अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली Vedanta Limited के डीमर्जर के बाद अब निवेशकों की नजर सबसे ज्यादा जिस कंपनी पर टिकी हुई है, वह है Vedanta Aluminium। वैश्विक बाजार में एल्युमीनियम की कीमतें लगभग चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी हैं और ऐसे समय में कंपनी की संभावित लिस्टिंग को बड़ा ट्रिगर माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, सप्लाई चेन पर दबाव और चीन में उत्पादन कटौती की आशंकाओं ने अंतरराष्ट्रीय एल्युमीनियम बाजार को गर्म कर दिया है। इसका सीधा फायदा उन कंपनियों को मिल सकता है जिनकी उत्पादन क्षमता मजबूत है और जिनकी वैश्विक बाजार में बड़ी हिस्सेदारी है। Vedanta Aluminium इसी श्रेणी में आती है।
जून में हो सकती है नई कंपनियों की लिस्टिंग
Vedanta का डीमर्जर अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 1 मई 2026 से डीमर्जर योजना लागू हो चुकी है। इसके तहत कंपनी पांच हिस्सों में बंट चुकी है:
- Vedanta Limited
- Vedanta Aluminium
- Vedanta Oil & Gas
- Vedanta Power
- Vedanta Iron & Steel
1 मई तक जिन निवेशकों के पास Vedanta के शेयर थे, उन्हें नई कंपनियों के शेयर डीमैट अकाउंट में मिल चुके हैं। हालांकि अभी इन शेयरों में ट्रेडिंग शुरू नहीं हुई है क्योंकि स्टॉक एक्सचेंज पर इनकी औपचारिक लिस्टिंग बाकी है।
वेदांता रिसोर्सेज की CEO Deshnee Naidoo ने अप्रैल 2026 में कहा था कि नई कंपनियों की लिस्टिंग जून के मध्य तक हो सकती है। इससे बाजार में निवेशकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।
4 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा Aluminium
लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर एल्युमीनियम की कीमत करीब 0.6% बढ़कर 3,672.50 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई, जो मार्च 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
इसके पीछे कई बड़े कारण हैं चीन में उत्पादन कटौती की आशंका, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक सप्लाई बाधाएं, इलेक्ट्रिक वाहन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ती मांग. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर सप्लाई संकट जारी रहता है तो एल्युमीनियम की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इसका सीधा फायदा बड़े उत्पादकों को होगा।
भारत की सबसे बड़ी Aluminium कंपनी
Vedanta Aluminium भारत की सबसे बड़ी एल्युमीनियम उत्पादक कंपनी है। देश के कुल एल्युमीनियम उत्पादन में इसका हिस्सा 50% से ज्यादा माना जाता है।
वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने लगभग 2.37 मिलियन टन एल्युमीनियम का उत्पादन किया था। कंपनी के पास स्मेल्टर यूनिट्स, एल्युमिना रिफाइनरी, कैप्टिव पावर प्लांट, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स नेटवर्क जैसी मजबूत क्षमताएं हैं।
Vedanta Aluminium के उत्पादों का इस्तेमाल कई बड़े सेक्टरों में होता है इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, ट्रांसपोर्टेशन, पावर और एनर्जी, रिन्यूएबल एनर्जी. यही वजह है कि कंपनी को लंबे समय की ग्रोथ स्टोरी के रूप में भी देखा जा रहा है।
ESG और Sustainability में भी मजबूत पकड़
वैश्विक निवेशकों के लिए अब सिर्फ मुनाफा ही नहीं बल्कि ESG यानी Environment, Social और Governance भी बड़ा फैक्टर बन चुका है।
2023 में S&P Global Corporate Sustainability Assessment में Vedanta Aluminium को एल्युमीनियम सेक्टर में पहला स्थान मिला था। इससे विदेशी निवेशकों के बीच कंपनी की विश्वसनीयता मजबूत हुई।
किस कीमत पर हो सकती है लिस्टिंग?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार Vedanta Aluminium की संभावित लिस्टिंग ₹400 प्रति शेयर से ऊपर हो सकती है। कुछ अनुमान इसे ₹450–₹480 के दायरे में भी मान रहे हैं।
कई ब्रोकरेज विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मांग और ऊंची कमोडिटी कीमतों के कारण कंपनी की वैल्यूएशन बेहतर रह सकती है। हालांकि अंतिम लिस्टिंग प्राइस बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और वैश्विक कमोडिटी ट्रेंड पर निर्भर करेगी।
क्या Aluminium की बढ़ती कीमतों से मिलेगा बड़ा फायदा?
कमोडिटी कंपनियों के लिए धातुओं की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर मार्जिन और मुनाफे को प्रभावित करती हैं।
अगर एल्युमीनियम की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो Vedanta Aluminium का EBITDA बढ़ सकता है कंपनी की वैल्यूएशन मजबूत हो सकती है निवेशकों की मांग बढ़ सकती है, लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है यानी मौजूदा ग्लोबल माहौल Vedanta Aluminium के लिए पॉजिटिव माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
डीमर्जर के बाद अब निवेशकों को अलग-अलग बिजनेस में सीधे निवेश का मौका मिलेगा। पहले Vedanta के अंदर कई बिजनेस एक साथ थे, लेकिन अब निवेशक अपनी पसंद के सेक्टर में निवेश कर पाएंगे।
उदाहरण के लिए:
- Aluminium में ग्रोथ चाहिए तो Vedanta Aluminium
- Energy exposure चाहिए तो Vedanta Power
- Oil & Gas theme चाहिए तो Vedanta Oil & Gas
यह मॉडल कई ग्लोबल कंपनियों में सफल माना जाता है क्योंकि इससे बिजनेस की असली वैल्यू सामने आती है।
बाजार की नजर अब जून पर
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जून में लिस्टिंग के समय बाजार का माहौल कैसा रहेगा। अगर उस समय तक एल्युमीनियम की कीमतें मजबूत बनी रहती हैं और वैश्विक बाजार स्थिर रहता है तो Vedanta Aluminium की लिस्टिंग निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीमर्जर के बाद Vedanta समूह की कंपनियों का प्रदर्शन अलग-अलग सेक्टर ट्रेंड पर आधारित होगा। ऐसे में Vedanta Aluminium फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा में दिखाई दे रही है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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