नई दिल्ली। जून महीने के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। मंगलवार, 2 जून को घरेलू इक्विटी बाजार दबाव के साथ खुले, जहां शुरुआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। हालांकि बाजार में व्यापक बिकवाली के बीच आईटी सेक्टर के शेयरों ने निवेशकों को राहत दी और टेक्नोलॉजी कंपनियों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 322 अंक टूटकर 73,945 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 इंडेक्स 153 अंक की गिरावट के साथ 23,229 के स्तर पर ओपन हुआ। शुरुआती कारोबार में निफ्टी50 के अधिकांश शेयरों पर दबाव देखने को मिला, जबकि चुनिंदा आईटी और मेटल शेयरों में तेजी बनी रही।
बाजार की शुरुआत क्यों रही कमजोर?

विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत, निवेशकों की सतर्कता और चुनिंदा सेक्टरों में मुनाफावसूली के कारण भारतीय बाजार पर दबाव देखने को मिला। पिछले कुछ सत्रों में बाजार में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू किया है, जिसका असर शुरुआती कारोबार में दिखाई दिया।
बाजार की कमजोरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि निफ्टी50 के अधिकांश शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर और पावर सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
IT सेक्टर बना बाजार का सबसे बड़ा सहारा
जहां एक ओर अधिकांश सेक्टर दबाव में दिखाई दिए, वहीं आईटी सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक की मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया।
आईटी सेक्टर की तेजी में सबसे बड़ा योगदान निम्न शेयरों का रहा—
- टेक महिंद्रा
- इंफोसिस
- टीसीएस
- एचसीएल टेक
- विप्रो
इन कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में लगभग 3.5 प्रतिशत तक उछल गए। निवेशकों का मानना है कि वैश्विक टेक सेक्टर में सुधार और बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीदों के चलते आईटी कंपनियों में खरीदारी लौट रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आईटी सेक्टर में यह तेजी बनी रहती है तो आने वाले दिनों में यह निफ्टी को भी सहारा दे सकता है।
निफ्टी के टॉप लूजर शेयर
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में कई बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी50 के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे—
- बजाज फाइनेंस
- बजाज फिनसर्व
- इटरनल
- अपोलो हॉस्पिटल
- मैक्स हेल्थकेयर
इन शेयरों में लगभग 2 से 2.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सेक्टर में दबाव का असर पूरे बाजार पर देखने को मिला।
मेटल शेयरों में भी दिखी मजबूती
आईटी के अलावा मेटल सेक्टर भी बाजार की कमजोरी के बीच मजबूती दिखाने में सफल रहा। निफ्टी मेटल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करता नजर आया।
NMDC बना मेटल सेक्टर का स्टार
मेटल शेयरों में एनएमडीसी (NMDC) ने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया। कंपनी के शेयर सोमवार को करीब 5 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए थे और मंगलवार को भी इसमें लगभग 2.40 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इसके अलावा निम्न मेटल शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली—
- हिंदुस्तान कॉपर
- वेदांता
- नाल्को
- सेल
- हिंडाल्को इंडस्ट्रीज
कमोडिटी बाजार में सुधार और धातुओं की कीमतों में मजबूती का फायदा इन कंपनियों के शेयरों को मिल रहा है।
NHPC के शेयरों में क्यों आई गिरावट?
मंगलवार के कारोबार में NHPC के शेयरों पर दबाव देखने को मिला और यह करीब 3.5 प्रतिशत तक टूट गए।
दरअसल, सरकार ने एनएचपीसी में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। कंपनी में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 6 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेची जाएगी, जिसमें 3 प्रतिशत का ग्रीनशू विकल्प भी शामिल है।
सरकार ने OFS के लिए न्यूनतम मूल्य 71 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह ऑफर 2 जून से गैर-खुदरा निवेशकों के लिए और 3 जून से खुदरा निवेशकों के लिए खुल रहा है। हिस्सेदारी बिक्री की खबर के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे शेयर दबाव में आ गया।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
बाजार की शुरुआती कमजोरी के बावजूद आईटी और मेटल सेक्टर में मजबूत खरीदारी यह संकेत देती है कि निवेशक अभी भी चुनिंदा सेक्टरों में अवसर तलाश रहे हैं। यदि निफ्टी 23,200 के स्तर के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है तो दिन के दौरान रिकवरी देखने को मिल सकती है।
हालांकि वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। ऐसे में बाजार में दिनभर उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर निम्न प्रमुख कारकों पर रहेगी—
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां
- वैश्विक बाजारों का रुख
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- डॉलर इंडेक्स की चाल
- आईटी और मेटल सेक्टर का प्रदर्शन
- NHPC OFS को मिलने वाली प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं तो भारतीय बाजार में फिर से खरीदारी लौट सकती है।
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल समाचार और सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।)


