलवे ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि यह केवल नियमित तकनीकी अपडेट का हिस्सा है और सेवा बहाली के बाद सभी सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध होंगी।
रेलवे लगातार कर रहा है डिजिटल सुधार
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेलवे ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। ऑनलाइन टिकटिंग, रियल टाइम ट्रेन ट्रैकिंग, डिजिटल भुगतान, स्वचालित चार्टिंग और मोबाइल ऐप आधारित सेवाओं के जरिए यात्रियों का अनुभव बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
स्टेशनों के नाम परिवर्तन, नए कोड लागू करना और नेटवर्क अपडेट भी इसी आधुनिकीकरण प्रक्रिया का हिस्सा हैं। रेलवे का कहना है कि ऐसे बदलाव भविष्य में यात्रियों को अधिक सटीक और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
फिलहाल यात्रियों को केवल इतना ध्यान रखना होगा कि 9 और 10 जून की मध्य रात्रि के दौरान लगभग एक घंटे के लिए रेलवे की आरक्षण संबंधी सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। इसलिए जरूरी काम पहले ही निपटा लेना समझदारी होगी।


