Petrol Diesel New Rate: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड 93 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है और डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 91 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार 6 जून 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में वाहन चालकों को फिलहाल ईंधन कीमतों में राहत का इंतजार करना पड़ेगा।
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक मांग को लेकर बनी अनिश्चितताओं और कुछ प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से मिले कमजोर आर्थिक संकेतों के चलते क्रूड ऑयल पर दबाव बना हुआ है। हालांकि इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं।
सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम रोजाना सुबह 6 बजे ईंधन की नई कीमतें जारी करती हैं। आज जारी ताजा रेट के अनुसार देश के किसी भी प्रमुख शहर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव नहीं किया गया है।
11 दिनों में चार बार बढ़ चुके हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी देखने को मिली थी। सरकारी तेल कंपनियों ने 15 मई 2026 को पेट्रोल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.29 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ। 23 मई को एक बार फिर इतनी ही बढ़ोतरी की गई। वहीं 25 मई को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
इन लगातार बढ़ोतरी के कारण देश के अधिकांश शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर और कई जगह 110 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है।
चार महानगरों में आज पेट्रोल की कीमत
देश के चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 102.12 |
| कोलकाता | 113.51 |
| मुंबई | 111.21 |
| चेन्नई | 107.77 |
दिल्ली की तुलना में कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल काफी महंगा बना हुआ है। इसकी मुख्य वजह राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले अलग-अलग वैट और स्थानीय कर हैं।
डीजल के ताजा रेट क्या हैं?
डीजल की कीमतों में भी आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। राजधानी दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
| शहर | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 95.20 |
| कोलकाता | 99.82 |
| मुंबई | 97.83 |
| चेन्नई | 99.55 |
डीजल की ऊंची कीमतों का सीधा असर माल ढुलाई लागत पर पड़ता है, जिससे खाद्य पदार्थों, कृषि उत्पादों और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
चंडीगढ़ में आज पेट्रोल 101.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। देश के बड़े शहरों की तुलना में यहां डीजल अपेक्षाकृत सस्ता बना हुआ है।
क्रूड ऑयल सस्ता होने के बावजूद क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम?
कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घट रही हैं तो पेट्रोल और डीजल सस्ते क्यों नहीं हो रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत केवल कच्चे तेल की कीमत पर निर्भर नहीं करती। इसमें रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च, डीलर कमीशन और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स भी शामिल होते हैं।
इसके अलावा तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव को तुरंत उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचातीं। कई बार वे पहले अपने पुराने घाटे की भरपाई करती हैं और उसके बाद ही कीमतों में कटौती पर विचार करती हैं।
तेल कंपनियों को कितना नुकसान हो रहा है?
ऊर्जा बाजार से जुड़े विश्लेषकों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने के कारण सरकारी तेल कंपनियों पर दबाव बना हुआ है।
कुछ अनुमानों के मुताबिक पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बिक्री पर तेल कंपनियों को प्रतिदिन सैकड़ों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। यही कारण है कि कंपनियां फिलहाल कीमतों में कटौती को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
क्रूड ऑयल में क्या है ताजा स्थिति?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार बंद होने तक ब्रेंट क्रूड करीब 93.09 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 90.54 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर इंडियन बास्केट क्रूड का औसत मूल्य करीब 100.10 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर बना हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में वैश्विक तनाव कम होता है और आपूर्ति सामान्य बनी रहती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम के तहत तय होती हैं। इसके तहत तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रुपये-डॉलर विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत और टैक्स को ध्यान में रखते हुए रोजाना कीमतों की समीक्षा करती हैं।
हालांकि रोज समीक्षा होने के बावजूद हर दिन कीमतों में बदलाव जरूरी नहीं होता। जब तक कंपनियों को लागत और बाजार परिस्थितियों में पर्याप्त अंतर नहीं दिखता, तब तक कीमतें स्थिर रखी जा सकती हैं।
आगे क्या सस्ते होंगे पेट्रोल और डीजल?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ब्रेंट क्रूड लगातार 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहता है और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी आती है तो तेल कंपनियां आने वाले हफ्तों में कीमतों को लेकर सकारात्मक फैसला ले सकती हैं।
हालांकि फिलहाल किसी तत्काल राहत की संभावना दिखाई नहीं दे रही है। इसलिए वाहन चालकों को अभी मौजूदा कीमतों पर ही ईंधन खरीदना पड़ सकता है।
ऐसे चेक करें अपने शहर का ताजा रेट
पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। उपभोक्ता SMS के जरिए भी अपने शहर का ताजा रेट जान सकते हैं।
- इंडियन ऑयल ग्राहक RSP लिखकर शहर का कोड जोड़कर 9224992249 पर SMS भेज सकते हैं।
- BPCL ग्राहक RSP लिखकर शहर का कोड 9223112222 पर भेज सकते हैं।
- HPCL ग्राहक HPPRICE लिखकर शहर का कोड 9222201122 पर भेज सकते हैं।
इसके अलावा संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर भी ताजा कीमतें देखी जा सकती हैं।


