भारत अब केवल मसाले, चावल और चीनी का ही नहीं, बल्कि नारियल उत्पादन का भी वैश्विक सुपरपावर बन चुका है। दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक देश बनने के साथ भारत का नारियल अब अमेरिका से लेकर UAE तक तेजी से पहुंच रहा है। नारियल पानी, नारियल तेल, कॉयर और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की बढ़ती वैश्विक मांग ने इस सेक्टर को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में भारत ने करीब 2020 करोड़ नारियल का उत्पादन किया, जो वैश्विक उत्पादन का 30 फीसदी से अधिक हिस्सा माना जा रहा है। यही नहीं, भारत की नारियल उत्पादकता भी काफी मजबूत रही और FY25 में यह 9,249 नट्स प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई।
दिलचस्प बात यह है कि नारियल की खेती केवल कृषि तक सीमित नहीं है। यह देश में 1.2 करोड़ से ज्यादा लोगों की आजीविका से जुड़ी हुई है। दक्षिण भारत के कई राज्यों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नारियल उद्योग रीढ़ की तरह काम करता है।
तमिलनाडु बना देश का नंबर-1 नारियल उत्पादक राज्य
FY25 में तमिलनाडु ने नारियल उत्पादन में बड़ा उलटफेर करते हुए कर्नाटक को पीछे छोड़ दिया। तमिलनाडु ने इस दौरान 625.2 करोड़ नारियल का उत्पादन किया और देश में पहले स्थान पर पहुंच गया।
पिछले वित्त वर्ष FY24 में कर्नाटक शीर्ष पर था, लेकिन इस बार तमिलनाडु ने मजबूत उत्पादन के दम पर बाजी मार ली।
विशेषज्ञों के मुताबिक बेहतर सिंचाई नेटवर्क, उच्च उत्पादकता वाले पौधों का इस्तेमाल और बेहतर कृषि प्रबंधन तमिलनाडु की सफलता की बड़ी वजह रहे हैं।
भारत के टॉप 10 नारियल उत्पादक राज्य
| रैंक | राज्य | उत्पादन (करोड़ में) |
|---|---|---|
| 1 | तमिलनाडु | 625.2 |
| 2 | कर्नाटक | 549 |
| 3 | केरल | 515 |
| 4 | आंध्र प्रदेश | 173.5 |
| 5 | पश्चिम बंगाल | 42.68 |
| 6 | ओडिशा | 40 |
| 7 | गुजरात | 26.10 |
| 8 | असम | 12.6 |
| 9 | महाराष्ट्र | 11.45 |
| 10 | त्रिपुरा | 2 |
दक्षिण भारत क्यों बना नारियल का सबसे बड़ा केंद्र?
भारत में नारियल उत्पादन मुख्य रूप से दक्षिणी राज्यों में केंद्रित है। इसकी सबसे बड़ी वजह वहां की जलवायु और समुद्री आर्द्रता है।
प्रमुख कारण:
- गर्म और आर्द्र मौसम
- लंबी तटीय रेखा
- पर्याप्त बारिश
- उपजाऊ मिट्टी
- सालभर खेती के अनुकूल वातावरण
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक दशकों से नारियल उत्पादन के पारंपरिक केंद्र रहे हैं। हालांकि अब आंध्र प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में भी उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है।
दुनिया भर में बढ़ रही भारतीय नारियल पानी की मांग
भारत अब केवल कच्चे नारियल का ही नहीं, बल्कि प्रोसेस्ड और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स का भी बड़ा निर्यातक बन रहा है। भारत 140 से अधिक देशों को नारियल और उससे जुड़े उत्पाद निर्यात करता है। प्रमुख आयातक देशों में शामिल हैं UAE, USA, वियतनाम, बांग्लादेश, मलेशिया विशेषज्ञों के मुताबिक हेल्दी ड्रिंक के रूप में नारियल पानी की बढ़ती लोकप्रियता ने वैश्विक मांग को तेजी से बढ़ाया है। अमेरिका और यूरोप में इसे प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक के तौर पर देखा जा रहा है।
केवल नारियल नहीं, इससे जुड़ी पूरी अर्थव्यवस्था है विशाल
नारियल उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देता है। अनुमान है कि यह सेक्टर देश की GDP में लगभग ₹30,750 करोड़ का योगदान करता है। इस उद्योग से 1 करोड़ से ज्यादा किसानों को रोजगार मिलता है, 15,000 से अधिक कॉयर आधारित उद्योग जुड़े हैं लाखों लोगों को प्रोसेसिंग और ट्रेडिंग में रोजगार मिलता है
किन उत्पादों में होता है इस्तेमाल?
नारियल केवल फल नहीं है, बल्कि पूरा इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम है।
प्रमुख उत्पाद:
- खोपरा
- नारियल तेल
- कॉयर
- डेसिकेटेड कोकोनट
- नारियल पानी
- नारियल क्रीम
- कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स
- हेल्थ फूड्स
हेल्थ और ऑर्गेनिक फूड मार्केट के तेजी से बढ़ने के कारण नारियल आधारित उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
सरकार क्यों दे रही है खास फोकस?
केंद्र सरकार ने 2026-27 बजट में उच्च-मूल्य कृषि (High Value Agriculture) के लिए ₹350 करोड़ के आवंटन के तहत “Coconut Promotion Scheme” शुरू की है।
इस योजना का उद्देश्य पुराने पेड़ों को बदलना, कम पैदावार वाली खेती सुधारना, नई तकनीक अपनाना, किसानों की आय बढ़ाना विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सही निवेश और प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ता है, तो भारत वैश्विक नारियल वैल्यू चेन में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है नारियल सेक्टर?
नारियल उद्योग केवल कृषि नहीं, बल्कि:
- ग्रामीण रोजगार
- कृषि निर्यात
- फूड प्रोसेसिंग
- MSME उद्योग
- हेल्थ ड्रिंक मार्केट
इन सभी से जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में नारियल पानी और प्लांट-बेस्ड हेल्थ प्रोडक्ट्स की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में भारत के पास बड़ा निर्यात अवसर मौजूद है।
क्या भारत दुनिया का सबसे बड़ा नारियल ब्रांड बन सकता है?
फिलहाल भारत उत्पादन में दुनिया में नंबर-1 है, लेकिन वैल्यू-एडेड ग्लोबल ब्रांडिंग में अभी फिलीपींस, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों की मजबूत पकड़ है। अगर भारत प्रोसेसिंग बढ़ाए, ब्रांडिंग मजबूत करे, एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारे, प्रीमियम हेल्थ मार्केट को टारगेट करे तो आने वाले वर्षों में भारतीय नारियल उद्योग वैश्विक बाजार में और बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।
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