देशभर में डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार 25 मई 2026 को मुंबई में डीजल का दाम बढ़कर ₹97.83 प्रति लीटर पहुंच गया। यह रविवार के ₹95.02 प्रति लीटर के मुकाबले ₹2.81 अधिक है। पिछले 10 दिनों में डीजल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इस दौरान मुंबई में डीजल का रेट ₹93.14 से ₹97.83 प्रति लीटर के बीच रहा।
भारत में जून 2017 से डीजल की कीमतों में रोजाना संशोधन (Daily Revision) की व्यवस्था लागू है। इससे पहले हर 15 दिन में कीमतें बदली जाती थीं। अब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और राज्यों के टैक्स के आधार पर रोज नई कीमत तय होती है।
डीजल कीमतों में बढ़ोतरी क्यों हुई?
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में हलचल का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर तेजी से दिखाई देता है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी भी ईंधन आयात को महंगा बनाती है। तेल कंपनियां इस अतिरिक्त लागत को धीरे-धीरे खुदरा कीमतों में शामिल करती हैं।
प्रमुख शहरों में डीजल के ताजा रेट
देश के कई बड़े शहरों में सोमवार को डीजल की कीमतों में ₹2.5 से ₹3 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
| शहर | डीजल कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹95.20 | +₹2.71 |
| मुंबई | ₹97.83 | +₹2.81 |
| कोलकाता | ₹99.82 | +₹2.80 |
| चेन्नई | ₹99.55 | +₹2.57 |
| गुरुग्राम | ₹95.44 | +₹2.71 |
| नोएडा | ₹95.56 | +₹2.72 |
| बेंगलुरु | ₹98.80 | +₹2.81 |
| भुवनेश्वर | ₹100.92 | +₹3.03 |
| हैदराबाद | ₹103.82 | +₹2.88 |
| जयपुर | ₹97.78 | +₹2.73 |
| लखनऊ | ₹95.55 | +₹2.91 |
| पटना | ₹99.36 | +₹2.83 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹104.40 | +₹2.85 |
तिरुवनंतपुरम और हैदराबाद जैसे शहरों में डीजल का दाम ₹100 प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है। वहीं चंडीगढ़ में सबसे कम कीमत ₹89.47 प्रति लीटर दर्ज की गई।
आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?
डीजल सिर्फ वाहनों का ईंधन नहीं है, बल्कि देश की लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की रीढ़ माना जाता है। ट्रक, बस, कृषि मशीनें और माल ढुलाई का बड़ा हिस्सा डीजल पर निर्भर करता है। ऐसे में डीजल महंगा होने का असर कई जरूरी चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रहती है तो सब्जियों और फल की ढुलाई महंगी हो सकती है बस और ट्रांसपोर्ट किराया बढ़ सकता है, ऑनलाइन डिलीवरी और ई-कॉमर्स लागत बढ़ सकती है निर्माण सामग्री और FMCG उत्पाद महंगे हो सकते हैं किसानों की लागत बढ़ सकती है.
रोजाना कैसे तय होती हैं कीमतें?
भारत में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियां हर सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई कीमत जारी करती हैं। इसमें कई फैक्टर शामिल होते हैं अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर, केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स, फ्रेट और डीलर कमीशन हर राज्य में VAT अलग होने की वजह से शहरों के बीच कीमतों में अंतर दिखाई देता है।
आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल दोनों के दामों पर दबाव बना रह सकता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तेल कंपनियां फिलहाल अंतरराष्ट्रीय कीमतों को धीरे-धीरे पास ऑन कर रही हैं।
हालांकि, केंद्र सरकार टैक्स में कटौती या तेल कंपनियों को राहत देकर कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर सकती है। इससे पहले भी सरकार कई बार एक्साइज ड्यूटी कम कर आम उपभोक्ताओं को राहत दे चुकी है।
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