नई दिल्ली। जून महीने के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर सकारात्मक संकेत मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार हरे निशान में खुला। सोमवार को निफ्टी 50 करीब 106 अंकों की बढ़त के साथ 23,654 के स्तर पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स भी मजबूत उछाल के साथ 75,300 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया से राहत भरी खबरें और चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों के बाद कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में आई जोरदार हलचल रही। खासतौर पर इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान खींचा, जो शुरुआती कारोबार में 5% तक चढ़ गए।
वैश्विक संकेतों ने बाजार को दिया सहारा
पिछले कुछ हफ्तों से पश्चिम एशिया में जारी तनाव वैश्विक वित्तीय बाजारों की चिंता का प्रमुख कारण बना हुआ था। हालांकि अब ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के संभावित युद्धविराम (Ceasefire) को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव कम होता है तो कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और माल ढुलाई सामान्य हो सकती है। वैश्विक सप्लाई चेन में सुधार आएगा। उभरते बाजारों में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। इसी उम्मीद ने एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी सकारात्मक माहौल बनाया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।
इंडिगो के शेयरों में क्यों आई 5% की तेजी?
सोमवार के कारोबार में सबसे ज्यादा चर्चा इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) के शेयरों की रही। कंपनी ने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसके बाद शेयर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
Q4 में कंपनी का प्रदर्शन
| विवरण | Q4 FY26 | Q4 FY25 |
|---|---|---|
| शुद्ध लाभ/घाटा | -₹2,536.9 करोड़ | ₹3,067.5 करोड़ लाभ |
| राजस्व | ₹22,438.4 करोड़ | ₹22,151.9 करोड़ |
पहली नजर में घाटा बढ़ना नकारात्मक लग सकता है, लेकिन बाजार ने कंपनी के परिचालन प्रदर्शन, भविष्य की मांग और एयर ट्रैवल सेक्टर की संभावनाओं को देखते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के सीजन में हवाई यात्रा की मांग मजबूत बनी हुई है और इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी अभी भी सबसे अधिक है। इसी वजह से निवेशकों ने दीर्घकालिक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए शेयर में खरीदारी की।
NMDC के शानदार नतीजों ने बढ़ाया निवेशकों का उत्साह
सरकारी खनन कंपनी NMDC ने चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया।
NMDC Q4 Highlights
| विवरण | Q4 FY26 | Q4 FY25 |
|---|---|---|
| शुद्ध लाभ | ₹2,017.6 करोड़ | ₹1,483.2 करोड़ |
| वृद्धि | 36% | – |
| राजस्व | ₹11,343.1 करोड़ | ₹7,004.6 करोड़ |
| वृद्धि | 61.9% | – |
नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई और शुरुआती कारोबार में यह करीब 0.50% ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। खनन और धातु क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण निवेशक इस सेक्टर को लेकर आशावादी बने हुए हैं।
Inox Wind के नतीजों ने किया निराश
जहां कुछ कंपनियों ने निवेशकों को खुश किया, वहीं Inox Wind के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे।
Inox Wind Q4 Performance
| विवरण | Q4 FY26 | Q4 FY25 |
|---|---|---|
| शुद्ध लाभ | ₹91.3 करोड़ | ₹186.8 करोड़ |
| गिरावट | 51.1% | – |
| राजस्व | ₹1,244.2 करोड़ | ₹1,274.8 करोड़ |
कमजोर नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में करीब 5% तक की गिरावट देखने को मिली। हालांकि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र का लंबी अवधि का दृष्टिकोण मजबूत बना हुआ है, लेकिन निवेशकों ने फिलहाल कमजोर तिमाही प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
IREDA के नतीजों पर निवेशकों की नजर
नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को वित्त उपलब्ध कराने वाली सरकारी कंपनी IREDA ने भी अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए।
IREDA Q4 Results
| विवरण | Q4 FY26 | Q4 FY25 |
|---|---|---|
| शुद्ध लाभ | ₹492.6 करोड़ | ₹501.6 करोड़ |
| बदलाव | -1.8% | – |
| शुद्ध ब्याज आय | ₹897.8 करोड़ | ₹758.3 करोड़ |
| वृद्धि | 18.4% | – |
हालांकि कंपनी का मुनाफा मामूली घटा, लेकिन नेट इंटरेस्ट इनकम में दो अंकों की वृद्धि ने निवेशकों को राहत दी।
फार्मा शेयरों में भी हलचल
Wockhardt को मिली बड़ी मंजूरी
फार्मा कंपनी Wockhardt को अमेरिकी नियामक US Food and Drug Administration (USFDA) से बड़ी मंजूरी मिली है। कंपनी के नए एंटीबायोटिक इंजेक्शन Zaynich (cefepime + zidebactam) को जटिल यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (cUTI) के इलाज के लिए मंजूरी दी गई है। यह मंजूरी कंपनी के लिए अमेरिकी बाजार में नए अवसर खोल सकती है।
Lupin को भी USFDA से हरी झंडी
फार्मा कंपनी Lupin को सोडियम सल्फेट, मैग्नीशियम सल्फेट और पोटेशियम क्लोराइड टैबलेट के लिए अपने ANDA आवेदन पर USFDA की मंजूरी मिल गई है। अमेरिकी बाजार से जुड़ी ऐसी मंजूरियां फार्मा कंपनियों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में निवेशकों को निम्न कारकों पर ध्यान देना चाहिए पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति। कंपनियों के तिमाही नतीजे और भविष्य का मार्गदर्शन। यदि पश्चिम एशिया में तनाव और कम होता है तो भारतीय बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं किसी भी नई भू-राजनीतिक घटना से बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
बाजार के लिए आगे क्या संकेत हैं?
जून महीने की शुरुआत सकारात्मक रही है और निवेशकों का फोकस अब कॉर्पोरेट नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगा। इंडिगो, NMDC और फार्मा सेक्टर से आई सकारात्मक खबरों ने बाजार को सहारा दिया है। हालांकि निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि भू-राजनीतिक जोखिम अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं और विदेशी निवेश का प्रवाह जारी रहता है तो निफ्टी और सेंसेक्स आने वाले सत्रों में नए उच्च स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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