Blinkit पर बढ़ी खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता
देश में तेजी से बढ़ रहे क्विक-कॉमर्स सेक्टर के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर एक नया मामला सामने आया है। खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म Blinkit से स्पष्टीकरण मांगा है। यह कार्रवाई एक ऐसे ग्राहक की शिकायत के बाद की गई है, जिसने आरोप लगाया कि Blinkit से मंगाया गया दही खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने FSSAI को लिखित शिकायत भेजी थी, जिसमें मेडिकल रिपोर्ट भी संलग्न की गई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि दही खाने के कुछ ही समय बाद उसे पेट में तेज दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
FSSAI ने भेजा नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए FSSAI ने 29 मई को Blinkit के संचालन प्रभारी और Blink Commerce Private Limited के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को नोटिस जारी किया। नियामक ने कंपनी से पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण और Action Taken Report (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है। FSSAI ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खाद्य उत्पाद बेचने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी केवल डिलीवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ पहुंचाना भी उनकी कानूनी जिम्मेदारी है।
सोशल मीडिया पर भी मिल चुकी हैं कई शिकायतें
सूत्रों के अनुसार, FSSAI को केवल इस एक मामले की शिकायत नहीं मिली है। पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से Blinkit के जरिए डिलीवर किए गए खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। कुछ उपभोक्ताओं ने एक्सपायरी डेट के करीब पहुंच चुके उत्पाद मिलने की शिकायत की, जबकि कुछ ने खराब गुणवत्ता वाले डेयरी और अंडों की आपूर्ति का आरोप लगाया। इसी वजह से नियामक संस्था ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी से जवाब मांगा है।
अंडों की गुणवत्ता को लेकर भी भेजा गया था नोटिस
यह पहला मौका नहीं है जब Blinkit को खाद्य गुणवत्ता के मामले में नियामक जांच का सामना करना पड़ा हो। इसी महीने की शुरुआत में FSSAI ने प्लेटफॉर्म पर बिक रहे अंडों की गुणवत्ता को लेकर भी नोटिस जारी किया था। सोशल मीडिया पर कई उपभोक्ताओं ने खराब और निम्न गुणवत्ता वाले अंडे मिलने की शिकायत की थी। इन शिकायतों के बाद FSSAI ने कंपनी से गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया और सप्लाई चेन मैनेजमेंट से जुड़ी जानकारी मांगी थी।
कानून क्या कहता है?
FSSAI ने अपने नोटिस में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26 और धारा 27 का उल्लेख किया है। इन धाराओं के अनुसार खाद्य व्यवसाय संचालक (Food Business Operator) अपने द्वारा निर्मित, संग्रहित, वितरित या बेचे गए खाद्य पदार्थ की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होता है। उपभोक्ता तक पहुंचने वाले खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित कंपनी की कानूनी जिम्मेदारी है। यदि किसी खाद्य उत्पाद के कारण उपभोक्ता को स्वास्थ्य नुकसान होता है, तो जांच के बाद कंपनी पर कार्रवाई की जा सकती है।
क्विक-कॉमर्स कंपनियों के लिए बढ़ सकती है मुश्किल
Blinkit, Zepto, Instamart और अन्य क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पिछले कुछ वर्षों में तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। 10 से 15 मिनट में डिलीवरी के वादे ने लाखों ग्राहकों को आकर्षित किया है। हालांकि खाद्य पदार्थों की तेज डिलीवरी के साथ स्टोरेज, कोल्ड-चेन मैनेजमेंट और उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। डेयरी उत्पाद, मांस, अंडे और अन्य नाशवान खाद्य पदार्थों में थोड़ी सी लापरवाही भी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे क्विक-कॉमर्स बाजार का आकार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नियामक निगरानी भी और सख्त होने की संभावना है।
ग्राहकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऑनलाइन खाद्य उत्पाद मंगाते समय उपभोक्ताओं को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले उत्पाद की एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें। डेयरी और अन्य नाशवान वस्तुओं की पैकेजिंग क्षतिग्रस्त हो तो उनका उपयोग न करें। यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो उसकी फोटो और वीडियो सुरक्षित रखें तथा तुरंत संबंधित कंपनी और FSSAI के पास शिकायत दर्ज करें।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर Blinkit की प्रतिक्रिया पर है। FSSAI द्वारा मांगी गई Action Taken Report के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो कंपनी या संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई संभव है। यह मामला केवल एक ग्राहक की शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स उद्योग में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे सकता है। आने वाले समय में इस क्षेत्र की कंपनियों को अपनी गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था और अधिक मजबूत करनी पड़ सकती है।
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