नई दिल्ली: जून महीने की शुरुआत आम लोगों और कारोबारियों के लिए महंगाई की एक नई खबर लेकर आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने 1 जून से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर और 5 किलो फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग बिजनेस और छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है, क्योंकि ये संस्थान बड़े पैमाने पर कमर्शियल LPG सिलेंडरों का इस्तेमाल करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कमर्शियल गैस की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो इसका असर खाने-पीने की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
दिल्ली में कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹42 महंगा
1 जून से लागू नई दरों के अनुसार राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹42 की बढ़ोतरी की गई है। अब यह सिलेंडर ₹3,113.50 में मिलेगा। इसी तरह देश के अन्य बड़े शहरों में भी कीमतों में इजाफा हुआ है।
प्रमुख शहरों में 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट
| शहर | नया रेट |
|---|---|
| दिल्ली | ₹3,113.50 |
| मुंबई | ₹3,067 |
| कोलकाता | ₹3,255.50 |
| चेन्नई | ₹3,283 |
कोलकाता में सबसे ज्यादा ₹53.50 की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि चेन्नई में भी कीमतें देश के प्रमुख महानगरों में सबसे ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
5 किलो LPG सिलेंडर भी हुआ महंगा
कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 5 किलो फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। नई दरों के तहत इसकी कीमत में ₹11 की वृद्धि की गई है। दिल्ली में अब 5 किलो वाला FTL सिलेंडर ₹821.50 में मिलेगा। यह सिलेंडर आमतौर पर उन उपभोक्ताओं और व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता है जो सब्सिडी वाले घरेलू LPG नेटवर्क के दायरे में नहीं आते। छोटे फूड स्टॉल, अस्थायी दुकानदार, कैंपिंग गतिविधियां और कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान इसका उपयोग करते हैं।
घरेलू LPG उपभोक्ताओं को मिली राहत
महंगाई के इस दौर में सबसे बड़ी राहत घरेलू उपभोक्ताओं को मिली है। 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू LPG की कीमतें सरकार के लिए हमेशा एक संवेदनशील विषय रही हैं क्योंकि इसका सीधा असर करोड़ों परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद सरकार अक्सर घरेलू गैस कीमतों को लेकर संतुलित रुख अपनाने की कोशिश करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और बढ़ती है तथा कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में घरेलू LPG की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
कीमतों में बढ़ोतरी की वजह क्या है?
LPG की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG और कच्चे तेल की कीमतें
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- शिपिंग और माल ढुलाई लागत
- आयात खर्च
- सरकारी टैक्स और सब्सिडी नीतियां
हाल के महीनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बढ़ाया है। इसका असर भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों पर भी दिखाई दे रहा है।
होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ सकता है असर
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, बेकरी और कैटरिंग इंडस्ट्री पर पड़ता है। इन व्यवसायों की परिचालन लागत बढ़ने से कई बार खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। फूड इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ महीनों तक कमर्शियल LPG महंगी बनी रहती है तो छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ सकता है। खासकर उन व्यवसायों पर जिनकी कमाई सीमित है और जिनके लिए ईंधन लागत कुल खर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
हर महीने की पहली तारीख को क्यों बदलती हैं कीमतें?
भारत में LPG सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को की जाती है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों, आयात लागत और अन्य आर्थिक कारकों का विश्लेषण करने के बाद नई दरें जारी करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत 1 जून से नई कीमतें लागू की गई हैं। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं और व्यवसायों को बाजार की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
आगे क्या हो सकता है?
ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में LPG और अन्य ईंधन उत्पादों की कीमतों की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो कमर्शियल LPG की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी संभव है। हालांकि फिलहाल घरेलू LPG उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है, लेकिन वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले महीनों में कीमतों की समीक्षा पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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