नई दिल्ली: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 8 जून को इस कॉरिडोर पर लगभग 1,25,500 यात्रियों ने सफर किया, जो अब तक एक दिन में दर्ज की गई सबसे अधिक राइडरशिप है। यह उपलब्धि सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लोग तेजी से निजी वाहनों से सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के अनुसार, आम दिनों में करीब एक लाख यात्री नमो भारत सेवाओं का उपयोग करते हैं। लेकिन हालिया रिकॉर्ड बताता है कि लोगों का भरोसा इस आधुनिक परिवहन व्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा है।
यात्रा के तरीके में आ रहा बड़ा बदलाव

दिल्ली-एनसीआर लंबे समय से ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और लंबी यात्रा अवधि जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में नमो भारत परियोजना लोगों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की समयबद्धता और विश्वसनीयता बेहतर हो तो लोग निजी वाहनों की जगह उसे अपनाने लगते हैं। नमो भारत ट्रेनें लगभग 99 प्रतिशत समयबद्धता के साथ संचालित हो रही हैं। यही कारण है कि रोजाना ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी और कारोबारी बड़ी संख्या में इस सेवा को चुन रहे हैं।
दिल्ली से मेरठ तक की यात्रा में लगने वाला समय भी पहले की तुलना में काफी कम हुआ है। इससे यात्रियों की उत्पादकता बढ़ी है और रोजाना यात्रा का तनाव भी कम हुआ है।
कौन से स्टेशन सबसे ज्यादा व्यस्त?

एनसीआरटीसी के आंकड़ों के अनुसार सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, गाजियाबाद और बेगमपुल स्टेशन सबसे अधिक व्यस्त स्टेशनों में शामिल हैं।
इन स्टेशनों की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण उनकी बेहतर कनेक्टिविटी है। यहां से यात्रियों को दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे, आईएसबीटी और सिटी बसों जैसी सेवाओं से आसानी से जुड़ने का अवसर मिलता है।
दिलचस्प बात यह है कि केवल ये पांच स्टेशन ही पूरे कॉरिडोर की कुल राइडरशिप में 40 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी किसी भी परिवहन परियोजना की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मेरठ मेट्रो ने भी बढ़ाया आकर्षण

नमो भारत परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसी इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्थानीय मेरठ मेट्रो सेवाएं भी संचालित हो रही हैं।
इससे मेरठ शहर के भीतर यात्रा करने वाले यात्रियों को अलग से परिवहन बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ती। एक ही कॉरिडोर पर क्षेत्रीय और स्थानीय परिवहन सेवाओं का संचालन भारत में आधुनिक शहरी परिवहन का नया मॉडल माना जा रहा है।
परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार यह मॉडल भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
भीषण गर्मी में लोगों को मिल रहा आराम

दिल्ली-एनसीआर इस समय 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी का सामना कर रहा है। ऐसे मौसम में पूरी तरह वातानुकूलित नमो भारत ट्रेनें यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही हैं।
सड़क मार्ग पर लंबा समय बिताने की तुलना में ट्रेन यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित मानी जा रही है। यही वजह है कि गर्मी बढ़ने के साथ भी नमो भारत की लोकप्रियता में कमी नहीं आई बल्कि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती रही।
ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच किफायती विकल्प

पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों ने भी सार्वजनिक परिवहन की मांग को बढ़ाया है। रोजाना निजी कार या बाइक से लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए नमो भारत अपेक्षाकृत सस्ता विकल्प बनकर उभरा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन अपनाते हैं तो इससे न केवल उनकी जेब पर बोझ कम होता है बल्कि प्रदूषण और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं में भी कमी आती है।
दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्र में यह बदलाव पर्यावरण के लिए भी सकारात्मक माना जा रहा है।
बढ़ती मांग के चलते बढ़ाई गई ट्रेन सेवाएं
यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए एनसीआरटीसी ने हाल ही में पीक आवर्स के दौरान 18 अतिरिक्त नमो भारत ट्रेन ट्रिप्स शुरू की हैं।
सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक और शाम 5 बजे से 8:30 बजे तक सराय काले खां से मेरठ साउथ स्टेशन के बीच अतिरिक्त सेवाएं चलाई जा रही हैं। इससे यात्रियों को भीड़भाड़ कम होने और बेहतर यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है।
यह फैसला बताता है कि एनसीआरटीसी भविष्य की मांग को देखते हुए अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है।
आगे क्या?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की अपील कर चुके हैं। ऐसे में नमो भारत की बढ़ती राइडरशिप यह संकेत देती है कि लोग धीरे-धीरे इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के बाकी हिस्से पूरी तरह विकसित होंगे और नए स्टेशन जुड़ेंगे, यात्रियों की संख्या में और तेजी आ सकती है। आने वाले वर्षों में नमो भारत सिर्फ एक ट्रेन सेवा नहीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर की जीवनरेखा के रूप में उभर सकती है।
फिलहाल 1.25 लाख यात्रियों का यह रिकॉर्ड बताता है कि भारत की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है और सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख रही है।


