भारतीय शेयर बाजार में बीता सप्ताह निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बाजार में मुनाफावसूली के दबाव के चलते प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। इस कमजोरी का असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों पर भी दिखाई दिया। बीएसई सेंसेक्स की शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में से सात के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में भारी गिरावट आई, जबकि तीन कंपनियां निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल रहीं।
सबसे बड़ा झटका देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज को लगा। कंपनी के मार्केट कैप में एक ही सप्ताह में ₹46,078.30 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां SBI और LIC इस गिरावट के दौर में भी मजबूती दिखाने में सफल रहीं।
पिछले सप्ताह बाजार में क्यों आई गिरावट?
बीते सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 639.61 अंक यानी 0.84 प्रतिशत टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 171.55 अंक यानी 0.72 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण रहे। सबसे पहले, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रही। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का माहौल रहा। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया। जब विदेशी निवेशक बड़े पैमाने पर शेयर बेचते हैं तो बाजार में कमजोरी बढ़ जाती है और बड़ी कंपनियों के शेयरों पर सीधा असर पड़ता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे बड़ा नुकसान
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए यह सप्ताह काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी का बाजार पूंजीकरण ₹46,078.30 करोड़ घटकर ₹17.87 लाख करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार तेल-गैस, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल, टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। कंपनी का बड़ा आकार होने के कारण उसके शेयर में मामूली गिरावट भी मार्केट कैप में हजारों करोड़ रुपये की कमी ला देती है। विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और बाजार की कमजोरी के कारण रिलायंस के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। हालांकि कंपनी अब भी भारतीय शेयर बाजार की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।
HDFC Bank और Bharti Airtel भी दबाव में
रिलायंस के बाद सबसे ज्यादा नुकसान एचडीएफसी बैंक को हुआ। बैंक का मार्केट कैप ₹33,333.06 करोड़ घटकर ₹11.46 लाख करोड़ रह गया। इसी तरह टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन ₹25,408.96 करोड़ कम होकर ₹11.14 लाख करोड़ पर पहुंच गया। एचडीएफसी बैंक और एयरटेल दोनों ही निवेशकों की पसंदीदा कंपनियों में गिनी जाती हैं, लेकिन बाजार में व्यापक गिरावट का असर इनके शेयरों पर भी पड़ा।
TCS, ICICI Bank और Bajaj Finance भी फिसले
आईटी सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मार्केट कैप में ₹22,920.58 करोड़ की गिरावट आई। इसके बाद कंपनी का बाजार मूल्यांकन ₹8.15 लाख करोड़ रह गया। निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण ₹6,311.41 करोड़ घटकर ₹9.00 लाख करोड़ रह गया। वहीं बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप ₹7,253.24 करोड़ कम होकर ₹5.63 लाख करोड़ पर पहुंच गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर को भी नुकसान हुआ और उसका बाजार मूल्यांकन ₹13,169.46 करोड़ घट गया।
SBI ने दिखाई मजबूती
जहां निजी क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियां दबाव में रहीं, वहीं देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI मजबूती के साथ उभरा। SBI का बाजार पूंजीकरण ₹13,753.62 करोड़ बढ़कर ₹8.89 लाख करोड़ पहुंच गया। बैंकिंग सेक्टर में बेहतर प्रदर्शन और निवेशकों के मजबूत भरोसे ने SBI को इस सप्ताह लाभ दिलाया। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी बैंकों में बढ़ती रुचि और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के कारण SBI के शेयरों में मजबूती देखने को मिल रही है।
LIC को भी मिला निवेशकों का साथ
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC भी इस सप्ताह फायदे में रही। कंपनी का मार्केट कैप ₹6,040.37 करोड़ बढ़कर ₹5.20 लाख करोड़ हो गया। हाल के महीनों में LIC के शेयरों में सुधार देखा गया है। कंपनी के निवेश पोर्टफोलियो और बढ़ते बीमा कारोबार को लेकर निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।
L&T ने भी दर्ज की शानदार बढ़त
इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) इस सप्ताह सबसे अधिक फायदा उठाने वाली कंपनियों में शामिल रही। कंपनी का बाजार पूंजीकरण ₹20,608.43 करोड़ बढ़कर ₹5.60 लाख करोड़ पहुंच गया। सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और मजबूत ऑर्डर बुक का लाभ कंपनी को मिल रहा है।
टॉप-10 कंपनियों की नई रैंकिंग
सप्ताह के अंत में भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। यह सूची बताती है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद बड़ी कंपनियों का दबदबा कायम है, हालांकि उनके बीच रैंकिंग में बदलाव की संभावना बनी रहती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
पिछले सप्ताह की गिरावट यह दिखाती है कि बाजार में अस्थिरता अभी भी बनी हुई है। निवेशकों को केवल अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के आधार पर फैसले लेने के बजाय कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन, कमाई की क्षमता और भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बैलेंस शीट और स्थिर कारोबार वाली कंपनियां लंबे समय में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं। इसलिए निवेशकों को बाजार की अस्थायी गिरावट को अवसर के रूप में भी देखना चाहिए।
निष्कर्ष
बीते सप्ताह शेयर बाजार की कमजोरी ने देश की बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप पर असर डाला। रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे बड़ा नुकसान हुआ और उसके बाजार मूल्य में ₹46,078 करोड़ से अधिक की गिरावट आई। वहीं SBI, LIC और L&T जैसी कंपनियां इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी फायदे में रहीं। आने वाले सप्ताह में वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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