Highlights
- Reliance Industries ने FY26 के लिए ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड घोषित किया
- डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 5 जून 2026 तय
- कंपनी की AGM 19 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी
- Q4FY26 में रिलायंस का रेवेन्यू बढ़कर ₹2.94 लाख करोड़ पहुंचा
नई दिल्ली। Mukesh Ambani की अगुवाई वाली Reliance Industries से निवेशकों के लिए बड़ी खबर आई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹6 डिविडेंड देने की घोषणा की है। इसके साथ ही कंपनी ने डिविडेंड पाने के लिए रिकॉर्ड डेट और वार्षिक आम बैठक (AGM) की तारीख भी तय कर दी है।
कंपनी की ओर से 27 मई 2026 को जारी एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, जिन निवेशकों के डीमैट अकाउंट में रिकॉर्ड डेट तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मौजूद होंगे, वही इस डिविडेंड के पात्र माने जाएंगे। ऐसे में अब निवेशकों की नजर 5 जून की रिकॉर्ड डेट पर टिकी हुई है।
कब है रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM?
Reliance Industries ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) शुक्रवार, 19 जून 2026 को दोपहर 2 बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों (OAVM) के जरिए होगी।
कंपनी ने कहा कि AGM का आयोजन कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। AGM में डिविडेंड सहित कई अहम प्रस्तावों पर शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।
डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट क्या है?
कंपनी ने 5 जून 2026 को डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट तय किया है। इसका मतलब यह है कि इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर होंगे, उन्हें ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड मिलेगा।
शेयर बाजार में रिकॉर्ड डेट काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसी के आधार पर कंपनी यह तय करती है कि कौन-से शेयरधारक डिविडेंड पाने के पात्र होंगे। आमतौर पर रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदना जरूरी होता है ताकि निवेशक का नाम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज हो सके।
कब मिलेगा डिविडेंड?
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया कि अगर AGM में डिविडेंड प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो बैठक के सात दिनों के भीतर पात्र शेयरधारकों के बैंक खातों में डिविडेंड ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
इसके अलावा कंपनी ने AGM में वोटिंग के लिए 12 जून 2026 को कट-ऑफ डेट तय की है। यानी इसी तारीख के आधार पर यह तय होगा कि कौन-से शेयरधारक AGM में प्रस्तावों पर वोट डाल सकेंगे।
रिलायंस के तिमाही नतीजे कैसे रहे?
मार्च 2026 तिमाही में Reliance Industries का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹16,971 करोड़ रहा। हालांकि यह पिछली तिमाही के ₹18,645 करोड़ और एक साल पहले की समान अवधि के ₹19,407 करोड़ से कम है।
वहीं कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹2.94 लाख करोड़ पहुंच गया। इससे पहले दिसंबर तिमाही में यह ₹2.65 लाख करोड़ और पिछले साल समान तिमाही में ₹2.61 लाख करोड़ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस के रिटेल और डिजिटल बिजनेस ने कंपनी की कमाई को मजबूत बनाए रखा है। खासतौर पर जियो प्लेटफॉर्म्स और रिटेल कारोबार में लगातार बढ़ोतरी कंपनी के लिए बड़ा सपोर्ट बनकर उभरी है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह खबर?
रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी कंपनियों में गिनी जाती है और लाखों रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो में इसका शेयर शामिल है। ऐसे में डिविडेंड की घोषणा निवेशकों के लिए अतिरिक्त आय का मौका मानी जाती है।
इसके अलावा रिकॉर्ड डेट और AGM की घोषणा के बाद आने वाले दिनों में रिलायंस के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि मजबूत बिजनेस मॉडल और डिजिटल-रिटेल विस्तार की वजह से रिलायंस लंबे समय के निवेशकों के लिए अहम कंपनी बनी हुई है।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी केवल सूचना के लिए दी गई है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
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