केंद्र सरकार द्वारा सोना और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी के बाद बुधवार, 13 मई 2026 को कमोडिटी और ETF बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। सरकार ने सोना-चांदी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया, जिसके बाद घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछाल आ गया। इसका सबसे बड़ा फायदा गोल्ड और सिल्वर ETF निवेशकों को मिला।
बाजार खुलते ही कई गोल्ड ETF और सिल्वर ETF में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कुछ ETF में शुरुआती कारोबार के दौरान 10% से 15% तक की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली जारी रही।
क्यों बढ़े Gold और Silver ETF?
दरअसल भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। जब सरकार इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाती है, तो विदेशी बाजार से सोना-चांदी मंगाना महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से:
- घरेलू बाजार में गोल्ड और सिल्वर महंगे हो जाते हैं
- ETF की NAV तेजी से बढ़ती है
- निवेशक physical gold की जगह ETF की ओर शिफ्ट होते हैं
- MCX और bullion market में speculative buying बढ़ जाती है
यही वजह रही कि बुधवार को गोल्ड और सिल्वर आधारित ETF में अचानक तेज उछाल देखने को मिला।
किस ETF में कितनी तेजी आई?
Gold ETF Top Gainers
बुधवार सुबह बाजार खुलते ही गोल्ड ETF में तेज खरीदारी शुरू हो गई। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार:
| Gold ETF | तेजी |
|---|---|
| Quantum Gold Fund | लगभग 15% |
| Tata Gold ETF | करीब 12% |
| Zerodha Gold ETF | लगभग 9% |
विशेषज्ञों का कहना है कि ETF में तेजी सिर्फ सोने की कीमत बढ़ने से नहीं आई, बल्कि panic buying और safe haven demand भी बड़ी वजह रही।
Silver ETF में भी जबरदस्त उछाल
सोने के साथ-साथ सिल्वर ETF में भी निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी।
| Silver ETF | तेजी |
|---|---|
| HDFC Silver ETF | टॉप गेनर |
| UTI Silver ETF | तेज उछाल |
| अन्य सिल्वर ETF | 10% तक तेजी |
सिल्वर ETF में तेजी की एक वजह इंडस्ट्रियल डिमांड भी मानी जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और EV सेक्टर में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है।
MCX पर रिकॉर्ड तेजी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोना और चांदी में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला। जून डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम 11,000 रुपये से ज्यादा उछला, जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 22,000 रुपये तक चढ़ गई कमोडिटी बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तेजी केवल ड्यूटी बढ़ने का असर नहीं थी। वैश्विक बाजार में geopolitical tension, डॉलर की कमजोरी और सुरक्षित निवेश की मांग भी बड़ी वजह रही।
ज्वेलरी स्टॉक्स क्यों टूटे?
एक तरफ ETF निवेशकों की चांदी हुई, वहीं दूसरी तरफ ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट जारी रही। बाजार विश्लेषकों के अनुसार: महंगा सोना → ज्वेलरी डिमांड पर दबाव, शादी सीजन में खरीदारी कमजोर पड़ने का डर, inventory cost बढ़ने की चिंता, margin pressure इसी वजह से पिछले तीन कारोबारी सत्रों में कई ज्वेलरी स्टॉक्स में 20% तक की गिरावट देखी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्वेलरी कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 60,000 करोड़ रुपये तक घट गया।
पीएम मोदी की अपील का भी असर?
बाजार में यह चर्चा भी तेज रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील का असर ज्वेलरी सेक्टर पर पड़ा है। हालांकि ETF और bullion market में निवेशकों की खरीदारी बढ़ती दिखाई दी।
विश्लेषकों का कहना है कि physical gold demand और investment demand दोनों अलग-अलग व्यवहार करती हैं। ऐसे समय में कई निवेशक physical jewellery की बजाय ETF को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि storage risk नहीं, purity concern नहीं, liquidity ज्यादा, आसानी से trading संभव.
क्या अभी Gold ETF में निवेश करना सही है?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा तेजी के बाद short-term volatility बढ़ सकती है। लेकिन लंबी अवधि में:
- global uncertainty
- inflation concerns
- central bank buying
- geopolitical risk
जैसे कारक सोने और चांदी को support दे सकते हैं। हालांकि निवेशकों को ऊंचे स्तर पर जल्दबाजी में entry लेने से बचने और SIP या staggered investment strategy अपनाने की सलाह दी जा रही है।
ETF और Physical Gold में क्या अंतर?
| ETF | Physical Gold |
|---|---|
| Demat में रहता है | घर/लॉकर में रखना पड़ता |
| Purity issue नहीं | purity concern संभव |
| Liquidity ज्यादा | resale charges |
| Making charges नहीं | making charges लगते हैं |
| Market-linked pricing | ज्वेलरी premium शामिल |
इसी वजह से युवा निवेशकों में गोल्ड ETF की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
निष्कर्ष
सरकार द्वारा इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले ने पूरे bullion और ETF बाजार की तस्वीर बदल दी है। जहां एक ओर गोल्ड और सिल्वर ETF निवेशकों को एक ही दिन में बड़ा फायदा मिला, वहीं दूसरी ओर ज्वेलरी कंपनियों पर दबाव बढ़ गया।
बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों में volatility बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए diversified investment strategy अपनानी चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
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